“दोहा”

01 मई 2018   |  महातम मिश्रा   (34 बार पढ़ा जा चुका है)

“दोहा”


चक्र सुदर्शन जोर से घूम रहा प्रभु हाथ

रक्षा करें परमपिता जग के तारक नाथ।।-१


जब जब अंगुली पर चढ़ा चक्र सुदर्शन पाश

तब तब हो करके रहा राक्षस कुल का नाश।।-२


महातम मिश्र गौतम गोरखपु

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