आसाराम बेटियों का सहारा

25 अप्रैल 2018   |  शालिनी कौशिक एडवोकेट   (96 बार पढ़ा जा चुका है)

आसाराम दोषी करार, बिटिया के पिता ने कोर्ट का किया धन्यवाद

आसाराम दोषी करार, बिटिया के पिता ने कोर्ट का किया धन्यवाद

जोधपुर में आसाराम और उसके सहयोगियों को दोषी करार दिए जाने के बाद बिटिया के पिता के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। उन्होंने अपने मकान से बाहर आकर मीडिया से कहा कि कोर्ट ने आसाराम और उसके सहयोगियों को दोषी करार दिया है, इसके लिए वह कोर्ट का धन्यवाद करते हैं।

जोधपुर में आसाराम और उसके सहयोगी शिल्पी,शरत को दोषी करार दिए जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए बिटिया के पिता की पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। आसाराम और उसके सहयोगियों को आरोपी से दोषी करार दिए जाने पर कोर्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जिन गवाहों को मरवाया गया, जिन पर हमला कराया गया, जिसे गायब कराया गया, उन मामलों में भी आसाराम और उसके लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। आसाराम केस में बिटिया के पिता ने सबसे पहले मीडिया को धन्यवाद दिया फिर न्यायपालिका पर भरोसा जताया। बोले कि इस लड़ाई में सभी ने मेरा साथ दिया।

ये तो रही एक बिटिया के पिता के ह्रदय की खुशी की बात लेकिन यह फैसला जिस वक़्त आया है वह करोड़ों बिटियाओं के माँ-बाप व् करोडो बिटियाओं को चैन की साँस देने वाला है क्योंकि कठुआ उन्नाव जैसे कांड इस वक़्त बिटियाओं की ज़िंदगी के लिए ज़हर बन गए हैं और हद तो यह है कि ऐसे कठिन समय में मीडिया तो मीडिया ,समाज की अग्रणी महिलाएं तक मुसीबत की मारियों के साथ नहीं हैं ऐसे में कोर्ट का साथ अपमान की आग से झुलसते दिलों को शीतलता के पर्याय के में आया है ,

कठुआ कांड जिसकी भर्तसना राष्ट्रपति महोदय तक के द्वारा की गयी उसके आरोपियों के लिए पहले तो भाजपा के जम्मू-कश्मीर के सांसदों द्वारा आम जनता से क्षमा की गुज़ारिश की गयी बाद में मीडिया ने यह उड़ा दिया कि आसिफा के साथ कोई गैंगरेप हुआ ही नहीं ,इतने वीभत्स कांड का ऐसा मजाक कभी नहीं उड़ाया गया जैसा इस बार हुआ है कि एक आठ साल की बच्ची की मौत मात्र उसके मुस्लमान होने व् बलात्कारी हिन्दू होने की वजह से हिन्दू सरकार के हाथों का खेल बनकर रह गयी ,उन्नाव कांड में भी ऐसा ही हुआ भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा अंजाम दिए गए इस रेप में महिला को आरोपी को गिरफ्तार कराने के लिए रेप की मौत मरने के बाद दोबारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के आवास पर मरने की कोशिश करनी पड़ी ,

यही नहीं बिटियाओं का खून फूंकने का काम कुछ बॉलिवुड महिला शख्सियतें भी कर रही हैं कभी हेमा मालिनी कहती हैं कि ये सब पहले से होता आया है बस आजकल पब्लिसिटी ज्यादा हो रहा है तो कभी किरन खेर भी इस आग में घी डालने का काम करती हैं कहती हैं ये तो आदिकाल से होता आया है और फिर महिला ऐसी रिक्शा में नहीं बैठना चाहिए जिसमे तीन आदमी पहले से बैठे हों ,उनका मतलब है कि महिलाओं को पुरुषों के साथ से बचना चाहिए जो कि आज की स्त्री पुरुष की कंधे से कन्धा मिलाकर चलने वाली ज़िंदगी में कैसे मुनासिब हो सकता है पर बॉलिवुड शख्सियतों की यह सोच यहीं समाप्त नहीं होती आगे बढ़ती है और आग में घी के साथ मिर्च भी झोंकने का काम करती है ,बॉलिवुड की प्रसिद्द कोरियोग्राफर सरोज खान कास्टिंग काउच पर सवाल के जवाब में यौन शोषण को जायज़ ठहराते हुए कहती हैं -''इसके बदले में महिलाओं को रोटी तो मिल जाती है उन्हें रेप करके छोड़ तो नहीं दिया जाता ,

आज रेप और नारी शोषण पुरुषों की आदत में शुमार हो चुका है , बॉलिवुड कोरियोग्राफर सरोज खान द्वारा कास्टिंग काऊच का समर्थन किये जाने पर प्रतिक्रिया में रेणुका चौधरी भी अपने विचारों द्वारा कास्टिंग काऊच के विषय में बताती हैं कि हर कार्यक्षेत्र में महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं और यह मत सोचिये कि संसद या दूसरा कोई कार्यक्षेत्र बचा हुआ है ,चौधरी ने कहा ,''संसद में कास्टिंग काऊच का मेरा आरोप गलत नहीं है हमारे जनप्रतिनिधि इसी समाज से आते हैं और जब वे किसी महिला का अपमान करते हैं तो समस्या कड़ी होती हैं उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पीएम मोदी ने उनकी हंसी पर टिप्पणी की थी कि उनकी हंसी सुनकर उन्हें रामायण सीरियल की याद आती है इसके बाद गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने वीडिओ ट्वीट किया था जिसका आशय था कि उनकी हंसी रामायण की पात्र 'सूर्पनखा 'की तरह बताई जा रही है ,

महिला यौन शोषण व् रेप मामले इस वक्त चरम पर हैं यह सच्चाई है कि महिलाओं की इज़्ज़त पुरुषों की नज़रों में केवल मन बहलाव का जरिया रहा है और इसी के ज़रिये बहुत सी महिलाओं ने पुरुषों को अपने हाथ का खिलौना बनाया भी है किन्तु इसका मतलब तो नहीं कि सभी महिलाओं की इज़्ज़त को पुरुष हंसी खेल समझ अपना मन बहलाते रहें और महिला इन्हीं पुरुषों के आगे बार बार अग्नि परीक्षा दे अपने को पवित्र साबित करती रहे ,कभी न कभी तो रावण को उसके किये का दंड जनता के सामने मिलना ही चाहिए और ऐसे दुखद माहौल में आसाराम जैसे पापी को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया जाना नारी पवित्रता की जीत है ,लोगों की धार्मिक भावनाओं का खेल बनाने वाले आसाराम की सजा धर्म का ढोंग दिखावा कर लोगों को लूटने वालों लिए एक कड़ी चेतावनी है और अपने नाम में हम सबके प्रिय बापू का नाम जोड़ने वाले इस दुष्ट दुष्कर्मी पापी के लिए ज़िंदगी का सबसे अनोखा तोहफा है कि एक पवित्र आत्मा का नाम रखने मात्र से तुम अपने पापों का फल भुगतने से नहीं बच सकते और आज आसाराम केवल निराशाराम बनकर रह गया कानून की कड़ी सीख ने आसाराम को सजा दिलाई और करोड़ों बेटियों की डूबती नैय्या को तिनके का सहारा दे दिया ,


शालिनी कौशिक

[कौशल ]

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रेणु
27 अप्रैल 2018

आदरणीय शालिनी जी -- आपकी प्रखर लिखनी से लेख पढकर बहुत अच्छा लगा | आपने सच कहा कि ये अदालती निर्णय नारी की अस्मिता और सम्मान की विजय हैं | आखिर दोषी भी तो जाने कि किसी की बेटी जो किसी घर की इज्जत तो है ही एक पूर्ण इंसान है उसकी इज्जत रौंदना और बाख निकलना एक साथ संभव नहीं होंगे ये राजनीती पर न्यायपालिका के न्याय की जीत है | सारगर्भित लेख के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाये |

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