समाज बदल रहा है.

08 अगस्त 2018   |  pradeep   (12 बार पढ़ा जा चुका है)

समाज बदल रहा है, इसलिए हम बदल रहे है. समाज नहीं बदलता , बदलते हमारे ख्यालात है, जिससे बदलता समाज है. समाज में हो रहे बुराइयों को हम बदलते समाज पर दोष देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है, जबकि ये समाज बदला है तो वो हमारे ख्यालात से बदला है. समाज का कोई अपना अस्तित्व ही नहीं है जो वो खुद बदल जाएगा. हम अपनी सुविधा अनुसार बदल रहे है जिससे समाज बदल रहा है. समाज कोई आज नहीं हज़ारो लाखों सालो से बदल रहा है. और हर वक्त में हम समाज को दोष देदेते है. चाहे वो रामायण काल हो या महाभारत काल दोष समाज को ही दिया जाता है. हम से पहले की पीढ़ियों ने बदला, हम बदल रहे है और आगे आने वाली पीढ़ियां भी बदलती रहेंगी. इसलिए समाज को दोष ना देकर समाज में बुराइयों को फैलाने वालो को दोष दो, सजा दो ताकि समाज का बदलाव अच्छे के लिए हो बुराई के लिए नहीं. (आलिम)

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