हम से है जमाना

05 मार्च 2015   |  pradeep   (319 बार पढ़ा जा चुका है)

है फ़िक्र किसी को आने वाले ज़माने का , किसी को है गम गुजरे ज़माने का .


हम को तो ख़ुशी है ,हमसे है जमाना , ज़माने से हम नही, चाहे हो कोई भी जमाना .


ना कल कोई साथ था , ना कल कोई होगा , आज है साथ तुम्हारा यही तो है हमारी ख़ुशी का खजाना .


तुम्हारी ख़ुशी में ही ख़ुशी अपनी है , तुम्हारा गम ही तो गम हमारा है ,


तुमसे है हम और हमसे जमाना है .और जब तक है साथ बस तबतक ही जमाना है .




अगला लेख: शायरी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x