तेरा घर सोने का अमीर है

05 जुलाई 2018   |  vikas khandelwal   (127 बार पढ़ा जा चुका है)

वो तेरा घर जो मेरे घर के करीब है



तेरा घर महल अमीर है,



मेरा घर झोपड़ी गरीब है



वो तेरा घर जो मेरे घर के करीब है



कल मिल गए थे,



कुछ भुखे प्यासे बच्चे मुझे



मैंने उनको खाना खिला दिया



पेट उनका भरा तो लगा ,



जैसे खुदा मुस्कुरा दिया



कौन कहता है फिर कि



मेरी नियत ख़राब है



ये तेरा घर जो मेरे घर के क़रीब है



मेरे दर से कोई खाली हाथ जाता नहीं



मुझको ख़ुदा लेकिन कुछ देता नहीं



और बात दुआओ मे दम कि करता है



जाने मैं ग़रीब हु या ,



विसाले मेरा खुदा ग़रीब है



वो तेरा घर..........



मुझको उनकी एक झलक दिखला दो



बदले मे जो चाहे ले लो



जान हाज़िर है मेरी



मेरी जान का दीदार करवा दो


कोई उनसे जा के कह दे बस इतना


दिवाना उनका मरने के क़रीब है



वो तेरा घर..........



मुझको तनहाई मे कुछ दिन रहने दो अब


उनके जुल्मों सितम सहने दो अब



या तो उनके सितम मेरी हस्ती मिटा देंगे



या फिर उनको , मुझसे प्यार होने के क़रीब है



ये तेरा घर जो मेरे घर के क़रीब है



तेरा घर सोने का अमीर है



मेरा घर पीतल गरीब है



ये तेरा घर जो मेरे घर के क़रीब है




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