रात भर छाए रहे बादल

07 अगस्त 2018   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (55 बार पढ़ा जा चुका है)

रात भर छाए रहे बादल   - शब्द (shabd.in)

रात भर छाए रहे बादल / प्रतीक्षा में भोर की

और उनसे झरती नेह रस की हलकी हलकी बूँदें

भिगोती रहीं धरा बावली को नेह के रस में...

बरखा की इस भीगी रुत में

पेड़ों की हरी हरी पत्तियों / पुष्पों से लदी टहनियों

के मध्य से झाँकता सवेरे का सूरज

बिखराता है लाल गुलाबी प्रकाश इस धरा पर...

मस्ती में मधुर स्वरों में गान करते पंछी

बुलाते हैं एक दूसरे को और अधिक निकट

आपस में मिलकर एक हो जाने को

मिटा देने को सारा दुई का भाव...

मिट्टी की सौंधी ख़ुशबू / फूलों की भीनी महक

मलयानिल की सुगन्धित बयार

कर देती हैं तब मन को मदमस्त...

और चाहता है मन गुम हो जाना / किन्हीं मीठी सी यादों में...

वंशी के वृक्ष से आती मीठी ध्वनि के साथ

चंचल पवन के झकोरों से मस्ती में झूमती टहनियों को देख

तन मन हो जाता है नृत्य में लीन...

ये प्रेमी वृक्षों के साथ गलबहियाँ किये / मस्ती में झूमती लताएँ

जगा देती हैं मन में राग नया

और तब बन जाता है एक गीत नया

अनुराग भरा, आह्लाद भरा...

फिर अचानक / कहीं से खिल उठती है धूप

और हीरे सी दमक उठती हैं हरी हरी घास पर बिखरी बरखा की बूँदें...

धीरे धीरे ढलने लगता है दिन

सूर्यदेव करने लगते हैं प्रस्थान / अस्ताचल को

और खो जाती है समस्त प्रकृति / इन्द्रधनुषी सपनों में

ताकि अगली भोर पुनः प्रभात के दर्शन कर

रची जा सके एक और नई रचना

भरी जा सके चेतनता / सृष्टि के हरेक कण कण में...

यही क्रम है बरखा की रुत में प्रकृति का

शाश्वत... सत्य... चिरन्तन... किन्तु रहस्यमय...

जिसे लखता है मन आह्लादित हो

और हो जाता है गुम

इस सुखद रहस्य के आवरण में

पूर्ण समर्पण भाव से..........

अगला लेख: हिन्दी पञ्चांग



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 जुलाई 2018
आज आषाढ़ शुक्लपूर्णिमा को कुछ ही देर बाद भारत के साथ साथ संसार के कई देश एक ऐसी अद्भुत खगोलीयघटना के साक्षी बनने जा रहे हैं जो खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार अब काफ़ी वर्षों तकनहीं दीख पड़ेगी | इस भव्य घटना को नासा के खगोल वैज्ञानिकों ने नाम दिया है Super Blue Blood Moon,अर्थात
27 जुलाई 2018
14 अगस्त 2018
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमाराहम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन मेंसमझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ कावो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँगुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हम
14 अगस्त 2018
29 जुलाई 2018
मेष 30 July to 05 August 20018 तक का साप्ताहिक राशिफलमिश्रित फल देने वाला सप्ताह है | भावनात्मकस्तर पर यदि पूर्व में कुछ अप्रिय घटा है तो उसे भूल जाने में ही भलाई है | क्योंकि उसेभूलकर ही आप भविष्य के लिए अपना मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं | साथ ही इससप्ताह आप किसी मित्र की प
29 जुलाई 2018
27 जुलाई 2018
मातृवत्लालयित्री च, पितृवत् मार्गदर्शिका, नमोऽस्तुगुरुसत्तायै, श्रद्धाप्रज्ञायुता च या ||वास्तव में ऐसीश्रद्धा और प्रज्ञा से युत होती है गुरु की सत्ता – गुरु की प्रकृति – जो माता केसामान ममत्व का भाव रखती है तो पिता के सामान उचित मार्गदर्शन भी करती है | आज गुरु पूर्णिमा
27 जुलाई 2018
02 अगस्त 2018
मोक्ष / नाश है अहं का...अहं क्या है ?मनुष्य के सुखी होने की अनुभूति ?या फिर दर्द का अहसास ?किसी का अपना होने की राहत ?या फिर पराया होने का दर्द ? लेकिन दुःख में भी तो है कष्ट का आनन्द...अपनेपन से ही तो उपजता है परायापन क्योंकि एक ही भाव के दो अनुभाव हैं दोनोंउसी तरह जैसे
02 अगस्त 2018
24 जुलाई 2018
कुछ लोगों को संशय होता है कि ज्योतिष कोआयुर्वेद के समान वेद तो नहीं माना जाता ?ज्योतिष वेद है भी नहीं, वेदों का अंग है – वेदांग | ज्योतिष से सम्बन्धित ज्ञान वेदों में निहित है |ऋग्वेद में लगभग 20 मन्त्र ज्योतिष के विषय में उपलब्ध होते हैं,
24 जुलाई 2018
24 जुलाई 2018
बुधवार, 25 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:38 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:16 पर चन्द्र राशि : धनु चन्द्र नक्षत्र : मूल 18:20 तक, तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ तिथि : आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी 20:45 तक, तत्पश्चात आष
24 जुलाई 2018
31 जुलाई 2018
बुधवार, 01 अगस्त2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:42 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:12 पर चन्द्र राशि : मीन चन्द्र नक्षत्र : पूर्वा भाद्रपद 11:25 तक, तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद (पंचक) तिथि : श्रावण कृष्ण चतुर
31 जुलाई 2018
16 अगस्त 2018
हम हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाते हैं आपके मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि इसी दिन क्यों मनाया जाता है हम आपको बताते हैं 14 सितंबर को ही हिन्दी दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिन्दी भारत
16 अगस्त 2018
23 जुलाई 2018
ठहरे पानी में पत्थर उछाल दिया है । उसने यह बड़ा कमाल किया है ।वह तपाक से गले मिलता है आजकल । शायद कोई नया पाठ पढ़ रहा है आजकल । आँखों की भाषा भी कमाल है । एक गलती और सब बंटाधार है ।
23 जुलाई 2018
25 जुलाई 2018
गुरुवार, 26 जुलाई2018 – नई दिल्ली सूर्योदय : 05:39 पर कर्कमें सूर्यास्त : 19:15 पर चन्द्र राशि : धनु चन्द्र नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ 21:25 तक, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ तिथि : आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी 23:16 तक, तत्प
25 जुलाई 2018
23 जुलाई 2018
प्रेम और ध्यान मैंने देखा, औरमैं देखती रही / मैंने सुना, और मैं सुनती रही मैंने सोचा, औरमैं सोचती रही / द्वार खोलूँ या ना खोलूँ |प्रेम खटखटातारहा मेरा द्वार / और भ्रमित मैं बनी रही जड़ खोई रही अपनेऊहापोह में |तभी कहा किसीने / सम्भवतः मेरी अन्तरात्मा ने तुम द्वार खो
23 जुलाई 2018
23 जुलाई 2018
वो
लाठी की टेक लिए चश्मा चढाये,सिर ऊँचा कर मां की तस्वीर पर,एकटक टकटकी लगाए,पश्चाताप के ऑंसू भरे,लरजती जुवान कह रही हो कि,तुम लौट कर क्यों नहीं आई,शायद खफा मुझसे,बस, इतनी सी हुई,हीरे को कांच समझता रहा,समर्पण भाव को मजबूरी का नाम देता,हठधर्मिता करता रहा,जानकर भी, नकारता रहा,फिर, पता नहीं कौन सी बात,दिल
23 जुलाई 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x