इंटरनेट पर हिन्दी....!

18 फरवरी 2018   |  अजीत सिंहः   (416 बार पढ़ा जा चुका है)

भारत में अंग्रेजी अब इंटरनेट पर प्रयोग में लाई जाने वाली प्रमुख भाषा नहीं रह गई है। बड़े पैमान पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग ने देश में अंग्रेजी के प्रयोग को पछ़ाड दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देशी भाषाओं का प्रयोग साइबर स्पेस में लगातार बढ़ता जा रहा है। हिंदी इनमें सबसे आगे है जिसका प्रयोग 51 प्रतिशत लोगों द्वारा किया जा रहा है। भारत में इंटरनेट पर भाषाओं के प्रयोग पर किए गए अध्ययन के मुताबिक हिंदी के बाद कन्नड़, मराठी और बांग्ला का सर्वाधिक प्रयोग साइबर स्पेस में किया जा रहा है।


गैर-मेट्रो शहरों को शामिल कर किए गए यूथ 4 वर्क के अध्ययन के मुताबिक हिंदी 51 प्रतिशत लोग प्रयोग करते हैं। जबकि अंग्रेजी का उपयोग 40 प्रतिशत के करीब किया जाता है। क्षेत्रीय भाषाओं वाले राज्यों में दक्षिण भारत की ओर कन्नड़ का 45 प्रतिशत उपयोग किया जाता है। जबकि महाराष्ट्र में मराठी का उपयोग 45 प्रतिशत है। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में चौथे स्थान पर 34 फीसदी के साथ बांग्ला है। सर्वे के मुताबिक भारत में अब सबसे अधिक हिंदी का प्रयोग किया जाता है। लेकिन जिन राज्यों में हिंदी की बजाए अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का प्रचलन है। उन राज्यों में उस भाषा का इस्तेमाल हिंदी के स्थान पर हो रहा है।


हालांकि इन राज्यों में भी हिंदी इस्तेमाल करने वालों की तादाद 6 से 17 फीसदी तक है। अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्रीय भाषाओं के इंटरनेट में प्रयोग से लगातार अंग्रेजी का प्रयोग घट रहा है। साइबर स्पेस में खोज करनी हो या फिर अन्य गतिविधियां, देश में इंटरनेट की दुनिया में कदम रखने वाले लोग क्षेत्रीय भाषा के प्रयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्मार्ट फोन की वजह से इंटरनेट का प्रसार तेजी से हो रहा है। इसके साथ ही इंटरनेट पर क्षेत्रीय भाषाओं का प्रचलन बढ़ा रहा। अध्ययन के मुताबिक भारत में 10 में से केवल एक ही व्यक्ति इंटरनेट पर अंग्रेजी का इस्तेमाल करता है। भारत में 36 करोड़ लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। इनमें से आधे से अधिक अंग्रेजी का इस्तेमाल नहीं करते। ज्यादातर वीडिया, व्हाट्स अप, या अन्य किसी मैसेज ऐप, फेसबुक और गुगल पर खोज करने में हिंदी समेत क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग करते हैं।


अध्ययन के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में 43 प्रतिशत लोग इंटरनेट का प्रयोग इसलिए नहीं करते, क्योंकि उनकी भाषा में उन्हें सामग्री नहीं मिलती है। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में करीब 13.5 प्रतिशत लोग इंटरनेट का प्रयोग इसी वजह से नहीं करते हैं। यह अच्छी बात है कि देश में इंटरनेट पर अंग्रेजी के स्थान पर राष्ट्रीय भाषा हिंदी का प्रयोग बढ़ रहा है।


इंटरनेट पर हिंदी-अंग्रेजी से आगे निकली Samachar Jagat | Saturday, 17 Feb 2018

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आपके डाटा का कोई प्रमाणित आधार हो तो बताएँ.

Najeeb Inamdar
20 फरवरी 2018

kiya haal hai yaaro

रवि कुमार
19 फरवरी 2018

आखिर कब तक अंग्रेज़ो के ग़ुलाम बने रहे. वैसे आज भी अंग्रेजी हमारे स्टैण्डर्ड से जोड़ी जाती है

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