आईयूआई की प्रक्रिया के बारे में जाने !

आईयूआई ट्रीटमेंट जिसे कृत्रिम गर्भधारण भी कहा जाता है यह प्रजनन उपचार का एक प्रकार है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें पुरुष शुक्राणुओं को प्लास्टिक की पतली कैथेटर ट्यूब के जरिए महिला की ओवेरी में इन्जेक्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को करते वक्त डॉक्टर इस बात का विशेष ध्यान



आत्मसंयम :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धरती पर जन्म लेने के बाद मनुष्य एक लंबे समय तक जीवन जीता है और इस जीवन काल में जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मनुष्य को अनेक संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है | जितनी आवश्यकता मनुष्य को भौतिक संसाधनों की पड़ती है उतनी ही आवश्यकता आंतरिक संसाधनों की भी होती है , मात्र भौतिक संसाधनों के बल पर इस ज



हमारा संविधान :--+ आचार्य अर्जुन तिवारी

*प्राचीनकाल में हमारे देश भारत में राजाओं का शासन होता था , जो कि कुल परंपरा के अनुसार चला करता था | राजा के चुनाव में प्रजा का कोई अर्थ नहीं होता था | आदिकाल से लेकर के अंग्रेजों के शासन तक यही परंपरा चलती रही जिसे राजतंत्र कहा गया है , परंतु जब हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अथक परिश



२७ जनवरी से २ फरवरी तक का राशिफल

गणतन्त्र दिवस की हार्दिक बधाई औरशुभकामनाओं के साथ प्रस्तुत है इस सप्ताह का सम्भावित राशिफल...नीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है



गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

गणतन्त्र दिवस की हार्दिकबधाई एवं शुभकामनाएँअल्पानामपिवस्तूनां संहति: कार्यसाधिकातॄणैर्गुणत्वमापन्नैर्बध्यन्तेमत्तदन्तिन:।। हितोपदेश 1/35छोटीछोटी वस्तुओं को भी यदि एक स्थान पर एकत्र किया जाए तो उनके द्वारा बड़े से बड़ेकार्य भी किये जा सकते हैं | उसी प्रकार जैसे घासके छोटे छोटे तिनकों से बनाई गई डोर से



खूबसूरत वियना की बाहों में : दिनेश डॉक्टर

विएना पहुंचा तो लगा जैसे विएना शहर नही एक खूबसूरत लड़की है जिसने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भर लिया है। सबसे पहले उतर कर पूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडर ग्राउंड ट्यूब रेलवे के बारे में जानकारी ली । पता लगा कि विएना शहर के भीतर सब प्रकार के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में निर्विघ्न जितन


हमारा गणतन्त्र दिवस :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*किसी भी परिवार , समाज एवं राष्ट्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नियम एवं संविधान की आवश्यकता होती है , बिना नियम एवं बिना संविधान के समाज एवं परिवार तथा कोई भी राष्ट्र निरंकुश हो जाता है | इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजों की दासता से १५ अगस्त सन १९४७ को जब हमारा देश भारत स्वतंत्



मरने से डरता नहीं

आज कल बड़ी शोर है ,एक तकिया कलाम का ,मरने से डरता नहीं ,कोई मुसलमान यहां ,पर आओ करें ,कुछ जिवंत साक्षात्कार ,देखा हमने छिपते भागते ,सद्दाम को बंकर में यहा ,खौफ में अमेरिका के ,चेहरे बदलते यहां ,देखा हमने भागते ,रोहिंण्या को बर्मा से यहां ,पनाह मांगते भारत में ,छुपाते अपने कुकर्मों को यहां ,आज कल बड़


टेस्ट

टेस्ट



सहिष्णुता :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में प्राय: एक शब्द सुनने को मिलता है सहिष्णुता एवं असहिष्णुता | आज यह शब्द अधिकतर प्रयोग किया जा रहा है , तो इसके विषय में जान लेना परम आवश्यक है कि सहिष्णुता कहा किसे कहा जाता है | सहिष्णुता का तात्पर्य है सहनशीलता ! किसी दूसरे के विचारों से सहमत ना होने के बाद भी उसे समझना एवं उसका सम्



Counseling क्या है करियर के लिए जानना जरूरी

एक अच्छे करियर के लिए काउंसेलिंग के बारे में जानकारी होना जरूरी है। Counseling kya hai career ke liye janna jaruriCounseling एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही बहुत से स्टूडेंट घबरा जाते हैं और बहुत को तो काउंसेलिंग का मतलब ही नही पता है। जानकारों का कहना है कि छात्र का करियर सह



सज चुका है रणक्षेत्र

सज चुका है रणक्षेत्र ,बज रहा है रणनाद ,आंखें खोलो चेत धरो ,सुनो ये पृथ्वीराज चौहान ,कहीं पछताना न पड़े ,समय चुक जाने के बाद ,बहुत दिखाईं तुने दया ,करुणा संस्कार धर सहिष्णुता ,क्या मिला ?प्रश्न यक्ष है करना विचार ,सज चुका है रणक्षेत्र ,बज रहा है रणनाद ,भूल होना ,माना चूक है जीवन का ,पर ये होता नहीं स


नम आँखें

उसकी आँखें नम थी।पदक संभालते हुए हाथ भी काँप रहे थे।पर चेहरे पर गर्व था।शहीद की माँ जो थी।लोगों ने बहुत सम्मान दिया।मगर जैसे सब कल की बात हो गई।आज किसी के पास उस बुढ़िया के लिए समय नहीं था।किसी तरह पेंशन से गुजारा हो जाता था।अपने बेटे की आँखों में देश के लिए कुछ करने की चाह देखती ,तो गर्व होता था



चिंता ने कहा मुस्कुरा कर

चिंता ने कहा मुस्कुरा कर ,यूं ही चिता से ,आखिर इठलाती काहे ,मुर्दों को जला कर ,हमने जिंदों को जला ,आज तक न इतराया ,पर हर बार सबने ,मुझको ही दिल से अपनाया ,देखो तुम जलाती एक बार ,ठंडी हो राख बनाती सदा ,मैं हर रोज जलाती ,करती ना राख ,हरदम शोले बना दहकाती ,फिर भी ना इतराती ,तुम विदा कर ,मुंह मोड़ लेती


SDM Full Form in Hindi | SDM क्या होता है? – A to Z Classes

SDM Full Form:- Hello Friends, SDM Officier Kya hota hai, SDM Officier Bante kaise hai, SDM ka Full Form kya hota hai…Yadi aap bhi SDM se juri puri jankari Hindi me Janna chahte hai to aapke sath iski puri jankari is post me share ki gayi hai. Aapke sabhi savalo ka Javav



नादान उठो।

नादान उठोसोये हुए को जगाना आसान है, अलसाए हुए को उठाना मुश्किल है। बोलियां चलती है तो लोग कहते है बकवास है, गोलियां चलती है तो कहते इनका दिल मर गया है। मांगते है तो, भिखारी कहते है। अगर छीनने में उतर आए, तो हैवान कहते है। पढ़ते नही तो अनपढ़ है, पढ़े लिखे तो बेरोजगार, मेहनत से कमाए तो मजदूर , मिल गई सर



आज़ादी के नारे और मुद्दों की बिरयानी।

एक स्वतत्र संप्रभुता सपन्न राष्ट्र में जब लोगनारे लगाते हैं, “हमें चाहिये आज़ादी।” तो बड़ी विडम्बना सी लगती है। साथ ही कुछ आशंकाएजन्म लेती है। आजकल नागरिकता संशोधन बिल का कुछ लोग विरोध कररहे हैं। विरोध किसी भी मुद्दे पर हो कुछ लोगों का प्रिय नारा आज़ादी का नारा है। यहनारा एक विद्रोह के नारे जैसा लगता ह



विचारों की शक्ति असीम है :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में विचारों का बड़ा महत्व है | विचारों की शक्ति असीम होती है | यहां व्यक्ति जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है क्योंकि उसके द्वारा हृदय में जैसे विचार किए जाते हैं उसी प्रकार कर्म भी संपादित होने लगते हैं क्योंकि विचार ही कर्म के बीज हैं , व्यवहार के प्रेरक हैं | जब मनुष्य व्यस्त होता है तो



स्वर्गीय सुभाष चन्द्र बोस ,युवा शक्ति के प्रेरणादायक नेता जी

स्वर्गीयसुभाष चन्द्र बोस युवा शक्ति के प्रेरणा दायक नेता जी डॉ शोभाभारद्वाज सिंघापुर में मेरी बेटी का घर टाउन हाल के पास हैमैं टाउन हाल जाने के लिए उत्सुक थी बेटी मुझे दिखाने के लिये नन्हीं बेटी को लपेट कर हम टाउन हाल पहुंचेवहाँ वृद्ध चीनी इंचार्ज ने चश्में से हमें घूरते हुए क्लास ले ली बच्ची कित



मौनी अमावस्या :- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव शरीर ईश्वर की विचित्र रचना है , इस शरीर को पा करके भी जो इसके महत्व को न जान पाये उसका जीवन निरर्थक ही है | मानव शरीर में वैसे तो प्रत्येक अंग - उपांग महत्वपूर्ण हैं परंतु सबसे महत्वपूर्ण है मनुष्य की वाणी | वाणी के विषय में जानना बहुत ही आवश्यक है , प्राय: लोग बोले जाने वाली भाषा को ही वाणी म





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