आइसक्रीम

11 मई 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (254 बार पढ़ा जा चुका है)

आइसक्रीम

नज़्म...
अटकी हुई है
देर से,
ज़ेहन के
गोशों में कहीं।
मुंह लटकाए
पड़ी है कब से,
खामोखयाली की
मटमैली चादर ओढ़े।
करेले सा ...
कडुआपन
हलक को
चीरे जाता है जैसे;
एक बच्चे ने
आइसक्रीम
खाते-खाते
बहा रखी है
कुहनियों तक,
थोड़ी सी
मैं भी चख लूँ
फिर लिखता हूँ।
नज़्म अटकी हुई है
देर से......!


अगला लेख: सम्मान अमर वाणी-2015



एक बच्चे ने
आइसक्रीम
खाते-खाते
बहा रखी है
कुहनियों तक, बहुत सुन्दर एहसास !

जेहन के गोशों से वाक्य में एक अच्छी नजम निकली है

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 मई 2015
तरुण : १- युवक २- जवान ३- तलुन ४- मुटियार ५- वयोधा प्रयोग : तरुणों के लिए जैसे भविष्य उज्जवल होता है, वैसे ही वृद्धों के लिए अतीत I
14 मई 2015
28 अप्रैल 2015
मूर्द्धन्य : ​१- वह वर्ण जिसका उच्चारण मूर्द्धा से होता है जैसे 'ट' वर्ग के सभी वर्ण मूर्द्धन्य हैं I २- जो बहुत बड़ा या अच्छा हो, श्रेष्ठ, उदात्त, अध्यारूढ़; जैसे : पं0 महामना मदन मोहन मालवीय मूर्द्धन्य विद्वान थे I ३- मस्तक में स्थित; जैसे : शिव भक्त स्वामी जी का मूर्द्धन्य तिलक उन पर बहुत
28 अप्रैल 2015
29 अप्रैल 2015
सुधी साथियो,'बाघ' देखा है कभी आपने...? ज़रूर देखा होगा; और बहुत मुमकिन है कि कभी 'बाघ' शीर्षक की कविता का भी रस लिया हो ! अगर 'हाँ' तो अवश्य आपने डाo केदारनाथ सिंह की रचना पढ़ी होगी । 'बाघ' आपकी वो कविता है जो मील का पत्थर मानी जाती है । बहमुखी प्रतिभा के साहित्यकार डाo केदारनाथ सिंह सन 1934 में बलिया
29 अप्रैल 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x