भारत में इन महर्षियों ने कर दिए थे हजारों साल पहले अविष्कार

27 अक्तूबर 2016   |  जीतेन्द्र कुमार शर्मा   (73 बार पढ़ा जा चुका है)


आचार्य कणाद


अगर बात परमाणु की आती है तो आज के लोग सिर्फ जोंनडाल्टन की बात करते है पर यह सत्य है की आचार्य कणाद ने हजारों साल पहले ही इस रहस्य को उजागर कर दिया था की द्रव्य के परमाणु होते है |


भास्कराचार्य


जब बात गुरुत्वाकर्षण शक्ति की होती है तो सब न्यूटन को याद करते है पर बहुत कम लोग जानते है की गुरुत्वाकर्षण का रह्स्स्य महर्षि भास्कराचार्य ने हजारो साल पहले ही बता दिया था | उन्होंने अपने ग्रन्थ ‘सिद्धांतशिरोमणि’ में बताया है की पृथ्वी किसी भी आकाशीय पदार्थ को अपनी और खींचती है |


आचार्य चरक


आचार्य चरक एक पहुंचे हुए वैद्य भी थे और उन्होंने चरकसहिंता आयुर्वेद ग्रन्थ का भी निर्माण किया | चरक ने बहुत से रोगों का निदान हजारों साल पहले ही लिख दिया था जैसे .डायबिटीज, हृदय रोग व क्षय रोग आदि का निदान सम्भव है|


भारद्वाज


अब बात आती है की वायुयान का निर्माण किसने किया तो सब कहेगे की राईट बंधुओ ने वायुयान का निर्माण किया है तो यह गलत है क्योकि हजारों साल पहले भारद्वाज नामक महर्षि ने अपने एक विमानशास्त्र में यह लिखा है की वो एक ग्रह दुसरे ग्रह तक जाने के लिए एक अन्य विमान का प्रयोग करते थे इसी लिए उन्हें विमान के निर्माता भी कहा जाता है


कण्व


प्राचीन काल में महर्षि कण्व का नाम बहुत विख्यात था और कहा जाता है की इनके आश्रम में राजा दुष्यंत की पत्नी और उनके बेटे भरत रहे थे और उन्ही के नाम से हमारे देश का नाम भारत पड़ा |


कपिल मुनि


इन्हें भगवान के ५वे अवतार भी माना जाता है , इनका पिता कर्दम ऋषि थे इनकी माता देवहुति ने विष्णु के समान पुत्र चाहा.. और इनकी माता बहुत पुण्यवान थी इस लिए भगवान ने खुद उनके गर्भ से जन्म लिया था | कपिल मुनि ‘सांख्य दर्शन’ के प्रवर्तक माने जाते है |


पंतजलि


आज कैंसर और अनेक रोगों ने इंसान को घेर रखा है और किसी भी प्रकार अनेक दवाइयों से कर्क रोग (केंसर) का उपचार सम्भव नहीं है , पर आज से हजारों साल पहले महर्षि पंतजलि ने ऐसे योग बताये जिनसे कर्क रोग का निवारण हो जाता है |


महर्षि सुश्रुत


अगर आज ओपरेशन हो रहा है तो सिर्फ सुश्रुत की वजह से महर्षि सुश्रुत एक बहुत ही अच्छे सर्जन माने जाते है | और इन्होने अपने ग्रन्थ ‘सुश्रुतसहिंता’ में उन सब उपकरनो और शल्यक्रिया करने से पहले की जाने वाली तेयारी के बारे में बताया है |

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