जिस दिन ये तीन लोग मिल जाएगे उस दिन मेरे भारत मेँ रेप होना बंद हो जाएंगे

18 मार्च 2015   |  RADHE SHYAM MALI   (136 बार पढ़ा जा चुका है)

एक लङकी थी रात को आँफिस से वापस लोट रही थी तो देर भी हो गई थी... पहली बार ऐसा हुआ ओर काम भी ज्यादा था तो टाइम का पता ही नही चला वो सीधे auto stand पहुँची.  वहाँ एक लङका खङा था वो लङकी उसे देखकर डर गई की कही उल्टा सीधा ना हो जाए तभी वो लङका पास आया ओर कहा बहन तू मौका नही जिम्मेदारी हे मेरी ओर जब तक तुझे कोई गाङी नही मिल जाती मैँ तुम्हे छोङकर कहीँ नही जाउँगा '' dont worry. 


 वहाँ से एक ओटो वाला गुजर रहा था लङकी को अकेली लङके के साथ देखा तो तुरंत ओटो रोक दी ओर कहा कहाँ जाना हे मेडम आइये मे आपको छोङ देता हुँ.  लङकी ओटो मे बेठ गई रास्ते मे वो ओटो वाला बोला तुम मेरी बेटी जैसी हो इतनी रात को तुम्हे अकेला देखा तो ओटो रोक दी. आजकल जमाना खराब हेना और अकेली लङकी मौका नही जिम्मेदारी होती है. लङकी जहाँ रहती थी वो एरिया आ चुका था.


 वो ओटो से उतर गई ओर ओटो वाला चला गया लेकिन अब भी लङकी को दो अंधेरी गली से होकर गुजरना था. वहाँ से सिर्फ चलकर गुजरना था तभी वहाँ से पानीपुरी वाला गुजर रहा था. शायद वो भी काम से वापस घर की ओर गुजर रहा था. लङकी को अकेली देखकर कहा आओ मेँ तुम्हे घर तक छोङ देता हुँ.  उसने अपने ने ठेले को वही छोङकर एक टोर्च लेकर उस लङकी के साथ अंधेरी गली की और निकल पङा वो लङकी घर पहुँच चुकी थी.


 आज किसी की बेटी , बहन सही सलामत घर पहुँच चुकी थी मेरे भारत को तलाश हे ऐसे तीन लोगो की 

1) वो लङका जो बस स्टेड पर खङा था 

2)वो ओटो वाला ओर

3) वो पानीपुरी वाला 


जिस दिन ये तीन लोग मिल जाएगे उस दिन मेरे भारत मेँ रेप होना बंद हो जाएंगे तभी आएंगे अच्छे दिन।। धन्यवाद जय माँ भारती

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08 मार्च 2018

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मान लेना वसंत आ गया बागो में जब बहार आने लगे कोयल अपना गीत सुनाने लगे कलियों में निखार छाने लगे भँवरे जब उन पर मंडराने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !! खेतो में फसल पकने लगे खेत खलिहान लहलाने लगे डाली पे फूल मुस्काने लगे चारो और खुशबु फैलाने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !! आमो पे बौर जब आने लगे पुष्प मधु से भर जाने लगे भीनी भीनी सुगंध आने लगे तितलियाँ उनपे मंडराने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !! सरसो पे पीले पुष्प दिखने लगे वृक्षों में नई कोंपले खिलने लगे प्रकृति सौंदर्य छटा बिखरने लगे वायु भी सुहानी जब बहने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !! धूप जब मीठी लगने लगे सर्दी कुछ कम लगने लगे मौसम में बहार आने लगे ऋतु दिल को लुभाने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !! चाँद भी जब खिड़की से झाकने लगे चुनरी सितारों की झिलमिलाने लगे योवन जब फाग गीत गुनगुनाने लगे चेहरों पर रंग अबीर गुलाल छाने लगे मान लेना वसंत आ गया… रंग बसंती छा गया !!
17 मार्च 2015
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