वो मुस्कुरा रहे हैं पर,

03 जून 2017   |  Karan Singh Sagar ( डा. करन सिंह सागर)   (95 बार पढ़ा जा चुका है)

वो मुस्कुरा रहे हैं पर,

आँखें कुछ और ही बयान कर रही हैं

दुनिया के लिए खुश है,

पर दुखों का सागर दिल में छुपा रखा है

पूँछा जब उनसे इसका सबब,

तो बोले इसको छुपा ही रहने दीजिए

हुमने कहा उनसे,

माना की सब आपकी निगाहो, पढ़ नहीं सकते

पर जो समझते हैं दिल का हाल

उनके सामने इन निगाहों को भी मुस्कुराना सिखा दीजिए

३१ मई २०१७

जिनेवा

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