तैमूर -आराध्या! प्लीज़ हमें रोटी दे दो .

16 अक्तूबर 2017   |  शालिनी कौशिक एडवोकेट   (129 बार पढ़ा जा चुका है)

 तैमूर -आराध्या! प्लीज़ हमें रोटी दे दो .

गोविंदा की भांजी ने शेयर की बेबी बम्प की तस्वीरें ,सोहा अली खान ने अपनी बेटी की पहली झलक दी दुनिया को आदि पक गए हैं वेबसाइट पर ये समाचार देखते -देखते ,पर क्या करें जो बिकता है मीडिया वही तो बेचेगा और बॉलीवुड का तो सितारों के शरीर से उतरा कपडा तक बिकता है इसीलिए एक गाना पूरी तरह से अपने रंग में बॉलीवुड में ही बिकता है ,वो गाना आपने भी सुना ही होगा ,नहीं सुना हो तो लो अब सुन लो -

''मेरी मर्जी ,मैं चाहे ये करूँ ,मैं चाहे वो करूँ ,मेरी मर्जी .''

और ये मर्जी चलती वहीँ है जहाँ बिकती है और हकीकत यही कहती है कि बॉलीवुड बिकता है .

बॉलीवुड में स्टारडम की स्थिति से सभी वाकिफ हैं .स्टारडम की स्थिति वही है जो उगते सूर्य की है ,जैसे उगते सूर्य को सभी सलाम करते हैं ठीक वैसे ही जिस हीरो-हीरोइन का सितारा बुलंद है मतलब स्टारडम बुलंद है उसे सलाम करने वालों की स्थिति बुलंद है और जैसे ही स्टारडम का ये सितारा डूबा जैसे सब ख़त्म ,ऐसे में बहुत से स्टार हैं जिन्हें हमने अंधेरों की ज़िंदगी गुज़ारते पढ़ा है ,ललिता पंवार कब मर गयी किसी को पता नहीं चला ,उनके फ्लैट में उनकी लाश ही मिली ,शायद ५ दिन तक वहीँ पड़ी रही थी ,विनोद खन्ना बीमार रहे किसने पूछा ?

पर अबके बहुत से स्टार इस स्थिति को लेकर जागरूक हैं उनमे अमिताभ बच्चन ,ऐश्वर्या राय ,करीना कपूर,शाहरुख़ खान के नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं और अपनी स्टारडम ख़त्म होने का अंदाज़ा शायद इन सितारों को होने लगा है और इसीलिए इन स्टार्स ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे इनका भविष्य इनके पूर्ववर्ती स्टार्स जैसा दर्दनाक न हो . बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने स्टार पुत्र अभिषेक बच्चन की अभिनय प्रतिभा को जानते हैं और इसी अभिनय प्रतिभा के मद्देनज़र उन्होंने कोशिश कर अपने बेटे की शादी ऐश्वर्या राय से कराई ताकि उनके बेटे को भविष्य में ठीक-ठाक तरीके से रोटी मिलती रहे ,लेकिन ऐश्वर्या की भी एक सीमा थी कई साल उन्होंने अपने दम पर अभिषेक की ज़िंदगी को शानो-शौकत में खींच दिया पर अब उनका स्टारडम भी खात्मे की ओर सरकने लगा है तो बॉलीवुड के महानायक की चिंता और बढ़ गयी अभिषेक के भविष्य को लेकर और उन्होंने वह कदम उठा लिया जिसका समर्थन कोई भी स्वाभिमानी समझदार इंसान नहीं करेगा उन्होंने कदम उठाया अपनी पोती आराध्या की मासूमियत के प्रचार द्वारा अपने बेटे की गृहस्थी की गाड़ी खींचने का और अपनी पोती को अभी से स्टार की लाइन में लगाने का ,उनकी देखा-देखी शाहरुख़ खान भी चले और स्वयं के परिवार का ही असमय बढ़ावे का सोचा वो भी नई तकनीक ''सरोगेसी '' से जबकि उनके नार्मल भी दो बच्चे हैं और पहले उसके पैदा होने का प्रचार ,फिर पैदा होने पर स्टार बनाने का प्रचार .

ऐसे ही कदम उनकी देखा-देखी अब बॉलीवुड की अन्य हस्तियां भी उठा रही हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि पहले तो शादी ही हीरो-हीरोइन के करियर के लिए खतरे की घंटी है उसपर हीरोइन का गर्भवती होना तो समझ लो हो गया सारा कैरियर सत्यानाश ,लेकिन ये बॉलीवुड है भाई यहाँ सब कुछ बिकता है और अब ये भी चल गया जो पहले छिपता था अब बिकता था ''बेबी बम्प '' ,बिक रहा है ,खूब बिक रहा है पहले करीना का बेबी बम्प ,फिर सोहा अली का बेबी बम्प और फिर गोविंदा की भतीजी का बेबी बम्प ,देखते रहिये बिकता ही रहेगा क्योंकि इन सबको न केवल रोटी चाहिए बल्कि इन्हें शानो-शौकत की हर वस्तु चाहिए और इसके लिए ये सब कुछ बेच देंगे ,करीना ने पहले जनता को बेवकूफ बनाया बच्चे का नाम रखकर और सच में उस पर हंगामा भी हुआ खूब ,''तैमूर'' यही नाम रखा करीना ने अपने लाडले का ,कितने ही मुसलमान बच्चे हैं जिनका नाम ''तैमूर'' है लेकिन जो हंगामा इस पर हुआ वो किसी पर नहीं ,पता था करीना को कि ऐसा ही होगा ,तभी तो उसने वो नाम रखा ,अब शक्ल को लेकर विवाद ,कभी कुछ ,कभी कुछ ,कभी करीना पर है ,कभी पापा पर है ,कभी नाना पर है सब जानते हैं बिलकुल रणधीर कपूर पर है ,वे भी ऐसे नादान-बेवकूफ से लगते थे और वो भी ऐसा ही लगता है .

उधर आराध्या लिखने पढ़ने खेल ने कूदने की उम्र में माँ के साथ कान फिल्म फेस्टिवल में रैम्प पर घूम रही है ,अब्राम अपने पापा के लिए भीड़ जुटा रहा है ,टैरस पर खड़े होकर हाथ हिला रहा है ,तैमूर झूला झूल रहा है क्या हम सब ये ही करने को अपनी नयी पीढ़ी को पैदा कर रहे हैं पर शायद इन बॉलीवुड के बच्चों का यही दुर्भाग्य है .दुःख होता है इस स्थिति पर ,कहाँ आदमी सोचता है काश भगवान् मुझे अगले जन्म में किसी सेलिब्रिटी के घर पैदा करना और कहाँ सेलिब्रिटी के बच्चे की यह असमंजस वाली स्थिति जिसमे यदि उसमे आकर्षण क्षमता न हो तो उसे उसके बचपन में ही उपेक्षा का शिकार होना पड़ेगा जैसे कि इस वक़्त ऐश्वर्या की आराध्या के साथ हो रहा है अमिताभ बच्चन व् ऐश्वर्या राय उसे ज़बरदस्ती ऐश्वर्या जैसी कह जनता पर थोपते नज़र आ रहे हैं जबकि वह एक बच्चे का साधारण चेहरा है जो कहीं से लेकर कहीं तक भी ऐश्वर्या के समक्ष नहीं ठहरता ,ऐसे में वे उसका बचपन बर्बाद कर रहे हैं जबकि बचपन तो उस मनमौजी अवस्था का नाम है जिसमे बच्चा उन्मुक्त ,चिंता रहित जीवन जीता है .

हम तो बचपन में उन माँ बाप की बुराई खुले कंठ से करते थे जो अपने मिलने जुलने वालों के सामने ही अपने बच्चों को खड़ा कर देते थे और उन्हें पोएम सुनाने को कहते थे . आम भारतीय समाज में बच्चों को अपनी प्रतिष्ठा का विषय बनाना एक आम चलन रहा है किन्तु सेलिब्रिटीज़ द्वारा बच्चा पैदा करने की स्थिति ''बेबी बम्प '' ''बच्चे का नाम ''''बच्चे की हरकतें ''ट्विटर ,इंस्टाग्राम पर डालना एक नया चलन शुरू किया गया है जिससे देश का बचपन जिस गहन अंधकार में समायेगा यह अभी से नज़र आ रहा है .बचपन की स्वाभाविकता पहले सेलिब्रिटीज़ द्वारा फिर इनके पीछे पागल जनता द्वारा छीने जाने का दुष्कृत्य एकदम साफ दिखाई दे रहा है .

शालिनी कौशिक

[कौशल ]

 तैमूर -आराध्या! प्लीज़ हमें रोटी दे दो .

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