बस है यही दुआ

25 अप्रैल 2017   |  Karan Singh Sagar ( डा. करन सिंह सागर)   (82 बार पढ़ा जा चुका है)

बस है यही दुआ उस ख़ुदा से कि

तेरे आँसू बहे मेरी आँखों से

तेरा दर्द महसूस हो मुझे

तेरा हर ग़म मिल जाए मुझे

मेरे होठों की मुस्कान

हो तेरे चेहरे पर

मेरी क़िस्मत में लिखी

ख़ुशी पर तेरा इख़्तियार हो

मेरी शोहरत पर लिखा तेरा नाम हो

बस है यही दुआ उस ख़ुदा से


२३ अप्रेल २०१७

बॉज़ल

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रेणु
26 अप्रैल 2017

bahut hee. mrmsprshi. rachna hai. Karan ji bahut. shubhkamna

Karan Singh Sagar
03 मई 2017

बहुत धन्यवाद

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