आचार्य बालकृष्ण की पर्सनल कहानी सामने आई

22 जुलाई 2017   |  इशिता गांगुली   (493 बार पढ़ा जा चुका है)

बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण

रामदेव का नाम तब रामकिशुन होता था. किशोरावस्था में वह परिवार को बिना बताए खानपुर के गुरुकुल में भर्ती हो गए. संस्कृत की पढ़ाई के वास्ते. यहीं पर साल 1987 में उनकी मुलाकात बालकृष्ण से हुई. यानी आज से 30 साल पहले. तब से दोनों साथ हैं. आज रामदेव का जिक्र हो तो बालकृष्ण भी विमर्श में आ ही जाते हैं. मगर उनके बारे में जानकारी बहुत कम है. वह ज्यादा इंटरव्यू नहीं देते. फोटो ऑप की खोज में नहीं रहते.

उनका जिक्र जब आता है, तो विवादों के संदर्भ में. कभी यूपीए सरकार के दौरान का पासपोर्ट विवाद, कभी प्रॉडक्ट को लेकर हुए कुछ विवाद. लेकिन यहां हम आपको आचार्य बालकृष्ण की निजी जिंदगी के कुछ तथ्यों सत्यों से वाकिफ करा रहे हैं. बरास्ते कौशिक डेका की किताब. ‘द बाबा रामदेव फिनोमिना- फ्रॉम मोक्ष टु मार्केट’. इसे रूपा पब्लिकेशन ने छापा है.

आचार्य बालकृष्ण और बाबा रामदेव

पहले बालकृष्ण का बेसिक परिचय लेते हैं. और फिर कुछ रोचक फैक्ट्स.
पूरा नामः बालकृष्ण सुवेदी.
माता-पिताः सुमित्रा देवी और जय वल्लभ. दोनों नेपाल के नागरिक.
पदः पतंजलि आयुर्वेद समेत 34 कंपनियों के एमडी. पतंजलि यूनिवर्सिटी के वीसी.
पताः 200 बेड वाले पतंजिल आयुर्वेद अस्पताल में. ये बना है हरिद्वार में. अस्पताल के सामने एक 10 एकड़ की नर्सरी है, जो बालकृष्ण की फेवरिट जगह है.

वीडियो देखें:

1. दोनों के पहले गुरु एक थे. आचार्य प्रद्युम्न. जो खानपुर, हरियाणा में गुरुकुल चलाते थे. आचार्य अब वृद्ध हो चले हैं. और रामदेव, बालकृष्ण के साथ उनके हरिद्वार स्थित आश्रम में रहते हैं. जब भी इन दोनों को समय मिलता है, प्रद्युम्न संग संगत करते हैं.

2. बालकृष्ण के पिता जय वल्लभ उत्तराखंड के एक आश्रम में सिक्योरिटी गार्ड थे. फिर वह अपने देश नेपाल लौट गए. जय वल्लभ और सुमित्रा के छ बच्चे हुए. उनमें से एक थे बालकृष्ण. बाल की पैदाइश के कुछ बरस बाद वल्लभ गांव लौट गए और खेती करने लगे. उसके कुछ बरस बाद 12 साल के बालकृष्ण हरियाणा आ गए पढ़ाई के वास्ते. उन्हें शुरुआत से ही योग के आहार पक्ष और उसमें बी जड़ी बूटियों में खास दिलचस्पी थी.

3. बीच में कुछ बरस रामदेव और बालकृष्ण अलग रहे. रामदेव एक दूसरे गुरुकुल में पढ़ने चले गए. जबकि बालकृष्ण जड़ी बूटियों का अध्ययन करने गंगोत्री की तरफ निकल गए. कुछ बरस बाद रामदेव भी वहीं पहुंचे.

4. 1993 में दोनों वापस हरिद्वार लौटे. रामदेव ने योग सिखाना शुरू किया, जबकि बालकृष्ण चूरण बनाने में लग गए. पहली सफलता मिली दो साल बाद. मधुसूदन चूर्ण के जरिए. रामदेव और बालकृष्ण इसे बेचने असम गए. वहां बोडोलैंड की मांग कर रहे चरमपंथी संगठन के असर वाले जिलों में कालाजार और मलेरिया फैला था. दोनों वहां काम में जुट गए. शुरू में बोडो लोगों को लगा कि ये दोनों केंद्र सरकार के एजेंट हैं. इसाई मिशनरी भी दुश्मनी मानने लगीं. जब चूर्ण का असर दिखने लगा, तो बोडो चरमपंथियों का रुख बदल गया. फिर उन्होंने ही हिफाजत का भरोसा दिलाया.

5. रामदेव देश भर में घूमकर योग शिविर करने लगे थे. छोटे स्तर पर. उधर बालकृष्ण हरिद्वार के पास सही जगह और सही सॉल्यूशन की तलाश में थे. तब उनकी मुलाकात हुई पंडित देवी दत्त और उनके बेटे अखिलेश से. साल था 1997. इन दोनों ने बालकृष्ण को एक भस्म दी. वह इससे दवाइयां बनाने लगे. हरिद्वार के पास कनखल में. मगर बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए पैसे नहीं थे. उन्होंने गुरुनिवास आश्रम के छत्रपति स्वामी दास से उधार लिया. जल्द ही उनकी दवाइयां मशहूर होने लगीं.

6. 5 जनवरी 1995 को रामदेव और बालकृष्ण ने दिव्य फार्मेसी रजिस्टर करवाई. कनखल में चार कमरों में टिन शेड के तले पहला कारखाना बना. यहां दवाइयां बनतीं और चार वैद्यों वाला अस्पताल चलता. अब ये चार कमरे चार मंजिल की बिल्डिंग में बदल चुके हैं. दवाइयों के बाद जो पहला प्रॉडक्ट यहां से लॉन्च हुआ, वह था च्यवनप्राश.

7. इस कहानी का एक दूसरा वर्जन भी है. इसके मुताबिक रामदेव, बालकृष्ण और आचार्य कर्मवीर मिले. हरिद्वार के त्रिपुर योग आश्रम में. यहां तीनों दवाइयां तैयार करने में आश्रम प्रबंधन की मदद करते थे. फिर उनकी मुलाकात कृपाल बाग आश्रम के स्वामी शंकर देव से हुई. चारों ने मिलकर दिव्य योग मंदिर स्थापित किया. यह एक ट्रस्ट था. 9 महीने बाद बालकृष्ण ने दो कारोबारियों को बाहर कर दिया. कहा गया कि गलत काम करते हैं. फिर 1997 में साध्वी कमला को निकाला गया. फिर करमवीर को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. अब बचे तीन. उसमें भी शंकर देव ने लिख दिया. ट्रस्ट के बंटवारे की स्थिति में ट्रस्ट की संपत्ति इसी नीयत के साथ बने दूसरे ट्रस्ट को सौंप दी जाए.

8. साल 2007 में रामदेव के तीसरे और आखिरी गुरु स्वामी शंकर देव मिसिंग हो गए. बकौल रामदेव उन्हें कई बीमारियां थीं. तकलीफ में थे. एक दिन आश्रम से सुबह की वॉक के लिए निकले और फिर नहीं लौटे. फौरन एफआईआर दर्ज कराई गई. आज तक पता नहीं चला. रामदेव और बालकृष्ण पर इसके चलते खूब इल्जाम लगे.

9. 2006 में पतंजलि आर्युवेद की स्थापना की रामदेव और बालकृष्ण ने. इसके लिए गोविंद अग्रवाल ने 1 करोड़ दिए और पप्पुल पिल्ली ने 7 करोड़. शुरुआत में दवाई और डेरी प्रॉडक्ट बने. फिर यूके में रहने वाले सरवन और सुनीता पोद्दार ने 50 करोड़ दिए. बैंक ने भी 2007 में 10 करोड़ लोन दिया. उसके बाद बालकृष्ण 94 फीसदी के मालिक बने और बाकी छह फीसदी के मालिक पोद्दार परिवार. समूह ने अगले तीन सालों में 250 करोड़ का निवेश पाया. समूह की नई कंपनियों में रामदेव के भाई रामभरत का भी कुछ मालिकाना हक है.

10. फोर्ब्स के मुताबिक 25600 करोड़ रुपये के मालिक हैं बालकृष्ण. देश के 48वें सबसे अमीर आदमी. 98.5 के मालिक अनलिस्टेड कंपनी में. देखिए उनका सफर कहां से कहां पहुंच गया. नेपाल से भारत आए थे. किशोर वय में. गुरुकुल में. संस्कृत और योग. और आज पूरे देश को कारोबार पढ़ा रहे हैं. उनका और रामदेव का मंत्र इन दो वाक्यों से समझिए.
– हम बाबा हैं, मक्कार नहीं, जो हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें
– फ्री में कुछ नहीं बांटूंगा. वर्ना हाथ में कटोरा आ जाएगा. मुनाफा जो कमाऊंगा वो पतंजलि में ही लगाऊंगा.

और अंत में- पतंजलि समर्थक कहते हैं कि बालकृष्ण ने युवावस्था में ही संजीवनी बूटी खोज ली थी. वही मिथकीय बूटी, जिसके सेवन से लक्ष्मण की मूर्छा खुली थी. जब कोई सफल होता है, तो मिथक भी बनने ही लगते हैं. इसे यूं ही समझें.

बरास्ते कौशिक डेका की किताब. ‘द बाबा रामदेव फिनोमिना- फ्रॉम मोक्ष टु मार्केट’ आपको ऑनलाइन साइट अमेज़न पर आसानी से मिल जाएगी. इस किताब की कीमत 206 रुपए है.

‘द बाबा रामदेव फिनोमिना- फ्रॉम मोक्ष टु मार्केट’ का कवर

वीडियो देखें:


अगला लेख: कौन हैं किरण यादव? जिनके फेसबुक पर 10 लाख फॉलोअर्स हैं !



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 जुलाई 2017
नॉ
Dolphin Postनॉएडा से बीजेपी विधायक पंकज सिंह ने बीजेपी द्वारा चुनाव प्रचार के समय दिए गये नारे ‘सबका साथ सबका विकास’ को पूर्ण रूप से क्रियावंत कर दिखाया है. पंकज सिंह ने एक बार फिर साबित किया है कि वे उतर प्रदेश के लोकप्रिय विधायकों में आखिर क्यूँ शामिल हैं. दरअसल 17 मई 2017 से अपनी मांगों […]The po
20 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
B
Dolphin Postपाकिस्तान जो पूरी दुनिया के लिए सरदर्द बन चूका है उसी सरदर्द के साथ कल भारत क्रिकेट मैच खेलने के लिए मैदान पर अपने 11 योद्धाओं के साथ उतरेगा और हमेशा की तरह पाकिस्तान को धुल चटाएगा !   लेकिन इस बेहद हाई वोल्टेज मैच से ठीक पहले एक बेहद बड़ा खुलासा हुआ है जिसने […]The post BREAKING खुलासा:-
20 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
Dolphin Postबॉलीवुड अभिनेता सलमान खान फिल्मों से ज्यादा झगड़ों एवं कानून तोड़ने के लिए जाने जाते हैं. वे ढेरों बार अपने प्रशंसकों के प्रति भी बेहद ही खराब रवैया अपना चुके हैं. एक बार तो उन्होंने और भी हद पार करते हुए अपने एक प्रशंसक को थप्पड़ तक मार दिया था. इसी कड़ी में उन्होंने एक […]The post सलमान ने
20 जुलाई 2017
29 जुलाई 2017
रात के 3 बजे सरोर पुलिस थाने से सटे कमरे में सोते दीवान जी की किवाड़ ज़ोर से धड़धड़ाई। यकायक हुई तेज़ आवाज़ से दीवान जी उठ बैठे। उन्होंने तो जूनियर मुंशी को थाने पर किसी इमरजेंसी
29 जुलाई 2017
21 जुलाई 2017
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर कोई भी हिट हो जाता है बस उन्हें खुद को वायरल कैसे करना है ये डायरेक्शन सही रखना चाहिए। यहां आम आदमी हो या फिर फिल्मी सितारा, राजनीतिज्ञ और कोई भी सेलिब्रिटी सभी बराबर हैं और सभी को अपने-अपने टैलेंट को दिखाने का मौका मिलता है। क
21 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
Dolphin Postभारत मैं पिछले कई दिनों से तीन तलक और हलाला जैसी कु-प्रथाओं पर बहस चल रही है | और बहुत से संगठन और मुस्लिम महिलाऐं समान हक़ के लिए लड़ रही हैं | लेकिन आज एक ऐसे किस्से ने सुर्खियाँ पकड़ ली है जिसके बाद से पूरे देश में आक्रोश फ़ैल गया है | जी […]The post शर्मनाक:-अपनी ही बेटी के साथ ये अब्बू
20 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
ऐसे संयोग न, बड़े अच्छे लगते हैं. किसी से सुनने में, किसी को सुनाने में, लिखने-लिखाने में. यहां हम राम नाथ कोविंद से जुड़े एक संयोग की बात कर रहे हैं. 19 जून की शाम से हर जगह कोविंद का नाम छाया हुआ है. बीजेपी ने इन्हें NDA की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट किया है. बीजेपी को मिले सम
20 जुलाई 2017
31 जुलाई 2017
प्रेमचंद भारत के सबसे महान राइटर माने जाते हैं. हम कहते हैं वो सबसे नए और कूल राइटर थे. आज होते तो दर ऑफेंड होते लोग उनसे. ट्विटर पर उनको बहुत कोसा जाता और वेबसाइट्स उनकी कहानियों के बीच से लाइन निकाल-निकाल कोट्स बनाती. सन 36 था, दिन आज का था. आज मतलब 8 अक्टूबर. जगह बनारस थी और वो दुनिया छोड़ गए.जब उ
31 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
चा
Dolphin Postचाइनीज़ युवती ने बनाए पिता के साथ शारीरिक संबंध, कारण जानकर चौंक जाएंगे आप — किसी भी समाज में पिता और बेटी के रिश्ते को बहुत पवित्र रिश्ता माना जाता है, मगर बीते दिनों एक पिता ने इस रिश्ते को तार-तार कर दिया। बेटी व् पिता के बीच बने शारीरिक रिश्ते की इस खबर ने दुनियाभर […]The post चाइनीज़
20 जुलाई 2017
02 अगस्त 2017
representative image: Reutersदिल्ली शहर में घरेलू हिंसा का एक बड़ा कारण सामने आया है. ज्यादातर मर्द सेफ सेक्स नहीं करना चाहते. बहुत सारे आदमी कॉन्डम इस्तेमाल नहीं करना चाहते. वो अपनी बीवियों को भी गर्भ रोकने की दवाइयां इस्तेमाल नहीं करने देते. इस बात पर अगर पत्नी विरोध करे, तो वो उसको मारते हैं. शारी
02 अगस्त 2017
20 जुलाई 2017
# आज तक किसी भी सरकार ने हैंडरसन- ब्रुक्स रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया.# नेहरू और तब के आर्मी चीफ के मामले में रिपोर्ट चुप है.# सभी ने अनुमान लगाया कि था कि चीन आक्रमण नहीं करेगा.# नेहरू द्वारा अपनाई गई फॉरवर्ड पॉलिसी को माना जाता है इसके लिए ज़िम्मेदारएनडीए के राष्ट्रपति पर के कैंडिडेट घोषित किए
20 जुलाई 2017
27 जुलाई 2017
11 अगस्त 2003. लखनऊ पहुंचे हुए मुझे 1 साल और 10 दिन हुए थे. लखनऊ जाने का कारण था पढ़ाई. आज सोचता हूं तो लगता है, क्या बेवकूफ़ी थी. लेकिन ठीक है. चलता है. जिस स्कूल में भर्ती हुआ, उसका नाम था लखनऊ पब्लिक स्कूल. सहारा स्टेट्स ब्रांच. आह! सहारा स्टेट्स. वो जगह जो हमारी सल्तनत
27 जुलाई 2017
20 जुलाई 2017
Dolphin Postरोज़-रोज़ हिन्दुओं की आस्था गाए पर नए नए तंज कसे जाते हैं ! और इन सब सिर्फ गेर हिन्दू नहीं बल्कि स्वयं हिन्दू भी शामिल हैं ! वो भी सिर्फ सता के लिए !   लेकिन आज गाए माँ ने एक ऐसा चमत्कार किया है की गेर हिन्दू भी गाए की पूजा करने लगेंगे ! […]The post सच्ची घटना :- गौ-माता की कोख से जन्मा इं
20 जुलाई 2017
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x