कहीं मत जाना तुम -- कविता

19 मार्च 2017   |  रेणु   (573 बार पढ़ा जा चुका है)

कहीं   मत जाना तुम -- कविता

बिनसुने - मन की व्यथा --

दूर कहीं मत जाना तुम !

किसने - कब- कितना सताया -

सब कथा सुन जाना तुम ! !

जाने कब से जमा है मनमे --

दर्द की अनगिन तहें ,

जख्म बन चले नासूर अब तो -

लाइलाज से हो गए ;

मुस्कुरा दूँ मैं जरा सा --

वो वजह बन जाना तुम ! !

रोक लूंगी मैं तुम्हे -

किसी पूनम की चाँद रात में ,

उस पल में जी लुंगी मैं-

उम्र सारी - तुम्हारे साथ में ;

नील गगन की छांव में बस -

मेरे साथ जगते जाना तुम !

एक नदी बाहर है -

इक मेरे भीतर थमी है ,

खारे जल की झील बन जो -

कब से बर्फ सी जमी है ;

ताप देकर स्नेह का -

इसको पिंघला जाना तुम ! !

साथ ना चल सको -

मुझे नहीं शिकवा कोई ,

मेरे समानांतर ही कहीं -

चुन लेना सरल सा पथ कोई ;

निहार लूंगी मैं तुम्हे बस दूर से -

मेरी आँखों से कभी- ओझल ना हो जाना तुम ! !

बिनसुने -- मन की व्यथा -

दूर कहीं मत जाना तुम ! ! !


अगला लेख: गंगा -- यमुना कब ना थी ज़िंदा इकाई ?


बहुत अच्छी रचना है।

रेणु
12 जुलाई 2017

नृपेन्द्र जी आभारी हूँ आपकी

स्नेह में पूर्णतः समर्पित एवं उसे बिना किसी बंधन में बाँधे....प्रेम के निःस्वार्थ त्याग-भाव को दर्शाती उत्तम अभिव्यक्ति ...बहुत बढ़िया

वाह क्या बात है....दर्द की अनगिन तहें......ज़ख़्म बन चलें नासूर अब तो.......एवं.....एक नदी बाहर है.....इक मेरे भीतर थमी है. ....ताप देकर स्नेह का.....इसको पिघला जाना तुम,...बिनसुने मन की व्यथा......,....क्षितिज से परे प्रेम के निःस्वार्थ त्याग- भाव के एक अलग ही स्तर को छूती....हृदयस्पर्शी रचना....आदरणीया रेणु जी

वाहहहह दीदी बहुत ही ह्रदय स्पर्शी है,

रेणु
11 जुलाई 2017

धन्यवाद प्रिय हेम --

निहार लूंगी मैं तुम्हे बस दूर से - मेरी आँखों से कभी- ओझल ना हो जाना तुम ! ! बिनसुने -- मन की व्यथा - दूर कहीं मत जाना तुम ! ! !

रेणु
11 जुलाई 2017

आदरणीय पुरुषोत्तम जी बहुत आभारी हूँ कि आपने रचनाएं पढ़ी ----

बहुत

Sanjay jaiswal
28 जून 2017

एक तरफा प्रेम की पराकाष्ठा है। बहुत खूब... प्रेम तो बस प्रेम है, निश्छल और अपेक्षा रहित।

रेणु
12 जुलाई 2017

आभार आपका महेश जी

महेश बारमाटे
16 अप्रैल 2017

सुन्दर, बहुत खूब...

रेणु
20 अप्रैल 2017

आभार -----------

इंजी. बैरवा
03 अप्रैल 2017

सुन्दर रचना. ..

ममता
02 अप्रैल 2017

वेरी गुड

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