पान बेचने वाले जिद्दी पिता ने नहीं मानी हार, पेट काटकर तीनों बेटों को बना दिया IIT इंजीनियर

24 जून 2018   |  अखिलेश ठाकुर   (136 बार पढ़ा जा चुका है)

बिहार में एक कहावत है ‘बढय पुत पिता के धर्मे आ खेती उपजय अपना कर्मे’ अर्थात बेटा पिता के धर्म से आगे बढ़ता है और खेती कर्म करने पर लहलहाती है। जीं हां कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एक गरीब पिता ने। जो पान की दुकान चलाता है। किसी तरह परिवार को पालता है। जी तोड़ मेहनत करता है। तब तक हार नहीं मानता है जब तक सपना साकार ना हो जाए। आज उस पिता का सपना सकार हो गया है। उनके तीनों बेटे आज सफलता की मुकाम पर पहुंच गए है और IIT इंजीनियर पर परचम लहरा रहे हैं।



हम आपको गया में पान की दुकान चलाने वाले और किराए के मकान में रहने वाले सुनील कुमार के बारे में बता रहे हैं । सुनील के दो बेटे पहले ही आईआईटी करने के बाद अच्छी नौकरी कर रहे हैं और अब तीसरे बेटे का सेलेक्शन भी जेईई एडवांस में हो गया है। सुनील का कहना है कि वे भी बचपन में काफी मेधावी थे लेकिन अनुकूल परिस्थिति नहीं मिलने के कारण कुछ बन नहीं सके। इसकी कसक उनके मन में थी। उन्होंने यह निर्णय लिया कि जो हमारे साथ हो रहा है वह हमारे बच्चों के साथ नहीं होगा।




बच्चों को सबसे अच्छे स्कूल में कराया एडमिशन
सुनील ने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की ठानी और गया के सबसे अच्छे स्कूल में दाखिला करवाया। पहले बेटे अभिराज ने जब आईआईटी की परीक्षा पास की तो उन्हें हार्ट का ऑपरेशन करवाना पड़ा। उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि बेटे को आईआईटी में एडमिशन करवाएं। रिश्तेदार से कर्ज लेकर उन्होंने अभिराज को आईआईटी गुवाहटी भेजा।



कई बार आर्थिक स्थिति से आई मुश्किलें
सुनील बताते हैं, इस दौरान कई बार आर्थिक स्थिति से ऐसी मुश्किलें आई कि उन्हें लगा कि उनका सपना पूरा नहीं हो सकेगा। ऐसे में उनकी पत्नी ने उन्हें हौसला दिया और ईश्वर ने उनकी मदद की। पत्नी ने अपनी सारी ख्वाहिशें अपने बच्चों पर न्योछावर किया और स्कूल के दौरान उनके बच्चे हमेशा उपस्थिति और परीक्षा में अव्वल आते रहे।



दो और बच्चे बने आईआईटीयन
बाद में दूसरे बेटे अंशुमन का भी आईआईटी में सेलेक्शन हुआ और अंशुमन ने आईआईटी मुंबई से बी-टेक किया। आज दोनों बेटे गुडगांव में एक अच्छी कंपनी में अच्छी सैलरी पर नौकरी कर रहे हैं। इस साल तीसरे बेटे अनिकेत का भी जेईई एडवांस में सेलेक्शन हो गया।

Source: live bihar


https://www.ekbiharisabparbhari.com/2018/06/21/father-stubbornly-refused-to-give-up-lost-belly-made-three-sons-iit-engineer/

अगला लेख: अगले 72 घंटे में इन राज्यों में 'कहर' बनकर टूटेगी बारिश, मौसम विभाग ने दी 'ऑरेंज' चेतावनी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
09 जून 2018
स्कूल का छात्रहों या कालेजका छात्र परीक्षाकी बात आतेही उसके हाथपैर फूलने लगतेहै। हर एकछात्र की यहइच्छा रहती हैंकि उसे अधिकसे अधिक अंकप्राप्त हों। कुछइसी तरह कीइच्छाएं प्रत्येक माता-पिताकी भी रहतीहैं। परीक्षा कानाम जब इतनीघबराहट देता हैंतो निश्चित रुपसे इसकी तैयारीकरने
09 जून 2018
18 जून 2018
शि
मुख्यतः हम जनसाधारण शिक्षा व साक्षरता में अंतर करना नहीं जानते. किसीके शिक्षित होने या न होने का मापदंड उसके उपलब्ध किये हुए डिग्री से समझते हैं. जिसने जितनी ज़्यादा उच्च शिक्षा प्राप्त की हो वह उतना ही दूरदर्शी और सुलझे हुए विचारों का होगा, हम ऐसा समझते हैं.
18 जून 2018
27 जून 2018
बिहार बोर्ड को पिछले दो-तीन साल से पता नहीं कैसी नज़र लगी है कि हर बार कुछ अजूबा हो रहा है. पाबंदियों के बावजूद नकल की खबरें तो आम रहीं, फिर टॉपर रूबी रॉय फर्जी निकल गई. फिर अभी कुछ दिनों पहले पता चला कि एग्ज़ाम की 42 हज़ार कॉपियां 8,000 रुपए में बेच दी गईं. अब ऐसी हालत म
27 जून 2018
28 जून 2018
देश की राजधानी दिल्ली के लिए अगले 72 घंटे काफी अहम हैं. मॉनसून के पहुंचने से पहले ही यहां भयंकर बारिश का अनुमान जताया गया है. अगले तीन दिल्ली में भारी बारिश की चेतावनी के साथ लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है. आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश कहर बनकर टूट सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, देशभर के कई राज्य
28 जून 2018
14 जून 2018
हमारा सामना कई बार ऐसी शख़्सियतों से होता है, जिन्होंने समाज के सभी बंधनों को तोड़कर अपने सपनों को हक़ीक़त में बदला है.ऐसी ही एक जाबांज़ महिला थी शांति तिग्गा.कौन थी शांति?35 साल की विधवा, दो बच्चों की मां. ऐसी महिला के बारे में सुनते ही लोगों के मन में एक ही शब्द आता है,
14 जून 2018
28 जून 2018
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर की समाधि स्थल पर टोपी पहनने से इनकार कर दिया. दरअसल, गुरुवार (28 जून) को वाराणसी के नजदीक मगहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले हैं. उनके इस दौरे से पहले सीएम योगी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे. सीएम योगी इस दौरान संत कबीर की
28 जून 2018
11 जून 2018
दुनिया में जितने डिग्रीधारी डॉक्टर नहीं है उससे ज्यादा आपको खुद से इलाज करने वाले लोग मिल जाएंगे। ऐसे लोगों के पास हर मर्ज की दवा होती है, ये लोग पेट दर्द, नजला-जुकाम से लेकर हैजा-टीवी और कैंसर तक का इलाज घरेलु नुस्खों पर बता देते हैं और हर डॉक्टर का दावा होता है कि असर च
11 जून 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x