राजस्थान की संगठित शक्ति की जय हो

26 नवम्बर 2017   |  शालिनी कौशिक एडवोकेट   (139 बार पढ़ा जा चुका है)

राजस्थान की संगठित शक्ति की जय हो

पद्मावती आजकल सुर्ख़ियों में हैं .हों भी क्यूँ न नारी शक्ति की जो मिसाल पद्मावती ने पेश की वह अनूठी है और ऐसी मिसाल ही होती हैं जो अनुकरणीय बन जाती हैं यही कारण है कि आज राजस्थान उनके सम्मान को लेकर भंसाली की सोच से ,भंसाली की फिल्म से लड़ रहा है और साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि भंसाली अपनी फिल्म को प्रदर्शित नहीं करा पाएंगे .पर यहाँ मैं भंसाली की फिल्म के प्रदर्शन को लेकर नहीं अपितु राजस्थान की महिला शक्ति को लेकर आयी हूँ जहाँ एक विधवा माँ की तीन बेटियों ने राजस्थान प्रशासनिक परीक्षा में एक साथ सफलता प्राप्त कर पूरे देश में केवल राजस्थान का ही नहीं अपितु पूरे विश्व में भारतीय नारी की शक्ति का डंका बजाया है . पर यह बात भी गौर करने लायक है कि यह एकमात्र नारी शक्ति की ही नहीं बल्कि पूरे परिवार के सहयोग की भी अनूठी मिसाल है जिसमे एक भाई ने भी अपनी माँ व् बहनों का सहयोग किया और अपने पिता की इच्छा को पूरा करने में अपनी बहनों की सफलता में योगदान दिया .भाई का योगदान इसलिए सर्वोपरि है कि उसने अपने पुरुष अहम् को इस बीच में आड़े नहीं आने दिया .इसलिए बार बार राजस्थान के इस परिवार ,इन बहनों के भाई व् सम्पूर्ण नारी शक्ति को हार्दिक बधाई . शालिनी कौशिक ने

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रेणु
27 नवम्बर 2017

आदरणीय शालिनी जी --- इस भाग्यशाली माँ और बेटियों ने समाज को बड़ा ही अनुपम सन्देश दिया है | उनकी जीवटता को नमन | हजारों सलाम इन चारों को | नारी शक्ति जिंदाबाद ---

इंजी. बैरवा
26 नवम्बर 2017

ऐसी लगनशील और कर्मठ बेटियों के लिए नमन....

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