आज का शब्द (१२)

23 अप्रैल 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (224 बार पढ़ा जा चुका है)

आज का शब्द (१२)

विहग :

१- पक्षी


२- तीर, बाण


३- सूर्य


४-चन्द्रमा


प्रयोग : रंग-बिरंगे विहग देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा I

अगला लेख: आज का शब्द (३)



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 अप्रैल 2015
सा
निश्चय ही मनुष्य की संकल्प शक्ति का पारावार नहीं, यदि वह मानसिक तथा शारीरिक क्षमता बढ़ाने में ही स्वयं को लगा दे, तो ऐसा बलवान बन सकता है जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाएँ. दृढ संकल्प के साथ उद्द्यम, आशा और साहस का संयुक्त समन्वय हो, तो वह असाध्य रोगों से भी लड़ सकता है. मनुष्य, दृढ संकल्प शक्ति के ब
13 अप्रैल 2015
24 अप्रैल 2015
कौमुदी : १- चाँदनी २- ज्योत्सना ३- चंद्रप्रभा ४- चन्द्रिका ५- मालती प्रयोग : बर्फ से ढकी, कौमुदी में नहाई घाटी ऐसी चमक रही थी मानो चाँद धरा पर उतर आया हो I
24 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
लब्बोलुआब : १-सारांश, सार, निचोड़, संक्षेप; २-भावार्थ, तात्पर्य; प्रयोग: उन लोगों की पूरी बात का लब्बोलुआब बस यही है कि उन्हें अधिक से अधिक पैसा चाहिए. शनिवार, ११ अप्रैल, 2015
11 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
11 अप्रैल 2015
25 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
20 अप्रैल 2015
16 अप्रैल 2015
28 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x