बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान

बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान डॉ शोभा भारद्वाज ब्रम्हा सृष्टि का निरंतर निर्माण कर रहे थे | सृष्टि निर्माण से लेकर अब तक जीवन को चलाने वाली वायू प्राणियों के जीवन काआधार है जीवधारी हवा में साँस लेते है वृक्ष एवं पेड़ पौधे वायु को शुद्ध करते हैं |मंद पवन बह रही



सेहत के लिए वरदान समान है करेला

करेले स्वाद में भले ही कड़वा हो लेकिन इसके लाभ अनगिनत हैं। कुछ लोग महज इसके कड़वे स्वाद के चलते करेले को डाइट में शामिल नहीं करते। लेकिन अगर आप इसकी सब्जी या जूस का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो बहुत सी बीमारियों को अपने पास फटकने से भी रोक सकते हैं। तो चलिए जानते हैं करेले के सेवन से स्वास्थ्य को हो



चौहान ,परमार ,प्रतिहार,सोलंकी शकृत,शबर,पोड्र,किरात,सिंहल,खस,द्रविड,पह्लव,चिंबुक, पुलिन्द, चीन , हूण,तथा केरल आदि जन-जातियों की काल्पनिक व्युत्पत्तियाँ- प्रस्तुति-करण :–यादव योगेश कुमार "रोहि"

भविष्य पुराण में मध्यम पर्व के बाद प्रतिसर्ग पर्व चार खण्डों में है । भविष्य पुराण निश्चित रूप से 18 वीं सदी की रचना है । अत: इसमें आधुनिक राजनेताओं के साथ साथ आधुनिक प्रसिद्ध सन्तों महात्माओं का वर्णन भी प्राप्त होता है । _______________________________________ प्रारम्भिक रूप में राजा प्रद्योत कुरु


निराभिनता का उदाहरण हनुमान जी -- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस समस्त विश्व में जन जन के मनोमस्तिष्क में भारतीयता , बुद्धिमत्ता , वीरता , दासता , कुशलता एवं चातुर्य का प्रतीक माने जाने वाले पवनपुत्र , केशरीनन्दन , रामदूत बजरंगबली का चित्र अवश्य अंकित होगा | यदि निराभिमानता (अभिमान रहित) का उदाहरण भारतीय ग्रंथों में ढूँढ़ा जाय तो एक ही चरित्र उभर कर सामने आता



हनुमान जन्मोत्सव :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन हिन्दू धर्म के चरित्रों का यदि अवलोकन करके आत्मसात करने का प्रयास कर लिया जाय तो शायद इस संसार में न तो कोई समस्या रहे और न ही कोई संशय | हमारे महान आदर्शों में पवनपुत्र , रामदूत , भगवत्कथाओं के परम रसिया अनन्त बलवन्त हनुमन्तलाल जी का जीवन दर्शन दर्शनीय है | हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाने में य



व्यवस्थित मानव सभ्यता के प्रथम प्रकाशक के रूप में ऋग्वेद के कुछ सूक्त साक्ष्य के रूप में हैं ।

भारतीयों में प्राचीनत्तम ऐैतिहासिक तथ्यों का एक मात्र श्रोत ऋग्वेद के 2,3,4,5,6,7, मण्डल है ।आर्य समाज के विद्वान् भले ही वेदों में इतिहास न मानते हों ।तो भीउनका यह मत पूर्व-दुराग्रहों से प्रेरित ही है। यह यथार्थ की असंगत रूप से व्याख्या करने की चेष्टा है परन्तु हमारी मान्यता इससे सर्वथा विपरीत ही ह


वर्ण-व्यवस्था और मनु का ऐैतिहासिक विवेचन एस नवीनत्तम व्याख्या-

वैदिक सन्दर्भों के अनुसार दास से ही कालान्तरण दस्यु शब्दः का विकास हुआ हैं।मनुस्मृति मे दास को शूद्र अथवा सेवक के रूप में उद्धृत करने के मूल में उनका वस्त्र उत्पादन अथवा सीवन करने की अभिक्रिया  कभी प्रचलन में थी।परन्तु कालान्तरण में लोग इस अर्थ को भूल गये।भ्रान्ति वश एक नये अर्थ का उदय हो गया।जिस पर


हनुमाना जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ

हनुमान जयन्तीकल चैत्र पूर्णिमा... विघ्नहर्तामंगलकर्ता हनुमान जी की जयन्ती… जिसे पूरा हिन्दू समाज भक्ति भाव से मनाता है... आजरात्री सात बजकर सत्ताईस मिनट से लेकर कल सायं चार बजकर बयालीस मिनट तक चैत्रशुक्ल पूर्णिमा है… मान्यता है कि सूर्योदय काल में हनुमान जी का जन्म हुआ था | कलसूर्योदय पाँच बजकर पावन



व्यक्तित्व निर्माण :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से समस्त विश्व में भारत को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था | यह सर्वोच्च स्थान हमारे देश भारत को ऐसे ही नहीं मिल गया था बल्कि इसके पीछे भारत की आध्यात्मिकता , वैज्ञानिकता एवं संस्कृति / संस्कार का महत्वपूर्ण योगदान था | हमारे देश भारत में प्रारंभ से ही व्यक्ति की अपेक्षा व्यक्तित्व का आदर्श ग्रहण



तिलक का महत्त्व --- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 *‼ भगवत्कृपा हि केवलम् ‼* 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *भारतीय सनातन की मान्यतायें एवं परम्परायें सदैव से अलौकिक एवं अद्भुत होने के साथ ही मानव मात्र के लिए सहयोगी व उपयोगी सिद्ध हुई हैं | जिस प्रकार सनातन की सभी मान्यतायें दिव्य रही हैं उसी प्रकार



टमाटर की मदद से बनाएं यह बेहतरीन फेस पैक्स

टमाटर को इस्तेमाल यूं तो लोग भोजन में करते हैं। यह सच है कि टमाटर का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है, लेकिन इसका प्रयोग सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। टमाटर जहां एक ओर सेहत का ख्याल रखता है, वहीं दूसरी ओर इसके ब्यूटी बेनिफिट्स भी कम नहीं है। अगर आप इसका सही तरह से इस्तेमाल करते हैं तो कई तरह



क्या आप गोखरू के बारे में जानते हैं? यहाँ जानिए

@page { margin: 2cm } p { margin-bottom: 0.25cm; line-height: 115% } a:link { so-language: zxx } गोखरूका परिचय गोखरूएक ऐसी जड़ी-बूटीहै जिसका इस्तेमाल आयुर्वेदिकचिकित्सा पद्धति में कई रोगोंके इलाज में किया जाता है।आयुर्वेद में तो गोखरूके फायदेके बारेमें बताया ही गया है साथ हीसाथ आज के भी आयुर्व



कई समस्याओं को जड़ से खत्म करता है लौंग का तेल

लौंग का उपयोग भारतीय रसोई मंे मसाले के रूप में वर्षों से होता आ रहा है। कभी भोजन का स्वाद बढ़ाने तो कभी किसी स्वास्थ्य समस्या को दूर करने में इसका उपयोग किया जाता है। लौंग में कई तरह के पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, सोडियम व फॉस्फोरस आदि की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।



चुनाव जीतने के हथकंडे

चुनाव जीतने के हथकंडे डॉ शोभा भारद्वाज लोकसभा केचुनावो का सीजन चल रहा है पहला चरण समाप्त हो गया अब दूसरे चरण का चुनाव हो रहा है| चुनाव जीतने केतरीके अब पहले जैसे नहीं रहे चुनाव आयोग की कोशिश रही है निष्पक्ष रूप सेचुनाव कराये जा सकें ,चुनावों में धन का अपव्यय न हो योग्य व्यक्तिचुनाव लड़ने



महावीर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ

महावीर जयन्तीआज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है - भगवान् महावीर स्वामी कीजयन्ती का पावन पर्व | सभी को महावीर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ…सभी जानते हैं कि महावीर स्वामी जैन धर्म के चौबीसवें औरअन्तिम तीर्थंकर थे | तीर्थं करोति स तीर्थंकर: – अर्थात जो अपनी साधना केमाध्यम से स्वयं संसार सागर से पार लगाने वाले



नेक राह

तेरी चाह में हम यूँ नेक राह में चल दिए है,तेरा ही होगा जिक्र जो भी हमें पल दिए हैं हर कदम पर तेरा नाम होगा, सलाम होगा,हर सजा है मंजूर अगर कभी छल किए हैं.तेरी ही महफिल सजेगी अब तो चारों ओर,माफ करना तेरे बगैर जो हम कल जीए है.अब अलग रहना नहीं,हर कहीं बहना नहीं,पहले भी कितने माँझी तूने सफल किए हैं.रख दे


करियर गाइड उत्तर प्रदेश

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ज़िंदगी

जिन्दगी जीने का मकसद नहीं एक एहसास है कि रूह अभी जिन्दा है, वगरना जीते हुए भी कुछ लोग मुर्दा और कुछ मर कर भी दिलो में ज़िंदा है. (आलिम)



आवश्यकता आविष्कार की जननी है :- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मनुष्य की इच्छायें एवं आवश्यकतायें अनन्त हैं | जब से मनुष्य इस धराधाम पर आया तब से ही यह दोनों चीजें विद्यमान हैं | एक सुंदर एवं व्यवस्थित जीवन जीने के लिए मनुष्य को नित्य नये आविष्कार करने पड़े , जहाँ जैसी आवश्यकता मनुष्य को प्रतीत हुई वहाँ वैसे आविष्कार मनुष्य करता चला गया | अपने इन्हीं आविष्कार



पसीने की बदबू से महज पांच मिनट में निजात दिलाते हैं यह टिप्स

गर्मी का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है, पसीना भी इन्हीं में से एक है। जब धूप की तपिश बढ़ने लगती है तो व्यक्ति को अक्सर पसीना आता है। इस पसीने के कारण अमूमन व्यक्ति असहज महसूस करता है। कई बार तो पसीने के कारण दुर्गंध व खुजली भी होती है। कुछ लोग इस पसीने की दुर्गंध को दूर करने के लिए खुशबूदार प





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