भारत में ईसाई और मुसलमानों की हो रही हिंसा रोकने के लिए अमेरिका देगा पांच लाख डॉलर : आजाद भारत

21 जनवरी 2018   |  रोमिश ओमर   (100 बार पढ़ा जा चुका है)

भारत में ईसाई और मुसलमानों की हो रही हिंसा रोकने के लिए अमेरिका देगा पांच लाख डॉलर :  आजाद भारत

क्या हिंदुत्व खतरे में है?

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#सनातन धर्म के हिन्दू समाज ने #विश्व को #शांति का पाठ पढ़ाया आज उनको ही हिंसक घोषित किया जा रहा है और #हिदुत्व को #मिटाने का #षडयंत्र चल रहा है ।

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हिन्दुस्तान में ही हिन्दू पराये होते जा रहे हैं, उनकी कहीं भी सुनवाई नही हो रही है और न ही उनको कोई सहायता दी जा रही है, भारत देश के 8 राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गये हैं उनको अल्पसंख्यक का दर्जा देने के लिए #सुप्रीम #कोर्ट में #याचिका डाली गई लेकिन #सुनवाई करने से ही #मना कर दिया, देवभूमि कश्मीर से पंडितों को भगा दिया गया, केरल ,कर्णाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल आदि में हिन्दुओं की बर्बरतापूर्वक हत्या की जा रही है लेकिन फिर भी उनके पक्ष में कोई नही आ रहा है, उत्तर प्रदेश कैराना से कई हिन्दू पलायन कर गये, लव जिहाद से लाखों हिन्दू लड़कियां लापता है, गुजरात कच्छ में भी गांव हिन्दू विहीन हो रहे हैं इस पर कोई ध्यान नही दे रहा है और न ही कोई हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सहायता कर रहा है ।

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भारत में जो हिन्दुओं का #धर्मान्तरण करवा रहे हैं, #क्रूरता से #हत्या कर रहे हैं उनको अमेरिका NGOs के माध्यम से सहायता करेगा ।

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आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत में धार्मिक हत्याएं और हमले बढ़े हैं। गौरक्षक समूहों द्वारा ज्यादातर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि हुई है। हिंदुओं ने मुसलमानों और ईसाइयों पर हमले किए और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत केन जस्टर ने सीनेट के समक्ष कहा था कि मानवाधिकार और धार्मिक आजादी नई दिल्ली में उनकी प्राथमिकता होगी।

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गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत में धार्मिक आजादी को बढ़ावा देने के लिए करीब पांच लाख डॉलर (करीब 3.24 करोड़ रुपये) का अनुदान देने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेशी मंत्रालय ने इसके लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) से आवेदन मांगे हैं। आवेदन के साथ भारत में धार्मिक हिंसा और भेदभाव कम करने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव मांगा गया है।

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आपकी जानकारी के लिये बता दे कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम ब्यूरो की इस संबध में जारी सूचना में कहा गया है कि 493,827 डॉलर के कार्यक्रम का मकसद भारत में धार्मिक हिंसा और भेदभाव को कम करना है। आवेदकों से कार्यक्रम की सफलता के लिए आपत्तिजनक संदेशों से मुकाबले के लिए सकारात्मक संदेशों के विचार देने को कहा गया है। इसके अलावा उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता खासकर धार्मिक अल्पसंख्यकों की कानूनी सुरक्षा व samvidhan को लेकर सिविल सोसायटी और पत्रकारों को शिक्षित करने का प्रस्ताव भी देने को कहा गया है। आवेदनों की जांच के बाद भारत और श्रीलंका के लिए अनुदान पाने वालों की घोषणा की जाएगी। मंत्रालय की वेबसाइट पर यह सूचना उपलब्ध है ।

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भारत में अल्पसंख्यक ही बहुसंख्यक का धर्मान्तरण करा रहे हैं और अत्याचार कर रहे हैं लेकिन फिर भी उनको ही अमेरिका फंडिग देगा, दूसरी ओर पाकिस्तान, बाग्लादेश, श्री लंका, इंडोनेशिया, भूटान, मलेशिया, अफगानिस्तान आदि देशों में हिन्दू अल्पसंख्यक है और उनको मिटाने के लिए भयंकर अत्याचार किये जा रहे हैं, सरकार की तरफ से कोई सुविधा नही दी जा रही है उनकी हत्यायें की जा रही है, जमीन हड़पते हैं, घर-दुकान, मन्दिर को आग लगा देते हैं, तोड़-फोड़ देते हैं उन अत्याचार रोकने के लिए अमेरिका पैसा क्यों नहीं दे रहा है?

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धर्म रक्षा दल के अध्यक्ष ने इस पर एक प्रेस विज्ञप्ति निकाली है

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प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है कि भारत का कोई प्रधानमंत्री या गृहमंत्री है जो पूछे अमेरिका से धर्म किसे कहते है। 9 Nov 2017 को नव भारत टाइम्स दिल्ली अखबार के अनुसार अमेरिका ने घोषणा की है।भारत में धर्म के नाम पर हो रही हिंसा को रोकने के लिए अमेरिका 5 लाख डॉलर देगा। गोरक्षकों के द्वारा धर्म के नाम पर मुसलमानों पर अत्याचार के मामले सामने आए हैं । NGOs को अमेरिका सीधे संपर्क करके अल्पसंख्यको के हितों की रक्षा करने का दायित्व दे रहा है।

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अमेरिका पहले धर्म की परिभाषा बताये नही तो भारत से अपना दूतावास बंद करके घर में रोटी खाकर वही खाद बनाएं । कम से कम भारत में तो धर्म की बात नहीं करे।

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भारत का कोई नेता जिन्दा हो तो अखबार की खबर की जिम्मेदारी तय करके अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत करें या राजनीति त्याग कर घर मे रोटी खाये। जनता के पैसे पर मौज ना उड़ाये,अखबार या अमेरिका की जिम्मेदारी से हिन्दू जनता को अवगत कराया जाए।

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भारत में ही #ईसाई मिशनरियां, #मीडिया, साहित्य, इतिहासकारों, शिक्षा, # बॉलीवुड , #आतंकवादियों द्वारा #हिन्दू पर #प्रहार किया जा रहा है और विदेश में हिन्दू नर्क जैसा जीवन जी रहे हैं फिर न सरकार से न न्यायालय से और न ही विदेश से सहायता मिल रही है।

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हिन्दुओं को जाति-पाति छोड़कर एक होकर जो हिन्दुत्व का कार्य कर रहे हैं साधु-संत, हिंदुत्वनिष्ठ और नेताओं का साथ देना चाहिए जिससे हिन्दू संस्कृति की रक्षा हो और हिंदुत्व को मिटाने का प्लान विफल हो जाए ।

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जय हिंद

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Official Azaad Bharat Links:

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भारत में ईसाई और मुसलमानों की हो रही हिंसा रोकने के लिए अमेरिका देगा पांच लाख डॉलर | आजाद भारत

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