इबादत

24 मई 2017   |   कुँवर दीपक रावत   (142 बार पढ़ा जा चुका है)

जलते हुए शोलों से दोस्ती कर ली !

खुद खाक होने की, साज़िश कर ली !!


इन सर्द बर्फ़ीली हवाओं में, वो बात कहाँ !

एक धूप की ख्वाहिश में, रोशनी कर ली !!


तेरे दामन में, या मेरे आशियाने में !

एक बूँद की चाहत में, बारिश कर ली !!


वो तो नहीं हुआ जो, दिल की आरज़ू थी !

हर शाम तेरी आहट पे, तसल्ली कर ली !!


हर बात से नाराज़, और खफा हुए !

हर बार समझने की, कोशिश कर ली !!


ना समझ पाएँगे लोग, इस बात का मतलब !

यह सोच के हर बार, राहत कर ली !!


कुछ माँगने की आदत, कभी थी नहीं हमारी !

तेरी खुशी समझकर, इबादत कर ली !!


- कुँवर दीपक रावत

अगला लेख: वीर जवान



वाह वाह क्या बात है

धन्यवाद

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
24 मई 2017
वो लम्हे कहाँ फ़ुरसत के, वो पल कहाँ राहत के !अब इंतेज़ार है और ख़्वाहिश है, वो निशान कहाँ हसरत के !!कभी सबको साथ लेकर चलने की आदत थी दोस्तो !अब ख़बर नहीं कहाँ है, वो फसाने लड़कपन के !!कभी चाहत पे दुनिया का हर
24 मई 2017
21 मई 2017
तेरी तक़दीर का दोष नहींहै मेरी क़िस्मत का क़सूर तेरी तक़दीर में तो हम शामिल थेहमारी क़िस्मत में मगर तेरा साथ ना था तेरे नसीब ने तो मिलाया था हमें हमारे मुक़द्दर ने ही तुझ से बिछड़ने पर मजबूर कर किया ना तेरा ज़ोर चला अपने भाग्य पर ना मैं अपनी नियति बदल पाया अब तो इसी उम्मीद पर ज़िंदा हूँकी कभी तो जोड
21 मई 2017
21 मई 2017
नेह भरीपाती अब नहीं आती. गुप्तवास में माँ की लोरीगूंगी बहरी चैती होरी सुखिया दादी परातीअब नहीं गाती अंगनाई की फट गई छातीचूल्हे चौकों कीबँट गई माटीपूर्वजों कीथाती अब
21 मई 2017
15 मई 2017
तु
कभी बनारस की सुबह बन जाती हो। तो भोपाल की शाम हो जाती हो। तुम रास्तें के दृश्य हो या, दोनों पर एक आसमां। तुम चेतन की किताब का किरदार तो नहीं हो, तुम जो हो हमेशा हो। चार कोनो में नहीं होती तुम, तुमने ही तुम्हें रचा हैं। अब प्रेम का क्या वर्णन करूँ, मेरा प्रेम तो तुम्ह
15 मई 2017
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x