मैं और मेरे गुरु

27 जुलाई 2018   |  गौरीगन गुप्ता   (132 बार पढ़ा जा चुका है)

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22 जुलाई 2018
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है| भारतव र्ष में कई विद्वान गुरु हुए हैं, जिन्होंने सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) के चारों वेदों की व्याख्या की थी| कहते है जैसे सूर्य की गर्मी से तपती भूमि को
22 जुलाई 2018
06 अगस्त 2018
बू
आसमां से धरती तक पदयात्रा करती हरित पर्ण पर मोती सी चमकती बूंद बूंद घट भरे बहती बूंदे सरिता बने काली ने संहार कर एक एक रक्त बूंद चूसा बापू ने रक्त बूंद बहाये बिना नयी क्रांति का आह्वान किया बरसती अमृत बूंदें टेसू पूनम की रोगी काया को निरोगी करे मन को लुभाती ओस की बूंदें क्षणभंगुर सम अस्तित्व का ज
06 अगस्त 2018
27 जुलाई 2018
विगत एक हफ्ते के भीतर देश की राजधानी दिल्ली के पास एनसीआर में नवनिर्मित या निर्माणाधीन या पुरानी बिंल्डिग अचानक ढ़ह जाने की लगातार चार घटनाएँ हो गई जिस कारणं सम्पत्ति के अलावा जानमाल का भी बड़ा नुकसान हो गया। ये घटनाएं 17, 21, 22 जुलाई 2018 के बीच गाजियाबाद, शाहबेरी, मसूरी, साहिबाबाद में हुई हैं। शाहब
27 जुलाई 2018
15 जुलाई 2018
ज़ि
हाथ से रेत फिसलती रही वक़्त के साथ दुनिया बदलती रही जिन्दगी तुझे देखा तो तबियत बिमार कि बहलती रही हाथ से रेत फिसलती रही मौसम को भी
15 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
समांत- अही पदांत- है मात्रा भार-२९ १६ १३ पर यति “गीतिका”हर मौसम के सुबह शाम से इक मुलाक़ात रही है सूरज अपनी चाल चले तो दिन और रात सही है भोर कभी जल्दी आ जाती तब शाम शहर सजाती रात कभी दिल दुखा बहकती वक्त की बात यही है॥हरियाली हर ऋतु को भाती जब पथ पुष्प मुसुकाते गुंजन करते
17 जुलाई 2018
02 अगस्त 2018
फिल्म गुरु से बारसो रे मेघा मेघा के गीत श्रेया घोषाल का एक प्यारा गीत है। इसके गीत गुलजार द्वारा लिखे गए हैं। यह गीत महान एआर रहमान की एक शानदार रचना है।गुरु (Guru )बरसो रे मेघा मेघा की लिरिक्स (Lyrics Of Barso Re Megha Megha )न रेबरसो रे मेघा मेघा बरसो रे मेघा मेघाबरसो रे मेघा बरसोबरसो रे मेघा
02 अगस्त 2018
01 अगस्त 2018
बहुत देख ली आडंबरी दुनिया के झरोखों से बहुत उकेर लिए मुझे कहानी क़िस्सागोई में लद गए वो दिन, कैद थी परम्पराओं के पिंजरे में भटकती थी अपने आपको तलाशने में उलझती थी, अपने सवालों के जबाव ढूँढने में तमन्ना थी बंद मुट्ठी के सपनों को पूरा करने की उतावली,आतुर हकीकत की दुनिया जीने की दासता की जंजीरों को तो
01 अगस्त 2018
12 जुलाई 2018
टे
मुंह अँधेरे ही भजन की जगह,फोन की घंटी घनघना उठी,घंटी सुन फुर्ती आ गई,नही तो,उठाने वाले की शामत आ गई,ड्राईंग रूम की शोभा बढाने वाला,कचड़े का सामान बन गया,जरूरत अगर हैं इसकी,तो बदले में कार्डलेस रख गया,उठते ही चार्जिंग पर लगाते,तत्पश्चात मात-पिता को पानी पिलाते,दैनान्दनी से निवृत हो,पहले मैसेज पढ़ते,बा
12 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
या
समय समय की बात यातना का जरिया बदला आमने सामने से ना लेते देते अब व्हाटसअप, फेसबुक से मिलती। जमाना वो था असफल होने पर बेटे ने बाप की लताड से सीख अव्वल आकर बाप का फक्र से सीना चौडा करता, पर अब तो, लाश का बोझ कंधे पर डाल दुनियां से ही अलविदा हो चला। सासूमां का बहू को सताना सुधार का सबक होता था नखरे
17 जुलाई 2018
05 अगस्त 2018
रा
राषटर् कविमानस भवन में आरय़जनजिसकी उतारे आरती।भगवान भारतव्रष मेंगूंजें हमारी भारती।। हिंदी साहित्य के राष्ट्र कवि पद्मभूषण से सम्मानित श्री मैथलीशरणगुप्त जी का जन्म ३ अगस्त,१८८५में उत्तर प्रदेश के जिला झाँसी के चिरगांव में हुआ था.हम सब प्रतिवर्ष जयंती कोकवि दिवस के रूप में मनाते हैं.अपनी पहली काव्य
05 अगस्त 2018
02 अगस्त 2018
गुरु से माया माया गीत: यह गीत मैरीम टोलर, चिन्मययी श्रीपाड़ा और केर्थी सगाथिया की शानदार आवाज़ में है। माया माया संगीत एआर रहमान द्वारा रचित है और गीत गुलजार द्वारा लिखे गए हैं। मल्लिका शेरावत ने इस गीत पर प्रदर्शन किया है।गुरु (Guru )मैया मैया की लिरिक्स (Lyrics Of Mayya Mayya )तू नील समुन्दर है
02 अगस्त 2018
27 जुलाई 2018
मातृवत्लालयित्री च, पितृवत् मार्गदर्शिका, नमोऽस्तुगुरुसत्तायै, श्रद्धाप्रज्ञायुता च या ||वास्तव में ऐसीश्रद्धा और प्रज्ञा से युत होती है गुरु की सत्ता – गुरु की प्रकृति – जो माता केसामान ममत्व का भाव रखती है तो पिता के सामान उचित मार्गदर्शन भी करती है | आज गुरु पूर्णिमा
27 जुलाई 2018
23 जुलाई 2018
तेरी याद ने दिवाना बना दिया शमा बनके जो जली हो तुम हमको उमर भर जलने वाला, परवाना बना दिया तेरी याद ने दिवाना बना दिया मुझको तस्वीरें तुम्हारी ,कुछ जो
23 जुलाई 2018
24 जुलाई 2018
गो
काव्य मंचों के अपरिहार्य ,नैसर्गिक प्रतिभा के धनी,प्रख्यात गीतकार ,पद्मभूषण से सम्मानित,जीवन दर्शन के रचनाकार,साहित्य की लम्बी यात्रा के पथिक रहे,नीरज जी का जन्म उत्तर प्रदेश के जिला इटावा के पुरावली गांव में श्री ब्रज किशोर सक्सेना जी के घर ४ जनवरी,१९२५ को हुआ था.गरीब परिवार में जन्मे नीरज जी की ज
24 जुलाई 2018
02 अगस्त 2018
गु
क्षण-प्रतिक्षण,जिंदगी सीखने का नाम सबक जरूरी नहीं,गुरु ही सिखाएजिससे शिक्षा मिले वही गुरु कहलाये जीवंत पर्यन्त गुरुओं से रहता सरोकार हमेशा करना चाहिए जिनका आदर-सत्कार प्रथम पाठशाला की गुरु माँ बनी दूजी शाला के शिक्षक गुरु बने सामाजिकता का पाठ माँ ने सिखाया शैक्षणिक स्तर शिक्षक ने उच्च बनाया नैतिक श
02 अगस्त 2018
23 जुलाई 2018
ठहरे पानी में पत्थर उछाल दिया है । उसने यह बड़ा कमाल किया है ।वह तपाक से गले मिलता है आजकल । शायद कोई नया पाठ पढ़ रहा है आजकल । आँखों की भाषा भी कमाल है । एक गलती और सब बंटाधार है ।
23 जुलाई 2018
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