तेरा रंग अभी तक बाकी है

24 मई 2017   |   कुँवर दीपक रावत   (115 बार पढ़ा जा चुका है)

 तेरा रंग अभी तक बाकी है


अश्क तो हैं तेरी यादों के, मेरे लिए काफ़ी हैं !
कुछ गुज़रे दिन इनके सहारे, गुजर जाएँगे जो बाकी हैं !!

तेरी तस्वीर थी जो आँखों में, इसमे अब पानी का रंग शामिल है !
ये धुंधली सी हो गयी है, बस अब थोडा सा रंग बाकी है !!

मुझ पे पहले भी होता था, कुछ कुछ तेरा असर !
देख तेरी आँखों की चमक, मेरी आँखों मे अभी तक बाकी है !!

रंग का क्या है चढ़ता है, हर चीज़ पे बेपरवाही से !
देख मेरे चेहरे को, तेरा रंग अभी तक बाकी है !!

सोचता हूँ तू पूछेगा, हाल जब आकर मेरा !
तब खुद ही देख लेना, तेरे बिना क्या बाकी है !!

गम नहीं इस इंतेज़ार में, बीत जाए चाहे सदिया !
एक सांस अभी अटकी है, एक सांस अभी बाकी है !!

आर्शो फर्श ना समझता था, ना समझूंगा ए मौला !
मेरे लिए जो भला है, तेरा शुक्र मेरे साकी है !!

Tera Rang Abhi Tak Baki Hai – Kunwar Deepak Rawat (कुँवर दीपक रावत)

https://deepakrawat.wordpress.com/mypoems/tera-rang-abhi-tak-baki-hai/

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बहुत बढ़िया

धन्यवाद शर्मा जी

रेणु
24 मई 2017

क्या बात है बहुत सुन्दर रचना ! ! -- शुभकामना

धन्यवाद, रेणु जी

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