परिवार,,,,,,

30 जून 2018   |  नृपेंद्र कुमार शर्मा   (85 बार पढ़ा जा चुका है)

फिलीपींस के एक शहर सेबु में एक परिवार रहता था।
बांस और लकड़ी के बने छोटे से घर में अपनी काम आय में भी सुखी प्रसन्न।
परिवार में , श्री अल्बर्ट उनकी पत्नी नेनेथ तथा उनका 8 वर्ष का बेटा ऐरिल।
समय अच्छा बीत रहा था। ऐरिल का 11 जन्मदिन दो दिन पहले ही मनाया गया था , लेकिन नेनेथ को कहा पता था कि उसकी खुशी के आखिरी पल थे। श्री अल्बर्ट को सुबह सुबह ही सीने में दर्द हुआ नेनेथ आनन -फानन में उनको अस्पताल लेकर गईं। जहां पता लगा कि उनको मेजर हार्ट अटेक आया है।
शाम तक नेनेथ कि दुनिया उजङ चुकी थी।
अल्बर्ट का वो अटेक उन्हें अपने साथ ही ले गया।
पीछे रह गए रोते विलखते नेनेथ और ऐरिल।
नेनेथ ने अपने बेटे को सम्भालने का निश्चय किया और जुट गई अपने काम में।
ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं थी तो एक बड़े घर मे काम वाली बाई बन गई।
उस समय उनकी उम्र कोई 33 साल ही थी। इस उम्र में फिलीप में लोग दूसरी , तीसरी शादी आराम से कर लेते हैं।
किन्तु नेनेथ ने अपने बेटे के लिए अकेले रहने का निश्चय कर लिया।
उनकी लगन एव ईमानदारी से उनके मालिक लीग भी बहुत खुश थे।
समय बीत ता गया , नेनेथ ने अपनी बचत से अपना मकान बहुत सुंदर ढंग से बना लिया उसकी दूसरी मंजिल बनाकर वह बहुत खुश थी कि उसमे इसकी बहु आएगी ओर नेनेथ काम से छुट्टी लेकर पोते पोती खिलाएगी।
ऐरिल 26 साल का है ओर एक कंपनी में काम करता है। वही उसकी मुलाकात रेसेप्सनिस्ट अन्नाबेल से होती है। धेरे धेरे दोनो करीब आजाते हैं। एनाबेल एक नाजुक सी पतली सी गोरी लड़की है। ऐरिल उसपर फिदा है।
एक दिन ऐरिल नेनेथ को बता देता है।
नेनेथ ने खुशी खुशी दोनो की शादी करा दी।
समय तेज़ी से गुज़रा अन्नाबेल 3 बच्चों के मा बन गईं नेनेथ बच्चों के साथ बहुत खुश थी। हालांकि अन्नाबेल शुरू से ही नेनेथ के साथ दुर्व्यभार करती थी किन्तु अब उसकी ज्यादतियां बढ़ती जा रही थीं।
एक दिन उसने झगड़ा करके साफ कह दिया कि वह नेनेथ के साथ नही रहेगी।
और ऐरिल भी कुछ नही कर पाया , नेनेथ अपने ही सपनो के घर से निकल दी गई।
नेनेथ ने घर से 400 किलोमीटर दूर मनिला में नौकरी कर ली।
कुछ दिन अन्नाबेल ओर ऐरिल खुशी से रहे,किन्तु जल्दी ही ऐरिल को अपने किये पर पश्चताप होने लगा।
अन्नाबेल ने एक प्रेमी बना लिया और ऐरिल को परेशान करने लगी।
एक दिन वह बच्चों को उसकी माँ के घर छोड़कर अपने नए प्रेमी के साथ फरार हो गई।
आज नेनेथ मनिला में अपनी नोकरी में खुश है , गहालांकि उसे सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक व्यस्त रहना पड़ता है , लेकिन यह व्यस्तता ही उसकी शांति पूर्ण जीवन की कुंजी है।
ऐरिल आज बहुत शर्मिंदा है, वह अपनी मां के पास भी नही जाता । 38 कि उम्र में ही 50 का दिखने लगा है।
नेनेथ कभी कभी कुछ कपड़े पैसे मिठाई , अपने पोते पोतियों को भेज देती।
उसे इसमे भी बहुत खुशी होती है नेनेथ को।
कहानी रियल है सारे पात्र अभी हैं।
नेनेथ जी से मेरी बात होती रहती है। वह अभी 68 साल की हैं।
कहानी का तात्पर्य ये है कि वृद्ध भारत मे ही नही दुनिया भर में एक ही परेशानी से जूझ रहे हैं।

अगला लेख: बद्रीनाथ धाम यात्रा



रेणु
24 जुलाई 2018

प्रिय नृपेन्द्र -- ईश्वर की लाठी बे आवाज होती है | उसके न्याय की अनेक कहानियों में एक आपकी भी | बेहद संवेदनशील कहानी | हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं|

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