पुष्प की अभिलाषा

04 अप्रैल 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (517 बार पढ़ा जा चुका है)

पुष्प की अभिलाषा

साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी, हिंदी साहित्य के श्रेष्ठतम रचनाकारों में से एक हैं. आपका जन्म ४ अप्रैल १८८९ को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले में बाबई नामक स्थान पर हुआ था. आप भारत के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक और पत्रकार थे जिनकी रचनाएँ अत्यंत लोकप्रिय हुईं। सरल भाषा और ओजपूर्ण भावनाओं के वे अनूठे हिंदी रचनाकार थे। वे एक ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक और पत्रकार ही नहीं बल्कि एक सच्चे देशप्रमी भी थे. आपकी कविताओं में देशप्रेम के साथ साथ प्रकृति और प्रेम का भी सुंदर चित्रण देखने को मिलता है। आज उनकी १२५वीं जयन्ती पर, श्रद्धावनत हैं 'पुष्प की अभिलाषा' के ये सुन्दर सुमन...





चाह नहीं मैं सुरबाला के


गहनों में गूँधा जाऊँ,


चाह नहीं प्रेमी-माला में,


बिंध प्यारी को ललचाऊँ;


चाह नहीं सम्राटों के शव,


पर, हे हरि, डाला जाऊँ,


चाह नहीं देवों के शिर पर,


चढ़ूँ, भाग्य पर इठलाऊँ,


मुझे तोड़ लेना वनमाली,


उस पथ पर देना तुम फेंक,


मातृभूमि पर शीश चढ़ाने,


जिस पथ जाएँ वीर अनेक.


-माखनलाल चतुर्वेदी




अगला लेख: आज का शब्द (२)



देश भक्ति से ओत-प्रोत साहित्यक रचना के रचनाकार का जन्म दिवस याद दिलाने के लिए शब्दनगरी संगठन का धन्यवाद

देश भक्ति की ओजस्विता आदरणीय महान कविवर श्री माखनलाल चतुर्वेदी जी की इस रचना में है जो मन को छू लेती है , धन्यवाद शेयर करने के लिए ...

स्कूल के दिनों की याद ताजा हो गई , क्या दिन थे वो , यही सब तो प्रेरणा स्त्रोत हैं हमारे , जिनके शब्दों को पढ़कर आज कुछ लिखने का साहस कर पाता हूँ | ऐसे महान कवि को हजारों बार नमन और श्रद्धा सुमन अर्पण | शब्दनगरी संगठन को दिल से धन्यवाद |

डॉ. शिखा कौशिक
04 अप्रैल 2015

rashtr kavi makhanlal chaturvedi ji kee yah kavita deshbhakti kee ek misal hai .aabhar

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
10 अप्रैल 2015
भारतीय संविधान में २४ भाषाओँ को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है. इनमें कुछ प्रमुख भाषाएँ हैं-संस्कृत, हिन्दी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, बांग्ला, मराठी, पंजाबी, गुजराती और असमिया. ►तेलुगु भाषा भारत के आंध्र प्रदेश के राज्य की मुख्यभाषा और राजभाषा है। ►ये द्राविड़ भाषा परिवार के अन्तर्गत आती है। ►यह
10 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
किंकर्तव्यविमूढ़ : १-दुविधा की स्थिति, २-भौचक्का या अवाक रह जाना, ३-जो यह न समझ सके की उसे अब क्या करना चाहिए जैसे-आपको कोई एक निर्णय तो लेना ही होगा कि जीवन में नौकरी करोगे या व्यापार, लेकिन इस तरह किंकर्तव्यविमूढ़ होकर बैठने से कोई लाभ नहीं होगा I शुक्रवार, १० अप्रैल, २०१५
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
पाचक : १- रसोइया, बावर्ची, खानसामा; प्रयोग : हमारा पाचक अत्यंत स्वादिष्ट भोजन बनाता है I २-वह पदार्थ जो खाई हुई चीज़ को पचाता हो या पाचन शक्ति बढ़ाता हो; प्रयोग : प्राकृतिक वस्तुओं से बना अवलेह सर्वोत्तम पाचक होता है I ►'अवलेह' का अर्थ होता है, किसी वस्तु का गाढ़ा लसीला रूप जैसे गाढ़ी औषधि आदि I
11 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
03 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
16 अप्रैल 2015
03 अप्रैल 2015
सा
13 अप्रैल 2015
10 अप्रैल 2015
31 मार्च 2015
11 अप्रैल 2015
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x