केवल प्रेम और मृत्यु ही सब वस्तुओं को बदलते हैं

13 अक्तूबर 2016   |  आलोक सिन्हा   (154 बार पढ़ा जा चुका है)

मेरा घर मुझसे कहता है --`` मुझे मत छोड़ | क्योंकि तेरा अतीत यहीं है | `` और मेरा रास्ता मुझसे कहता है --`` मेरे पीछे पीछे चल | क्योंकि मैं तेरा भविष्य हूँ |``

पर मैं अपने घर और रास्ते से कहता हूँ ---`` मेरा न कोई अतीत है और न कोई भविष्य | यदि मैं यहाँ ठहरूं तो ठहरने से मेरा चलना है और यदि मैं चलूँ तो मेरा चलना ही मानो मेरा ठहरना है | इस विश्व में केवल प्रेम और मौत ही सब वस्तुओं को बदलते हैं |


खलील जिब्रान

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