"हाइकु"सावन शोर

08 अगस्त 2018   |  महातम मिश्रा   (17 बार पढ़ा जा चुका है)

"हाइकु"


सावन शोर

साजन चित चोर

नाचत मोर।।-१


कंत न भूला

सावन प्रिय झूला

जी प्रतिकूला।।-२


सासु जेठानी

ससुर अभिमानी

सावन पानी।।-३


क्यों री सखिया

सावन की बगिया

परदेशिया?।।-४


बूँद भिगाए

भर सावन आए

पी बिछलाए।।-५


महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी

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