शुक्र का कन्या राशि में गोचर

31 जुलाई 2018   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (151 बार पढ़ा जा चुका है)

शुक्र का कन्या राशि में गोचर

कल श्रावण कृष्ण पञ्चमी को कौलव करण और अतिगण्ड योग में 12:27 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र शत्रु ग्रह सूर्य की सिंह राशि से निकल कर मित्र ग्रह बुध की कन्या राशि में प्रविष्ट हो जाएगा | इस प्रस्थान के समय शुक्र उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होगा | यहाँ से 11 अगस्त को हस्त नक्षत्र और 25 अगस्त को चित्रा नक्षत्र में भ्रमण करते हुए पहली सितम्बर को 23:27 के लगभग अपनी राशि तुला में प्रवेश कर जाएगा | उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी सूर्य, हस्त का नक्षत्र का स्वामी चन्द्रमा तथा चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह मंगल है | आइये जानने का प्रयास करते हैं कि प्रत्येक राशि के लिए शुक्र के कन्या राशि में गोचर के सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं...

मेष : शुक्र आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहा है | एक ओर आपके उत्साह और मनोबल में वृद्धि के संकेत हैं तो वहीं दूसरी ओर आपके लिए यह गोचर चुनौतियों से भरा प्रतीत होता है | उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | पार्टनरशिप में कोई व्यवसाय है तो उसमें व्यवधान उत्पन्न हो सकता है | प्रेम सम्बन्धों और वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार की दरार के संकेत हैं | किन्तु यदि आप कलाकार अथवा वक्ता हैं तो आपके कार्य की दृष्टि से अनुकूल समय प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस का निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान के लिए भी यह गोचर समय अनुकूल प्रतीत होता है | आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन होने की सम्भावना है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है | उत्साह में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | आप कोई नया वाहन अथवा घर खरीदने की योजना बना सकते हैं | किन्तु परिवार में किसी प्रकार के तनाव की भी समभावना है | स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है | आपके तथा आपकी सन्तान की विदेश यात्राओं में भी वृद्धि हो सकती है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में हो रहा है | आपके मित्रों तथा सम्बन्धियों में वृद्धि के योग हैं | भाई बहनों तथा सहकर्मियों के साथ सम्बन्धों में माधुर्य बना रहने की सम्भावना है | आपकी किसी बहन का विवाह भी इस अवधि में सम्भव है | आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के संकेत हैं | किसी महिला मित्र के माध्याम से धन प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं | प्रॉपर्टी अथवा वाहनों की खरीद फरोख्त में लाभ की सम्भावना है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में हो रहा है | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व में निखार आने के साथ ही आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | यदि आप दस्कार हैं, कलाकार हैं अथवा सौन्दर्य प्रसाधनों से सम्बन्धित कोई कार्य आपका है, या मीडिया से किसी प्रकार सम्बद्ध हैं तो आपके कार्य की प्रशंसा के साथ ही आपको कुछ नए प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त होने की सम्भावना है | इन प्रोजेक्ट्स के कारण आप बहुत दीर्घ समय तक व्यस्त रह सकते हैं तथा अर्थ लाभ कर सकते हैं |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र आपकी राशि में ही गोचर कर रहा है | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही आपके लिए कार्य से सम्बन्धित लम्बी विदेश यात्राओं के योग भी प्रतीत होते हैं | आपको कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त हो सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रह सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग स्वयं ही आपकी ओर आकर्षित हो जाते हैं | धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि में वृद्धि हो सकती है |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है | स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | लम्बी विदेश यात्राओं के योग हैं, किन्तु इन यात्राओं के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की तथा दुर्घटना आदि के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | साथ ही ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपके मान सम्मान की हानि होने की सम्भावना है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में हो रहा है | कार्य से सम्बन्धित यात्राओं में वृद्धि के साथ ही आर्थिक स्थिति में दृढ़ता के भी संकेत हैं | आप अपने जीवन साथी के साथ कहीं देशाटन के लिए भी जा सकते हैं | आपको अपने मित्रों तथा बड़े भाई का सहयोग प्राप्त होता रहेगा | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के भी संकेत हैं | यदि किसी प्रेम सम्बन्ध में हैं तो वह विवाह में परिणत हो सकता है | दाम्पत्य जीवन में अन्तरंगता के संकेत हैं |

धनु : आपका षष्ठेश और एकादशेश आपकी राशि से दशम भाव में गोचर कर रहा है | उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं | यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसके अनुकूल दिशा में प्रगति की सम्भावना है | यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता प्राप्त हो सकती है | किन्तु साथ ही विरोधियों की ओर से भी सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी बात पर भाई बहनों अथवा बॉस के साथ कोई विवाद भी उत्पन्न हो सकता है | अपने आचरण से थोड़ा Diplomatic होने की आवश्यकता है | साथ ही स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है | पैसे के लेन देन के समय सावधान रहें |

मकर : आपका योगकारक आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है | आपके कार्य में हर प्रकार से लाभ के संकेत हैं | नौकरी में हैं तो पदोन्नति के साथ स्थानान्तरण के भी संकेत हैं | आपका अपना व्यवसाय है तो उसमें भी प्रगति की सम्भावना है | कलाकारों को किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | परिवार में धार्मिक अथवा माँगलिक कार्यों के आयोजनों की सम्भावना है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान प्रतिष्ठा में वृद्धि के भी संकेत हैं | लम्बी दूरी की यात्राओं के भी योग हैं |

कुम्भ : आपका योगकारक शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहा है | परिवार में अप्रत्याशित रूप से किसी विवाद के उत्पन्न होने की सम्भावना है | किन्तु साथ ही भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि की भी सम्भावना है | आपको किसी वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी अथवा वाहन का लाभ भी हो सकता है | यदि आप स्वयं कोई प्रॉपर्टी अथवा वाहन खरीदना चाहते हैं तो इस विचार को अभी कुछ समय के लिए स्थगित करना ही हित में होगा | परिवार में माँगलिक आयोजन जैसे किसी का विवाह आदि हो सकते हैं जिनके कारण परिवार में उत्सव का वातावरण बन सकता है | साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रूचि बढ़ सकती है | मन की भावनाओं पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता है |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपके सप्तम भाव में हो रहा है | छोटे भाई बहनों के कारण जीवन साथी के साथ किसी प्रकार का विवाद सम्भव है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारान आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्यक्षेत्र में आपको कठिन परिश्रम करना पड़ सकता है | अपने, भाई बहनों के तथा जीवन सतही के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता है |

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

अगला लेख: हिन्दी पञ्चांग



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
17 जुलाई 2018
16 जुलाई, 2018: आपकी पुस्तक में, विकल्प रखने की तरह कुछ भी नहीं है, है ना? यह सबकुछ बेहतर बनाता है, यह जानकर कि यदि योजना ए काम नहीं करता है, तो प्लान बी अच्छा दिखता है, और प्लान सी जाने के लिए तैयार है। खैर, आपको आज रात कई योजनाओं की आवश्यकता नहीं हो सकती है, लेकिन उन्हें वैसे भी आसान बनाते हैं। ब्
17 जुलाई 2018
24 जुलाई 2018
कुछ लोगों को संशय होता है कि ज्योतिष कोआयुर्वेद के समान वेद तो नहीं माना जाता ?ज्योतिष वेद है भी नहीं, वेदों का अंग है – वेदांग | ज्योतिष से सम्बन्धित ज्ञान वेदों में निहित है |ऋग्वेद में लगभग 20 मन्त्र ज्योतिष के विषय में उपलब्ध होते हैं,
24 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
16 जुलाई, 2018: आप कभी भी शर्मिंदा होने, सेवानिवृत्त होने या डरने के लिए कभी नहीं जानते हैं कि आपके दिमाग में क्या है। तो जब आप आज उन गुणों को प्रदर्शित करते हैं और आपके आस-पास के हर कोई थोड़ा सा शॉक-शॉक लगता है, तो आप समझाना चाहेंगे - लेकिन यह आवश्यक नहीं होगा। आसपास के क्षेत्र में एक निश्चित व्यक्
17 जुलाई 2018
19 जुलाई 2018
मेरा अन्तर इतनाविशाल समुद्र से गहरा/ आकाश से ऊँचा / धरती सा विस्तृत जितना चाहे भरलो इसको / रहता है फिर भी रिक्त ही अनगिन भावों काघर है ये मेरा अन्तर कभी बस जाती हैंइसमें आकर अनगिनती आकाँक्षाएँ और आशाएँजिनसे मिलता हैमुझे विश्वास और साहस / आगे बढ़ने का क्योंकि नहीं हैकोई सीम
19 जुलाई 2018
20 जुलाई 2018
शनिवार, 21 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:36 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:18 पर चन्द्र राशि : तुला चन्द्र नक्षत्र : स्वाति 09:06 तक, तत्पश्चात विशाखा तिथि : आषाढ़ शुक्ल नवमी 13:43 तक, तत्पश्चात आषाढ़ शुक्
20 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
16 जुलाई, 2018: आप वास्तव में आज रात की प्रतीक्षा कर रहे हैं, है ना? खैर, आपके पास हर अधिकार है - खासकर जब सुबह और दोपहर काफी व्यस्त दिखते हैं। दूसरों को अपनी ज़िम्मेदारियों का ख्याल रखने के लिए आपको क्या करना है, फिर अपने आप को अपनी ज़िम्मेदारी का ख्याल रखने के लिए कुछ ऊर्जा बचाने के लिए सुनिश्चित
17 जुलाई 2018
25 जुलाई 2018
गुरुवार, 26 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:39 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:15 पर चन्द्र राशि : धनु चन्द्र नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ 21:25 तक, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ तिथि : आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी 23:16 तक, तत्प
25 जुलाई 2018
24 जुलाई 2018
बुधवार, 25 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:38 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:16 पर चन्द्र राशि : धनु चन्द्र नक्षत्र : मूल 18:20 तक, तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ तिथि : आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी 20:45 तक, तत्पश्चात आष
24 जुलाई 2018
23 जुलाई 2018
प्रेम और ध्यान मैंने देखा, औरमैं देखती रही / मैंने सुना, और मैं सुनती रही मैंने सोचा, औरमैं सोचती रही / द्वार खोलूँ या ना खोलूँ |प्रेम खटखटातारहा मेरा द्वार / और भ्रमित मैं बनी रही जड़ खोई रही अपनेऊहापोह में |तभी कहा किसीने / सम्भवतः मेरी अन्तरात्मा ने तुम द्वार खो
23 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
16 जुलाई, 2018: अगर आप वास्तव में नहीं चाहते हैं तो भवन छोड़ने के बारे में भी मत सोचो। आपके दोस्त, भाई बहन और पड़ोसी आपसे बात करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर आप कड़वाहट की तरह महसूस नहीं करते हैं, तो चिल्लाओ मत। उन ऊँची एड़ी को खोदें, अपने पसीने में फिसल जाएं और सोफे पर आरामदायक जगह ढूंढें। यदि
17 जुलाई 2018
19 जुलाई 2018
शुक्रवार, 20 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:35 पर कर्कमें (10:17 पर सूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश)सूर्यास्त : 19:18 पर चन्द्र राशि : तुला चन्द्र नक्षत्र : चित्रा 08:08 तक, तत्पश्चात स्वाति तिथि :
19 जुलाई 2018
19 जुलाई 2018
हम सभी जानते हैं कि ज्योतिष एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण और सम सामयिक विषय है | वेदांगों के अन्तर्गत ज्योतिषको अन्तिम वेदान्त माना गया है | प्रथम वेदांग है शिक्षा – जिसे वेद की नासिका माना गया है | दूसरा वेदांग है व्याकरण जिसेवेद का मुख माना जाता है | तीसरे वेदांग निरुक्त को वेदों का कान, कल
19 जुलाई 2018
17 जुलाई 2018
16 जुलाई, 2018: बाकी दुनिया बाहर जाने की सोच रही है, लेकिन आप नहीं हैं। आपकी जगह, सही कंपनी और सभी सही प्रावधान आसान हैं जो आपको ठीक लगेगा। इसके अलावा, आपके पास कुछ है - या यह कोई है? - आप साझा करना चाहते हैं, लेकिन केवल विशेष लोगों के साथ। अपनी प्यारी या अपने सबसे अच्छे दोस्तों को लुभाने और एक अच्छ
17 जुलाई 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x