"दोहा"

30 जनवरी 2018   |  महातम मिश्रा   (58 बार पढ़ा जा चुका है)

"दोहा"


उड़े तिरंगा शान से लहराए जस फूल

हरित केशरी चक्र बिच शुभ्र रंग अनुकूल।।-१


झंडा डंडे से बँधा मानवता की डोर

काश्मीर जिसकी सिखा क न्याकुमारी छोर।।-२


महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी

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