आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x

कहानी एक बहादुर महिला कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी की जो आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गईं

25 फरवरी 2017   |  प्रियंका शर्मा

कहानी एक बहादुर महिला कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी की जो आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गईं

आपको 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले का दिन याद होगा। कैसे इस घटना के बाद देश में एक गुस्सा फूट पड़ा था। इस हमले में आतंकवादी नाकाम हो गए। हमारे सुरक्षा बलों ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और उनके मकसद को कामयाब नहीं होने दिया। इस हमले में 13 जवान और 1 माली की मौत हो गई।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसने इन आतंकवादियों का सामना सबसे पहले किया वो कौन था? वो थीं कमलेश कुमारी, एक महिला कॉन्स्टेबल।

कमलेश कुमारी

जिस वक़्त ये आतंकवादी संसद परिसर में दाखिल हुए, सबसे पहले कमलेश कुमारी ने ही उन्हें देखा। कमलेश सीआरपीएफ़ की महिला कॉन्स्टेबल थीं। उस वक़्त महिला कॉन्स्टेबल को कोई राइफल या हथियार नहीं दिया जाता था। कमलेश के पास उस समय सिर्फ़ एक वॉकी-टॉकी था।

कमलेश बिना हथियार के कुछ नहीं कर सकती थीं ऐसे में उन्होंने तुरंत ही अपने साथी सिपाही सुखवीर सिंह को ज़ोर से आवाज़ लगाई और उन्हें आगाह कर दिया। लेकिन तब तक उनके पेट में गोली लग चुकी थी जिस वजह से कमलेश की मौके पर ही मौत हो गई।

उप राष्ट्रपति की कार

इससे पहले उप राष्ट्रपति की कार ने इन आतंकवादियों का रास्ता रोका था। उस वक़्त उसमें राष्ट्रपति नहीं थे। आतंकवादियों ने उनकी कार उस कार से टकरा दी थी। इस वजह से मजबूरन उन्हें अपनी गाड़ी को छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा।

चार में से पांच आतंकवादी ऐसे एके-47 लेकर बाहर आए और एक ने अपने शरीर पर बम लगा रखे थे। ये फिदाइन रास्ते में ही गिर गया और बम फट गया जिससे कि एक बड़ा हादसा होने से बच गया। वैसे तो संसद को 40 मिनट पहले ही स्थगित कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद अन्दर कई बड़े नेता मौजूद थे।

अशोक चक्र

इनमें एल. के. आडवाणी, जसवंत सिंह और कई एमपी थे। कमलेश कुमारी ने अपनी बहादुरी से कई नेताओं की जान बचाई। कमलेश अपने पीछे 2 बच्चियों को छोड़ गईं। कमलेश को उनकी बहादुरी के लिए अशोक चक्र से नवाज़ा गया। कमलेश इस अवॉर्ड को हासिल करने वाली पहली महिला पुलिसकर्मी हैं।

हमें उम्मीद है कि कमलेश कुमारी सभी महिलाओं के लिए एक उदाहरण हैं। इससे एक बात तो साफ़ हो जाती है कि महिलाएं किसी से कम नहीं होतीं। बस हौसले की ज़रूरत होती है।



http://www.firkee.in/feminism/story-of-kamlesh-kumari-who-fought-terrorists-during-parliament-attack?pageId=3


Kokilaben Hospital India
08 मार्च 2018

We are urgently in need of kidney donors in Kokilaben Hospital India for the sum of $450,000,00,For more info
Email: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
WhatsApp +91 779-583-3215

अधिक जानकारी के लिए हमें कोकिलाबेन अस्पताल के भारत में गुर्दे के दाताओं की तत्काल आवश्यकता $ 450,000,00 की राशि के लिए है
ईमेल: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
व्हाट्सएप +91 779-583-3215

रेणु
25 फरवरी 2017

वीरांगना कमलेश कुमारी की शहादत को कोटि - कोटि नमन --

धन्यवाद आपका

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
लोकप्रिय प्रश्न