लड़का बिकाऊ है

08 मार्च 2017   |  जयति जैन " नूतन "   (408 बार पढ़ा जा चुका है)

लड़का बिकाऊ  है

लड़का अधिकारी था, मां-बाप के रंग-ढंग बदल गये थे ! शादी के लिये लड़के की बोलिया लगने लगी थी, जो 40 लाख देगा वो अपनी लड़की ब्याह सकता है, जो 60 लाख देगा लड़का उसके घर का दामाद बन जायेगा, जो 1 करोड देगा लड़का उनका ! समझ नहीं आता कि वो लड़का वाकई अधिकारी था या भिखारी, जो खुद सक्षम था और दूसरे के सामने पैसो के लिये मुंह फाड़ रहा था और घरवालों से भीख मगां रहा था ! उसे और उसके घरवालों को इससे मतलब नहीं कि लड़की सर्वगुण संपन्न है, उसकी अपनी पहचान है ! सभी उसकी तारीफ़ करते हैं, उन्हे बस पैसा चाहिये था, चाहे फ़िर लड़की घर को भले ना सम्भाले, उसके मां-बाप को इज़्जत ना दे! चाहे लड़के की जिन्द्गी उसके नाज़-नस्क उठाते-उठाते गुजरे ! अरे भाई लड़की के बाप ने 60 लाख दिये, क्युं करेगी लड़की तुम्हारे घर का काम, कोई नौकरानी थोडे है ! अगले 50 सालों का ब्याज सहित पैसा भरा है, बेटी को रानी की जिन्द्गी देने के लिये ! क्युं सुनेगी वो तुम्हारे ताने, तुमने मुह खोल के जितना भाव लगाया उतना तुमको मिल गया, अब जिन्द्गी भर मुंह बंद रखना पडेगा क्युकिं मुंह में इतना ठूस दिया है कि तुम मेरी बेटी की गलती पे मुंह नहीं खोल पाओगे ! वो शादी नहीं सौदा हुआ था, बेटे के भाव लगे मुह मान्गे दाम मिले, और बेटी अपने साथ सोने चान्दी के ढेर लायी तो ऐश करना स्वाभाविक है ! वहीं अगर बिना दाम लिये वही लडकी को लक्ष्मी समझकर लाते तो वही लक्ष्मी धन की देवी के साथ, स्नेह-प्रेम की प्रतिमुर्ति का परिचय देती ! भले मां-बाप धन्वाण हैं लेकिन ससुराल वाले बिना मांग के साथ लाये हैं तो सास-ससुर व पति के लिये अपने को निसार करने में क्या दिक्कत ! खुशी-खुशी खुद को समर्पित कर देगी वह, उसके पिता का मान रखाथा तुमने तो तुम्हारे पिता को सम्मान देना उसका कर्तव्य है और वो उसका निर्वाह भी करेगी ! लेकिन लेकिन लेकिन भिखारी की तरह हाथ फैलाये तो और बोलिया लगाई तो सोच लेना! पैसा तो भले हाथ आये लेकिन इज़ज़त... ?


- जयति जैन, रानीपुर झांसी

लड़का बिकाऊ  है

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जयति जैन " नूतन "

युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक, बेबाक , स्वतंत्र लेखिका जयति जैन "नूतन"1: जन्म - 01-01-19922: जन्म / जन्म स्थान - रानीपुर जिला झांसी 3: स्थायी पता- जयति जैन "नूतन ", 441, सेक्टर 3 , शक्तिनगर भोपाल , पंचवटी मार्केट के पास ! pin code - 4620244: ई-मेल- Jayti.jainhindiarticles@gmail.com5: शिक्षा /व्यवसाय- डी. फार्मा , बी. फार्मा , एम. फार्मा ,/ फार्मासिस्ट , लेखिका6: विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे 7: प्रकाशित रचनाओं की संख्या- 350 से ज्यादा रचनायें समाचार पत्रों व पत्रिकाओ में प्रकाशित 8: प्रकाशित रचनाओं का विवरण - वर्तमान लेखन: सामाज़िक लेखन, दैनिक, साप्ताहिक अख्बार, पत्रिकाये , चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर !9: सम्मान- "विश्व हिंदी रचनाकार मंच" द्वारा संचालित "रचनाकार प्रोत्साहन योजना" के अन्तर्गत "श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान" से सम्मानित != B - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित != C- भारत के युवा कवि कवियत्री के तहत JMD पब्लिकेशन (दिल्ली ) दुआरा श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान से सम्मानित ।10: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " 11:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव !12: साझा काव्य संग्रहA- मधुकलश B- अनुबंधC- प्यारी बेटियाँD- किताबमंच E- आगामी काव्य संग्रह - भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ एवं कुछ अन्य ।13: अनगिनत ऑनलाइन व ऑफलाइन पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित हो रही हैं रचनाएँ ।14- रानीपुर (जिला झांसी उप्र) की पहली लेखिका होने का गौरव ।15- लेखन के क्षेत्र में 2010 से अब तक ।---- " आप गूगल पर जयति जैन नूतन या जयति जैन रानीपुर डाल कर कुछ रचनाये सर्च कर सकते हैं । " ----

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उम्दा लेख, सार्थक सोच समाज को शिक्षा देती हुई' आभार "एकलव्य"

महेश बारमाटे
18 अप्रैल 2017

सार्थक सोच को प्रदर्शित करता लेख, सुन्दर

जयति जैन ( नूतन)
10 सितम्बर 2017

शुक्रिया

अलोक सिन्हा
14 मार्च 2017

बहुत अच्छा लेख है यह आपका | इसमें कड़वी सच्चाई भी है और सामाजिक मानसिकता की वास्तविकता भी |पता नहीं लड़के समर्थ हो जाने पर भी इसका विरोध क्यों नहीं कर पाते हैँ |

जयति जैन ( नूतन)
10 सितम्बर 2017

शुक्रिया

एक कड़वा सच बयान करता लेख

जयति जैन ( नूतन)
10 सितम्बर 2017

शुक्रिया

Narendra Keshkar
08 मार्च 2017

काश लोगों को इतनी समझ आ जाती तो ये समस्या ही नहीं होती पर दहेज़ देना गुनाह है इन लोगों की नज़रों में पर दहेज़ लेना गुनाह नहीं है. सब व्यापार हो गया है. क्या कोई ऐसा बचा है जो वाकई में धन-दौलत का सहीं मतलब जानता हो?

जयति जैन ( नूतन)
10 सितम्बर 2017

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