मे हूँ अनपढ!

07 मार्च 2017   |  सुरेश भारद्वाज   (80 बार पढ़ा जा चुका है)

अनपढ लोगो की वजह से ही हमारी मातृभाषा बची हुई हैं,
वरना पढे हुए कुछ लोग तो राम राम बोलने में भी शरमाते हैं ।।
#जय_श्रीराम

अगला लेख: राम राम जी।



धन्यवाद रेणु जी।

रेणु
09 मार्च 2017

सुरेश जी ,आपने गागर में सागर भर दिया आपके इस छोटे से वाक्य में कथित अनपढ़ लोगों के प्रति एक बहुत बड़ी शुभकामना है -- | उनके मौखिक जीवन अनुभव और लोक कलाओं पर ज्ञान भावी पीढ़ी को अनायास बहुत कुछ दे जाते हैं

Kanhaiya Dubey
07 मार्च 2017

bahut badiya

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