“झरोखे से झाँकती सुबह”

28 मई 2018   |  महातम मिश्रा   (100 बार पढ़ा जा चुका है)

“झरोखे से झाँकती सुबह”


अमूमन हर रात को आने का अं देश ा पूर्ववत होता ही है शायद इस रात को भी खबर है कि आज नहीं तो कल मैं भी जरूर आऊँगी पर जब आई तो भावनाओं को झंझोड़कर एक नई सुबह कर गई और याद आने लगे वे दिन जो कभी रात को रात होने ही नहीं देते थे। कितना प्रकाश था उस विशाल मन में जो अँधेरों को चीर कर उजाला कर देते थे। दिवास्वप्न का नाम सुन रखा था झिनकू भैया ने जिसे आज सामने खड़ा पाकर घूर-घूर कर देखे जा रहे हैं और शायद अपने आप से पूछना चाह रहे हैं कि कैसा अंधेरा है भाई जो आज दिन में ही फैलते जा रहा हैं हिम्मत है तो रोक लो इसे और हो जाने दो उस सवेरे को जो प्रति दिन लालिमा लेकर आता है और अंधेरी रात छोडकर चला जाता है जिसे दिन उजागर करता है रात छुपाती है। सिलसिला स्नेह दर्द का रह-रह तराना गाने लगता है मिलना बिछड़ना और दूर जाना यही तो संसार की धुन गीत प्रभाती है भागवान!....... कलह के बाद मलाल क्यों? रात घिर गई है सो जाओ,कल सबकी अपनी-अपनी सुबह होगी.....झिनकू भैया की नाक बजने लगती है और भौजी के उलझते रिश्तों की एक नई सुबह अपने झरोखे से झाँकने लगती है।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: छंद -"पद्धरि"



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 मई 2018
"रोला छंद"जय जय सीताराम नाम जप लो अनुसारी।रटती रसना नाम सियापति अवध बिहारी।।राधे राधे श्याम गीर धरि नख गिरधारी।भाग कालिया भाग नाग नथ नथें मुरारी।।-१गौरी पति महादेव आप शिव गौरीशंकर।देवों के प्रभु देव आप है महा निरंकर।।लक्ष्मीपति हरिनाथ है क्षीरसिंधु निवासाचँवर डुलाएँ मातु
14 मई 2018
22 मई 2018
छंद - दिग्पाल /मृदुगति (मापनी युक्त मात्रिक छंद )मापनी -221 2122 221 2122 “गीतिका” मौसम बहुत सुहाना मन को लुभा रहा है डाली झुकी लचककर फल फूल छा रहा है मानों गरम हवा यह गेसू सुखा रही हो कोयल सुना रही है भौंरा सुना रहा है॥ नव रंग आ रहे हैं घिर हर कली कली पर फ
22 मई 2018
16 मई 2018
“पिरामिड”है सुखनगर बिनाघरकिरायेदार आनंदातिरेक प्रलोभन प्रत्येक॥-१है छद्म छलावाहर्षोत्कर्ष कल उत्कर्ष हृदय कस्तुरी वन नाचे मयूरी॥-२ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
16 मई 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x