"घनश्याम छंद"

27 नवम्बर 2017   |  महातम मिश्रा   (63 बार पढ़ा जा चुका है)

"घनश्याम छंद"


मिला कर हाथ सर्व सखा जयकार करें।

रहें जब साथ मानव सा हुक्कार करें।।

यही मम देश भारत है मिल हाथ रहें

दिखे जब प्रात पर्व सखा पुर साथ रहें।।


महातम मिश्र 'गौतम' गोरखपुरी

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