आज का शब्द (२)

11 अप्रैल 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (185 बार पढ़ा जा चुका है)

आज का शब्द (२)  - शब्द (shabd.in)

लब्बोलुआब :

१-सारांश, सार, निचोड़, संक्षेप;


२-भावार्थ, तात्पर्य;


प्रयोग: उन लोगों की पूरी बात का लब्बोलुआब बस यही है कि उन्हें अधिक से अधिक पैसा चाहिए.








शनिवार, ११ अप्रैल, 2015

अगला लेख: आज का शब्द (३)



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 अप्रैल 2015
प्याज के छिलकों की तरह, उधेड़ती जाती है ज़िंदगी... दिन एक-एक करके. एक उम्मीद है जो दम भरती है कहीं बरसों से I धूप की टांग पकड़ कर खींच ली थी एक रोज़, तो छाँव के पाँव कांपने लगे थे; बारिश के दोनों हाथ बाँध दिए थे नदी के दो छोरों पर तो बादलों की घिघ्घी बंध गयी थी I अब गालों पर अश्क़ों के लर
14 अप्रैल 2015
03 अप्रैल 2015
​अगर लोग अंग्रेज़ी पढ़ते हैं तो व्यापारी बुद्धि से और तथाकथित राजनीतिज्ञ फ़ायदे के लिए ही पढ़ते हैं. हमारे विद्यार्थी ऐसा मानने लगे हैं कि अंग्रेज़ी के बिना उन्हें सरकारी नौकरी हरगिज़ नहीं मिल सकती. लड़कियों को तो इसलिए अंग्रेज़ी पढ़ाई जाती है कि उनको अच्छा वर मिल जाएगा. मैं इसकी कई मिसालें जानता हूँ. मैंने
03 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
किंकर्तव्यविमूढ़ : १-दुविधा की स्थिति, २-भौचक्का या अवाक रह जाना, ३-जो यह न समझ सके की उसे अब क्या करना चाहिए जैसे-आपको कोई एक निर्णय तो लेना ही होगा कि जीवन में नौकरी करोगे या व्यापार, लेकिन इस तरह किंकर्तव्यविमूढ़ होकर बैठने से कोई लाभ नहीं होगा I शुक्रवार, १० अप्रैल, २०१५
11 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
31 मार्च 2015
सा
13 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
10 अप्रैल 2015
03 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x