मिले कोई ऐसा दरजी तो बताना

05 जुलाई 2018   |  vikas khandelwal   (87 बार पढ़ा जा चुका है)

मेरे आँसू , मेरा दर्द , मेरा गम



कोई लेने वाला हो,



तो बताना



मैं जिन्दगी को जीना चाहता हु



एक मासूम बच्चे की तरह



कोई मुझसे प्यार करने वाला हो



तो बताना



मेरी आरजु बस इतनी है



कोई मिले जो अगर , तो मिले ख़ुदा जैसा



मैंने तो ढूंढ लिया है सारा जमाना



कोई तुम्हे मिले खुदा जैसा



तो बताना



मेरे दोस्त तुम भी , रकीब से कम नहीं निकले



बहुत निकले मगर आज आँखों से आंसू कम निकले



कोई हो मेरे आँसुओ को मोती बनाने वाला



तो बताना



मैं तन्हाईयो कि इक मिसाल हु



जिन्दगी के ऊपर मोत का सवाल हु



उनकी नज़रों के तीरो से घायल हु



मेरे जख्मो को जो सी भर दे



मिले कोई ऐसा दरजी



तो बताना


मेरे आँसू , मेरा दर्द..........

अगला लेख: दिल मेरा तुझे याद करता है



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 जुलाई 2018
मे
मैं तेरा हु सिर्फ तेरा एतबार कर मेरा चिराग़ बनके जला हु तो ये रौशनी रहेगी उमर भर एतबार कर मेरा मै तेरा हु सिर्फ तेरा मुझको अपने दिल मे बसा लो कब तलक
06 जुलाई 2018
20 जुलाई 2018
आज एक सुरज और ढल गया चाँद के पास से टूट सितारा गया फलक पे चमकते रहेंगे शब्दों के मोती कोई ग़ालिब , कोई मोमिन , आज फिर जिन्दगी कि जंग हार गया दिल कि नाव का डुब आज
20 जुलाई 2018
15 जुलाई 2018
ज़ि
हाथ से रेत फिसलती रही वक़्त के साथ दुनिया बदलती रही जिन्दगी तुझे देखा तो तबियत बिमार कि बहलती रही हाथ से रेत फिसलती रही मौसम को भी
15 जुलाई 2018
04 जुलाई 2018
जि
जिन्दगी रही तो तुझसे मिलेंगे जरूर तेरे दिल मे रहेंगे , नैनों मे रहेंगे,तेरी यादो में रहेंगे, कही भी रहे,मगर रहेंगे जरूर बादल आ गए है जो, मोह्बत कि बारिश लेके तो तेरे
04 जुलाई 2018
06 जुलाई 2018
मे
मैं तेरा हु सिर्फ तेरा एतबार कर मेरा चिराग़ बनके जला हु तो ये रौशनी रहेगी उमर भर एतबार कर मेरा मै तेरा हु सिर्फ तेरा मुझको अपने दिल मे बसा लो कब तलक
06 जुलाई 2018
29 जून 2018
ते
अबकी बार बारिश जो बरसे तो मेरी आँखों से बरसे मेरे महबूब तोडा तो दिल तुमने है तो क्यु ना मेरी याद मे,तेरी आँखों से लहु बरसे जैसे मैं तरस रहा हु
29 जून 2018
24 जून 2018
हमने पूछा कि मोहब्बत का फ़साना क्या है,उसने बोला यूँ ही कुछ पल का याराना-सा है,दिल के बदले में जहाँ दर्द-ए-दिल हैं लेते लोग,मन को बहलाने का बेकार बहाना-सा है,बस किताबो में,कहानी में सिमट बैठा है जो,लोगों की याद में इक गुजरा जमाना-सा है,सच की धरती पे सिसक तोड़ चुकी दम कब की,ख्वाब में आज भी उल्फ़त वो सुह
24 जून 2018
17 जुलाई 2018
कोईअस्तित्व न हो शब्दों का, यदि हो न वहाँ मौन का लक्ष्य |कोईअर्थ न हो मौन का,यदि निश्चित नहो वहाँ कोई ध्येय |मौनका लक्ष्य है प्रेम,मौन मौन कालक्ष्य है दया मौनका लक्ष्य है आनन्द,और मौन मौन काहै लक्ष्य संगीत भी |मौन, ऐसा गीत जो कभीगाया नहीं गया,फिरभी मुखरित हो गया |मौन, ऐसा
17 जुलाई 2018
30 जून 2018
दु
दर्द का दुसरा नाम महबूब है काटो सा चुभता गुलाब है मेरी पुरानी खताओं को माफ़ कर दो तो पेश ए खिदमत , एक नई खता जनाब है दर्द वो हि देते है, जो दिल मे रह
30 जून 2018
15 जुलाई 2018
ज़ि
हाथ से रेत फिसलती रही वक़्त के साथ दुनिया बदलती रही जिन्दगी तुझे देखा तो तबियत बिमार कि बहलती रही हाथ से रेत फिसलती रही मौसम को भी
15 जुलाई 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x