“गज़ल” आकाश उठाकर तुम जब वापस आओगे

30 जुलाई 2018   |  महातम मिश्रा   (53 बार पढ़ा जा चुका है)

वज़्न- २२१ १२२२ २२१ १२२२ काफ़िया- अ रदीफ़ आओगे


“गज़ल”


आकाश उठाकर तुम जब वापस आओगे

अनुमान लगा लो रुक फिर से पछताओगे

हर जगह नहीं मिलती मदिरालय की महफिल

ख़्वाहिश के जनाजे को तकते रह जाओगे॥


पदचाप नहीं सुनता अंबर हर सितारों का

जो टूट गए नभ से उन परत खिलाओगे॥


इक बात सभी कहते हद में रहना अच्छा

नजदीक हिमालय के जाकर हिल जाओगे॥


अहसान करो इतना अपने मन के मालिक

उड़ना मत बे-पर तुम गिर कर तड़फाओगे॥


सुंदर लगता सूरज पर रात चाँदनी की

खोकर इस आभा को क्या तुम रह पाओगे॥


गौतम जल जाएगी रौनक इस चाहत से

मुँह हाथ छुपा करके क्या दर्द जिलाओगे॥


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: “चतुष्पदी”सुना था कल की नीरज नहीं रहे।



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
31 जुलाई 2018
“देशज गीत” जिनगी में आइके दुलार कइले बाटगज़ब राग गाइके सुमार कइले बाटनीक लागे हमरा के अजबे ई छाँव बा कस बगिया खिलाइ के बहार कइले बाट॥......जिनगी में आइके दुलार कइले बाटफुलाइल विरान वन चम्पा चमेलीकान-फूंसी करतानी सखिया सहेलीमनवा डेरात मोरा पतझड़ पहारूरात-दिन सावन जस फुहार कइ
31 जुलाई 2018
30 जुलाई 2018
"छंद रोला मुक्तक”पहली-पहली रात निकट बैठे जब साजन।घूँघट था अंजान नैन का कोरा आँजन।वाणी बहकी जाय होठ बेचैन हो गए-मिली पास को आस पलंग बिराजे राजन।।-१खूब हुई बरसात छमा छम बूँदा बाँदीछलक गए तालाब लहर बिछा गई चाँदी। सावन झूला मोर झुलाने आए सैंया-
30 जुलाई 2018
06 अगस्त 2018
५-८-१८ मित्र दिवस के अनुपम अवसर पर आप सभी मित्रों को इस मुक्तक के माध्यम से स्नेहल मिलन व दिली बधाई"मिलन मुक्तक"भोर आज की अधिक निराली ढूँढ़ मित्र को ले आई।सुबह आँख जब खुली पवाली रैन चित्र वापस पाई।देख रहे थे स्वप्न अनोखा मेरा साथी आया है-ले भागा जो अधर कव्वाली मैना कोयलिया
06 अगस्त 2018
19 जुलाई 2018
"गीत"चैन की बांसुरी बजा रहे बाबासु-धर्म की धूनी जगा रहे बाबाआसन जमीनी जगह शांतिदायी नदी पट किनारे नहा रहे बाबा॥..... चैन की बांसुरी बजा रहे बाबामाया सह काया तपा रहे बाबा सुमन साधना में चढ़ा रहे बाबा सुंदर तट लाली पीत वसन धारीराग मधुर संध्या
19 जुलाई 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x