आज का शब्द (१४)

24 अप्रैल 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (265 बार पढ़ा जा चुका है)

आज का शब्द (१४)

कौमुदी :

१- चाँदनी


२- ज्योत्सना


३- चंद्रप्रभा


४- चन्द्रिका


५- मालती


प्रयोग : बर्फ से ढकी, कौमुदी में नहाई घाटी ऐसी चमक रही थी मानो चाँद धरा पर उतर आया हो I

अगला लेख: आज का शब्द (३)



पूनम जी, आभार !

poonamsingh
24 अप्रैल 2015

सुन्दर प्रयोग जानकारी के लिए धन्यवाद

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 अप्रैल 2015
सा
निश्चय ही मनुष्य की संकल्प शक्ति का पारावार नहीं, यदि वह मानसिक तथा शारीरिक क्षमता बढ़ाने में ही स्वयं को लगा दे, तो ऐसा बलवान बन सकता है जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाएँ. दृढ संकल्प के साथ उद्द्यम, आशा और साहस का संयुक्त समन्वय हो, तो वह असाध्य रोगों से भी लड़ सकता है. मनुष्य, दृढ संकल्प शक्ति के ब
13 अप्रैल 2015
23 अप्रैल 2015
विहग : १- पक्षी २- तीर, बाण ३- सूर्य ४-चन्द्रमा प्रयोग : रंग-बिरंगे विहग देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा I
23 अप्रैल 2015
20 अप्रैल 2015
पल्लवी : १- जड़, तने, शाखा तथा पत्तियों से युक्त बहुवर्षीय वनस्पति, २- नए पत्तों से युक्त ३- पेड़, वृक्ष, पादप, तरु प्रयोग : पूजा-गृह के पास पल्लवी पर पीले प्रसून अति सुन्दर प्रतीत हो रहे हैं I
20 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
11 अप्रैल 2015
16 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
11 अप्रैल 2015
10 अप्रैल 2015
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x