अच्छे दिन... (व्यंग कविता)

09 अगस्त 2017   |  इंजी. बैरवा   (403 बार पढ़ा जा चुका है)

अच्छे दिन...  (व्यंग कविता)

कवि श्री सम्पत 'सरल' जी की अच्छे दिन पर एक व्यंग रचना...

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