हास्य.......

05 जुलाई 2018   |  गौरीगन गुप्ता   (72 बार पढ़ा जा चुका है)

हास्य , जीवन की एक पूंजी......, कुदरत की सबसे बडी नेमत हैं हंसी... , ईश्वरीय प्रदत वरदान है हंसी ..., मानव मे समभाव रखती हैं हंसी..., जिन्दगी को पूरा स्वाद देती हैं हंसी......, बिना माल के मालामाल करने वाली पूूंजीहै हंसी...., मायूसी छायी जीवन मे जादू सा काम करती है हंसी...., तेज भागती दुनिया मे मेडिटेशन का काम करती है हंसी..., पलों को यादगार बना जीने को एक नई दिशा देती है हंसी...., अवचेतन मन मे भावों को अभिव्यक्त करती है हंसी...., साहित्य के नव रसो मे एक रस होता है हास्य .., खाने मे नमक जैसा महत्व है जीवन मे हंसी का ...., 'हसना ही जीवन है' इसे अपना दोस्त बनाओ .....

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