बचपन में पिता ने एसिड से जला दी थी ज़िन्दगी. आज वो अपनी कहानी से रौशन कर रही है सबकी ज़िन्दगी

08 जून 2018   |  अभय शंकर   (181 बार पढ़ा जा चुका है)

बचपन में पिता ने एसिड से जला दी थी ज़िन्दगी. आज वो अपनी कहानी से रौशन कर रही है सबकी ज़िन्दगी

एसिड अटैक सर्वाइवर्स को समाज या तो बहिष्कृत महसूस कराता है या फिर उनको संवेदना और दया भाव से ही देखा जाता है. दया दिखाने से ज़्यादा ज़रूरी है संवेदनशीलता दिखाना. सर्वाइवर्स की जगह पर ख़ुद को रखकर सोचने की ज़रूरत है.


Source- Ketto

Humans of Bombayफ़ेसबुक पेज पर एक एसिड अटैक सर्वाइवर की कहानी साझा की गई. शब्बो के साथ जो हुआ उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. 23 वर्षीय शब्बो का गुनहगार आज भी खुली हवा में ही सांस ले रहा है. पोस्ट में ये लिखा गया-


'जब मैं 2 साल की थी तब मेरे पापा ने गुस्से में मेरी मां पर एसिड डाल दिया था. मैं उस वक़्त मां की गोद में ही थी, आधा एसिड मुझ पर गिरा. डॉक्टर गोरे ने ये मुझे ये कहानी सुनाई, मैं इतनी छोटी थी कि मुझे वो घटना याद नहीं. मुझे बस इतना पता है कि मैंने उस अटैक में अपनी मां को खो दिया और मेरी हालत देखकर मेरे रिश्तेदारों ने मुझे नहीं अपनाया. मेरे पिता शहर छोड़कर भाग गए और मैं एक अनाथालय में बड़ी हुई.


मुझे अनाथालय में बहुत प्यार मिला. मेरे बचपन काफ़ी अच्छा बीता.


लेकिन असल दुनिया में थोड़ी दिक्कतें आईं. मैं कॉलेज में सबसे लास्ट बेंच पर बैठती, अकेले लंच करती, मेरा कोई दोस्त नहीं था. मुझे हमेशा लगता कि सभी मुझे ही घूर रहे हैं.


लेकिन ये सब मेरा वहम था. कुछ दिनों बाद मेरे बहुत से दोस्त बनें जिनके साथ मेरी बहुत सी यादें हैं. मुझे एक ऐसा ही वाक्या याद है. एक बार हम लोग एक दोस्त के घर पर रुके थे. मैं सो गई, लेकिन एसिड अटैक की वजह से मेरी पलकें बंद नहीं होती. मेरे दोस्त मुझ से बातें करते रहें ये सोचकर कि मैं जाग रही हूं, उन्हें थोड़ी देर बाद पता चला कि मैं तो सो चुकी थी. उस घटना को याद कर के हम आज भी काफ़ी हंसते हैं. ज़रा सोचिये मेरे लिए क्लास में सोना कितना आसान है. मुझे तो लगता है कि मेरे पास Superpower है.


मेरे दोस्त मुझसे अकसर पूछते हैं कि क्या मैं अपने पापा से नफ़रत करती हूं, क्या मैं उनसे बदला लेना चाहती हूं? मेरा जवाब हमेशा 'ना' होता है. मैंने उन्हें माफ़ कर दिया है.


मेरी ज़िन्दगी में नफ़रत की कोई जगह नहीं है. मुझे पिछली नौकरी से मेरे Looks के कारण और चेकअप के लिए ज़्यादा छुट्टियां लेने के कारण निकाल दिया गया.

उसके बाद से Saajas Foundation मेरी देखभाल कर रहा है. मुझे यक़ीन है कि मुझे जल्द ही दूसरी नौकरी मिल जाएगी.


मुझे सबसे ज़्यादा नफ़रत किसी चीज़ से है तो सिर्फ़ इससे कि लोग मुझे एसिड अटैक विक्टिम कहते हैं- मैं विक्टिम नहीं हूं! मैं बाकी लोगों की तरह ही नॉर्मल हूं. मेरे शरीर पर काफ़ी सारे दाग़ हैं लेकिन मैं भविष्य को लेकर आशावादी हूं. मेरे भी सपने हैं, ज़िन्दगी का मकसद है. मैं भी इस दुनिया पर अपनी छाप छोड़ना चाहती हूं.'



शब्बो को Stage Designing और Costume Styling में रूचि है. सर्जरी से ही उसकी पलकें, नाक आदि दोबारा बनाए जा सकते हैं. वो आगे पढ़ना चाहती है और आत्मनिर्भर बनना चाहती है.

अगर आप उसके सपनों को पूरा करने में सहायता करना चाहते हैं, तो इस वेबसाइट पर जाएं-

https://www.ketto.org/fundraiser/helpshabbo


बचपन में पिता ने एसिड से जला दी थी ज़िन्दगी. आज वो अपनी कहानी से रौशन कर रही है सबकी ज़िन्दगी

https://www.gazabpost.com/inspiring-story-of-a-acid-attack-survivor

अगला लेख: अगर आप सोचते हैं कि दुनिया में आप से बड़ा जुगाड़ू कोई नहीं, तो इन महारथियों के ये 26 जुगाड़ देख लो



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
10 जून 2018
राजस्थान के जोधपुर जिले में एक बड़ी अमानवीय घटना हुई है. जेसै बकरीद पर बकरे की कुर्बानी दी जाती है, ठीक वैसे ही एक आदमी(आदमी कहना गलत होगा, राक्षस समझिए) ने रमजान के महीने में अपनी बेटी की कुर्बानी दे दी. ये आदमी है जोधपुर के पीपड़ शहर का रहने वाला 26 साल का नवाब अली कुरे
10 जून 2018
15 जून 2018
एक ऐसी महिला आईएएस ऑफिसर जो सिटी बजवाकर खुले में शौच रुकवाती हैं तो कभी अपनी गाड़ी से घायल बच्चे को हॉस्पिटल में दाखिल कराने के बाद स्वयं अपने वाहन समेत चालक को भी पुलिस के हवाले कर देती हैं. हम बात कर रहे हैं आईएएस डॉ प्रियंका शुक्ला की जो अपनी कार्यशैली से सिर्फ सुर्खिय
15 जून 2018
01 जून 2018
Third party image referenceइस व्यक्ति का सोशल मीडिया पर किस अंदाज में मजाक उड़ाया जा रहा है, वह इस तस्वीर को देखकर आप अवश्य समझ जाएंगे। विश्व की सबसे ऊंची इमारत पर यह व्यक्ति बैठ कर अपने आप की आलोचना कर रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों का खूब मजाक उड़ाया जाता है।Third par
01 जून 2018
26 मई 2018
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक़ निपाह वायरस (NiV) तेज़ी से उभरता वायरस है, जो जानवरों और इंसानों में गंभीर बीमारी को जन्म देता है.NiV के बारे में सबसे पहले 1998 में मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह से पता चला था. वहीं से इस वायरस को ये नाम मिला. उस वक़्त इस बीमारी क
26 मई 2018
06 जून 2018
यूरोप का एक देश है. नीदरलैंड्स. पूरब में जर्मनी. दक्षिण में बेल्जियम. वहां के लोगों को डच, उनकी भाषा, उनकी संस्कृति को डच कहा जाता है. डच लोग दुनिया के सबसे सुखी-संपन्न लोगों में गिने जाते हैं. यहां के प्रधानमंत्री हैं मार्क रुट. उनका एक विडियो दुनियाभर में वायरल हो रहा ह
06 जून 2018
08 जून 2018
इस वीडियो को देखिए. एक बार नहीं. बार बार. ईयरफोन लगाकर. स्पीकर तेजकर. अकेले. दोस्तों के साथ. तब तक. जब तक इसकी एक एक आवाज, एक एक शब्द, एक एक भाव रोएं रोएं से भीतर न पैठ जाए.ये कल्कि कोएचलिन हैं. ये उनकी लिखी कविता है. या कि एक सच्चाई. एक खौफ. जिसके हम सब जो पढ़ रहे हैं, ह
08 जून 2018
11 जून 2018
दुनिया जुगाड़ पर कायम है. काम छोटा हो या बड़ा, उसके लिए जुगाड़ खोज निकलाना हमें अच्छे से आता है, लेकिन भाई कुछ लोगों के जुगाड़ों को देख कर लगता है कि धरती पर हम से भी बड़े-बड़े जुगाड़ू पड़े हुए हैं. शायद अब तक इन लोगों के कारनामों की ख़बर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड को नहीं पड़ी, वरना इन लोगों का
11 जून 2018
25 मई 2018
3 दिसंबर 1971. इंदिरा गांधी दिल्ली से बाहर थीं. उन्हें सूचना मिली कि पाकिस्तानी जंगी जहाज़ों ने भारत पर हमला कर दिया है. इंदिरा गांधी उसी दिन दिल्ली आईं और उन्हें पूरे हालात की जानकारी दी गई. उन्होंने सेना के अफसरों और कैबिनेट के नेताओं के साथ रात के ग्यारह बजे एक मीटिंग क
25 मई 2018
28 मई 2018
गुजरात के भावनगर में कोलियाक तट (Koliyak Beach) से तीन किलोमीटर अंदर अरब सागर में स्तिथ है निष्कलंक महादेव। यहाँ पर अरब सागर की लहरें रोज़ शिवलिंगों का जलाभिषेक करती हैं। लोग पानी में पैदल चलकर ही इस मंदिर में दर्शन करने जाते है। इसके लिए उन्हें ज्वार (Tide) के उतरने का इं
28 मई 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x