आशिक़ी

10 अगस्त 2018   |  pradeep   (75 बार पढ़ा जा चुका है)

दिलकशी उनकी मूड और मॉडलिंग

कब तलक यूँ जी को मेरे तड़पायेगी.

है हज़ारो दीवाने नुमाइशी के उनके,

आशिकी हमारी नज़र उनको क्यों आएगी,

खामोश है हम भी देख उनकी बेरुखी,

बयां करने से पहले जान यूँही जायेगी. (आलिम)

अगला लेख: कर्म और त्याग



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 अगस्त 2018
पू
पूजा, उपासना जो बिना स्वार्थ के किया जाए, बिना किसी फल की इच्छा से किया जाए, जो सच्चे मन से सिर्फ ईश्वर के लिए किया जाए वो पूजा सात्विक है , सात्विक लोग करते है. जो पूजा किसी फल की प्राप्ति के लिए की जाये, अपने शरीर को कष्ट द
06 अगस्त 2018
08 अगस्त 2018
मे
अपनी बर्बादियों का हमने यूँ जश्न मनाया है, सितमगर को ही खुद का राज़दार बनाया है. गम नहीं है मुझे खुद अपनी बर्बादी का,सितमगर ने मुझको अपना दीवाना बनाया है.दीवानगी का आलम कुछ यूँ है मेरे यारो, उनकी दिलज़ारी पे हमको मज़ा आया है. लोग त
08 अगस्त 2018
05 अगस्त 2018
बब्बू एक नाम है जो कभी कभी मेरे ज़हन में उभरता है. बब्बू मेरी सबसे बड़ी मौसी का लड़का था जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी, कभी कभी दौरे पड़ते थे तो उसे शायद बाँध दिया जाता था , वैसे ज्यादातर वो खुला रहता था, मुझे बचपन का सिर्फ इतना याद है जब वो कुछ ठीक
05 अगस्त 2018
10 अगस्त 2018
बब्बू की याद आज इस दौर में इसलिए आ गई कि आज किसी ऐतिहासिक चरित्र के बारे कुछ कह दो , लिख दो या फिल्म ही बना लो तो एक हंगामा हो जाता है. ना तो हम उस दौर में थे और ना ही हमने देखा है , कुछ उस वक्त के इतिहासकारों ने या कवियो
10 अगस्त 2018

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x