आज का शब्द (१७)

28 अप्रैल 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (201 बार पढ़ा जा चुका है)

आज का शब्द (१७) - शब्द (shabd.in)

मूर्द्धन्य :

​१- वह वर्ण जिसका उच्चारण मूर्द्धा से होता है जैसे 'ट' वर्ग के सभी वर्ण मूर्द्धन्य हैं I


२- जो बहुत बड़ा या अच्छा हो, श्रेष्ठ, उदात्त, अध्यारूढ़;


जैसे : पं0 महामना मदन मोहन मालवीय मूर्द्धन्य विद्वान थे I


३- मस्तक में स्थित;


जैसे : शिव भक्त स्वामी जी का मूर्द्धन्य तिलक उन पर बहुत फबता है I

अगला लेख: किरण...



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 अप्रैल 2015
प्याज के छिलकों की तरह, उधेड़ती जाती है ज़िंदगी... दिन एक-एक करके. एक उम्मीद है जो दम भरती है कहीं बरसों से I धूप की टांग पकड़ कर खींच ली थी एक रोज़, तो छाँव के पाँव कांपने लगे थे; बारिश के दोनों हाथ बाँध दिए थे नदी के दो छोरों पर तो बादलों की घिघ्घी बंध गयी थी I अब गालों पर अश्क़ों के लर
14 अप्रैल 2015
23 अप्रैल 2015
विहग : १- पक्षी २- तीर, बाण ३- सूर्य ४-चन्द्रमा प्रयोग : रंग-बिरंगे विहग देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना न रहा I
23 अप्रैल 2015
16 अप्रैल 2015
पथ्य : १- शीघ्र पचने वाला भोजन जो रोगी को दिया जाता है. २- संयमित आहार ३- पथ अथवा मार्ग सम्बन्धी प्रयोग: १- रोज़-रोज़ पथ्य खाकर रोगी उकता जाता है I २-स्वस्थ रहने के लिए पथ्य अति आवश्यक है I ३- पथ्य कार्य के कारण, इन दिनों इस मार्ग पर अधिक भीड़ रहती है I १६ अप्रैल, २०१५
16 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x