मुझको प्यार मे तन्हाई मिली

30 जून 2018   |  vikas khandelwal   (86 बार पढ़ा जा चुका है)

मुझको प्यार मे तन्हाई मिली



आपको क्या मिला



साथ चलते थे वो मेरे ,



तो लगता था खुदा साथ है



अब जुदा हो गए है वो मुझसे,


तो यु लगता है,



जिस्म हि ख़ाली रह गया है मेरे पास,



जान मेरी चली गई उनके साथ है



मेरे दोस्त मेरा तमाशा ना कर



बस इतना बता दे मुझे


तू मेरे साथ है या मेरे रकीब के साथ है



सिकन्दर भी दुनिया से खाली हाथ हि गया



किसी को क्या मिला ये मुकदर कि बात है



उनके हाथ आज मेरे दिल के लहु से रंगे है



आज मेरा महबूब किसी गैर के साथ है



मुझको प्यार मे तन्हाई मिली



आँखों को उम्र भर रोने कि सज़ा मिली



मुझको प्यार मे तन्हाई मिली


























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