दादा साहेब फाल्के पुरस्कार-2014

प्रश्न- हाल ही में किस अभिनेता को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, 2014 प्रदान करने की घोषणा की गई? (a) धर्मेंद्र कुमार (b) शशि कपूर (c) अजय देवगन (d) दिलीप कुमार उत्तर-(b) संबंधित तथ्य http://edristi.in/%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%AC-%E0%A4%AB%


होमियोपैथी: अद्भुत उपचार पद्धति

होमियोपैथी प्राकृतिक सिद्धांतों पर आधारित वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है. इसका आविष्कार सन १७९० में डा० हैनीमैन ने जर्मनी में किया था. डा० हैनीमैन ने आधुनिक चिकित्सा पद्धति में एम० डी० की उपाधि प्राप्त की थी परन्तु उसके आधुनिक उपचार के तरीकों तथा दुष्प्रभावों के कारण वे विचलित रहते थे. इसलिए चिकित्सा


जाने और व्हाट्सऐप के बारे में... Whatsapp features, security and more information in hindi

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सितारों की बस्ती आज अँधेरी पड़ी है ..... ( ग़ज़ल )

सितारों की बस्ती आज अँधेरी पड़ी है खुदा - या आ गई कैसी ये घड़ी है | उम्मीदें हों रोशनी की अब किससे भला सितारों को ही जब अंधेरों की आदत पड़ी है | छा गया है इस कदर आतंक का आलम यहाँ इन्सां को देख इन्सां आज सहमी - डरी है |


‘न्याय’ पर हाशिमपुरा के लोगों की चीत्कार

गिरिजा नंद झा 22 मई 1987 की बात है। उस दिन शायद हाशिमपुरा में इतनी उदासी नहीं थी, इतनी खामोशी भी नहीं और इतना गम भी नहीं था। मगर, 27 साल बाद जब अदालत का फैसला आया, तो 42 लोगों की मौत पर लोग चीत्कार उठे। बरसों से खामोश लोगों की जिंदगी में भूचाल आ गया। जिंदगी ठहर सी गई लगने लगी लोगों को। बेबसी और लाच


'शब्दनगरी' को बहुत-बहुत धन्यवाद...

आजकल शहर की मलयसमीरों में एक अजब सी सुगंध बह रही है और अगर आप इस सुगंध का नाम जानने की जिज्ञासा से सराबोर हैं तो आपको बता दें इस सुगंध का नाम है 'टेककृति-२०१५'. केवल आई.आई.टी. संस्थान ही नहीं बल्कि पूरे शहर में इस कार्यक्रम की धूम मची हुई है. पूरा संस्थान विभिन्न कृतियों, टेककृतियो, रचनाओ-ऋचाओं, रंग


24 मार्च 2015

भारत के बारे मे कुछ रोचक जानकारिया

भारत के बारे मे कुछ रोचक जानकारियाँ ============================== =================== सबसे उँची पर्वत चोटी - गॉडविन ऑस्टिन (क2) सबसे ऊंचा बांध - भाखड़ा नांगल बाँध सबसे ऊंचा जलप्रपात - कुंचिकल झरना, कर्नाटक सबसे बड़ा गेटवे - बुलंद दरवाजा, फतेहपुर सीकरी, उत्ताप प्रदेश सर्वोच्च पुरस्कार - भारत रत्न सर्वोच्च वीरता पुरस्कार - परमवीर चक्र सबसे उँचा उंचे युद्ध क्षेत्र - सियाचिन ग्लेशियर सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान - मौसिनराम, मेघालय सबसे ऊंचे हवाई अड्डे - लेह, लद्दाख सबसे ऊंचे झील -चॉलमू झील, सिक्किम सबसे ऊंची मीनार - कुतुब मीनार, दिल्ली सबसे अधिक आबादी घनत्व वाला राज्य - बिहार सबसे अधिक आबादी वाला राज्य - उत्तर प्रदेश सबसे अधिक उँचाई पा स्थित रेडियो स्टेशन - आकाशवाणी का लेह स्टेशन सबसे उँची मूर्ति - जैन संत गोमटेस्वरा, कर्नाटक ताजे पानी की सबसे बड़ी झील - वुलर झील, कश्मीर सबसे बड़ा मंदिर - श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, तमिलनाडु सबसे बड़ी मस्जिद - जामा मस्जिद, दिल्ली सबसे बड़ा चर्च - एसई कैथेड्रल, गोवा सबसे बड़ा गुरुद्वारा - स्वर्ण मंदिर, अमृतसर सबसे बड़ा मठ - तवांग मठ, अरुणाचल प्रदेश सबसे बड़ी आबादी वाले शहर - मुंबई, महाराष्ट्र सबसे बड़ी इमारत - राष्ट्रपति भवन, दिल्ली सबसे बड़ा संग्रहालय - राष्ट्रीय संग्रहालय, कोलकाता सबसे बड़ा सभागार - श्री षणमुखानन्दा हॉल, मुंबई सबसे बड़ा सिनेमा थिएटर - थंगम, मदुरै सबसे बड़ा बैराज - फरक्का बैराज गंगा सबसे बड़ा डेल्टा - सुंदरबन डेल्टा, पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा गुंबद - गोल गुम्बद, बीजापुर, कर्नाटक सबसे बड़ा चिड़ियाघर - जूलॉजिकल गार्डन, अलीपुर, कोलकाता सबसे बड़ी प्रदर्शनी ग्राउंड - प्रगति मैदान परिसर, नई दिल्ली सबसे बड़ा रेगिस्तान - थार, राजस्थान ..........किसी ने कहा है की ज्ञान बाँटने से बढ़ता है इसलिए ज़रूर शेयर करें........


तुम्हारी याद

यादें तुम्हारी मेरे पास बहुत है , किस पल को याद करूँ मैं। सभी पलो में हलचल मची है, किस-किस पर मन दौड़ाऊँ मैं। मन चारों दिशाओं मे जाते हैं, किधर-किधर उसे मोड़ दू मैं । सब कुछ बातें समझ नहीं पाते, कैसे बिताये लम्हे याद करूँ मैं । जब -जब याद तुम्हें करते हैं , उस वक्त सोचने लगता हूँ मैं। खुराफातें


अध्यापक ....

बचपन से ही आदर्श अध्यापक के बारे यही सुनते आ रहे हैं कि उसके जीवन का उद्देश्य अपने विद्यार्थी को हर सम्भव सहायता और प्रेरणा देना होता है जिससे वह जीवन में सफलता प्राप्त करते है। लेकिन समय के साथ साथ या यूँ कहे की हमारी उम्र बढ़ने के साथ साथ यह बात मन में द्वन्द पैदा करती है की क्या वास्तव में ऐसा ही



शशि कपूर जी को बहुत बहुत शुभकामनाएं।

Shashi Kapoor to get Dada Saheb Phalke Award प्रसिद्ध अभिनेता शशि कपूर को २०१४ का दादा साहेब फाल्के दिए जाने के समाचार ने शशि कपूर जी को तो जो प्रसन्नता का एहसास कराया होगा उसका तो अनुमान लगाना मुश्किल है ही उससे भी ज्यादा कठिन शशि कपूर जी के प्रशंसकों की ख़ुशी का एहसास है। १९९१ से लगभग नेपथ्य में



बिहार के बच्चों का क्या होगा भविष्य?

कहा जाता है कि कक्षा दस बच्चों के पढाई का पहला प्रमाण पत्र देता जिस प्रमाण पत्र पर कहीं किसी का कोई सक नहीं होता और कोई भी नौकरी चाहे सरकारी हो या गैर सरकारी मिलने की शुरुआत होती है जिसके सहारे वे अपने भविष्य को सुन्दर बनाते हैं। आज हमारे प्रदेश बिहार की क्या स्थिति बन चुकी है,शायद ऐसा कहीं देखने को


अपनी बर्बाद फसल को देखते हुये मैंने एक किसान से कहा कि ...

सिर को पकडे हुये अपनी बर्बाद फसल को कातर निगाहों से देखते हुये मैंने एक किसान से कहा कि चल उठ मन की बात ही सुन ले सुकून मिलेगा।  वह उठा और अपने मन की जो सुनायी वह बयान करता हूँ----  बोला " कहाँ जाऊँ मैं अपनी यह बर्बाद फसल लेकर; सोचता हूँ मर जाऊँ इसी आम के पेड़ पर लटक कर;  घर जाऊँ कैसे? मेरी बूढी माँ



अपूर्वा : मुर्राह भैंस की क्लोन कटड़ी

किसी भी जीव का प्रतिरूप बनाना ही क्लोनिंग कहलाता है। क्लोन एक ऐसी जैविक रचना है, जो मात्र जनक (माता या पिता) से गैर-लैंगिक विधि द्वारा उत्पादित होती है। क्लोन शारीरिक एवं आनुवांशिक रूप से अपने जनक के पूर्णतः समरूप होता है। क्लोनिंग को लेकर भारत में शोधकर्ताओं का उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट है। वैज्ञानि


राज्यसभा में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक पास

प्रश्न- 3 मार्च, 2015 को लोकसभा द्वारा खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2015 पास किया गया। इस विधेयक का प्रमुख उद्देश्य है- (a) खानों की नीलामी में पारदर्शिता को बढ़ाना और विवेकी शक्तियों को कम करना (b) खानों की नीलामी के परिणामस्वरूप विस्थापित होने वाले आदिवासियों के पुनर्वास हेतु प्राव


" इकरार "

दो घडी ये मिलन की हमारे लिए कीमती है दीदार की बात करो डर गए तो गए इस जमाने से हम अब चलो आर पार की बात करो संग मिल के सनम खाई थी जो कसम वक़्त है इकरार की बात करो !!!


23 मार्च 2015

विश्व तरबूज़ दिवस

‘‘हद हो गई भई। क्या ‘विश्व तरबूज़ दिवस’ भी मनाया जाने लगा?’’- कहकर सिर पकड़ने वालों से हमारा तर्क यह है कि जब ‘सन्त वालन्ताइन दिवस’ और ‘मूर्ख दिवस’ जैसे दिवस अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा सकते हैं तो ‘विश्व तरबूज़ दिवस’ क्यों नहीं मनाया जा सकता? और कुछ सूत्रों के अनुसार 3 अगस्त विश्व तरबूज़ दिवस क


" शायद "

वफ़ा उस की कागजी थी शायद जरा सी आंच न सह सकी उस के आने का करते रहे इन्तजार कोई गलतफहमी जरूर थी शायद ख्वाब न पूरे हो सके अपने हमारी कोशिशों में थी कमी शायद सांस बेशक उस की चलती रही तमन्ना जीने की ख़त्म हो चुकी शायद मिलने तुम से हम आते जरूर हक़ से तुम ने कभी बुलाया ही नहीं शायद,,,,


23 मार्च 2015

शिक्षा और स्वास्थ्य की सूरत

"वर दे वीणावादिनी वर दे.........!" अमर कवि निराला की ओजस्वी पंक्तियाँ, आज भी मन को आह्लादित कर देती हैं| शिक्षा की देवी माँ सरस्वती की आराधना, अभिलाषा यही कि भारत से अशिक्षा का तिमिर तोम सदा के लिए विलुप्त हो जाये| सर्वत्र ज्ञान-विज्ञानं का प्रकाश हो| शिक्षा सर्व जन की पहुँच में तो हो ही, सबको आसानी


भारत की सभ्यता

यूँ तो भारत की सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान और विज्ञानं के संगम के लिए कभी भी किसी निमंत्रण की आवश्यकता नहीं रही है. ये वो देश है जहाँ धर्म के पावन उत्सव देखते ही देखते महाकुम्भ के मेले में परिणित हो जाते हैं. आई.आई.टी. जैसे अति विशिष्ट ज्ञान-विज्ञानं के इतिहास को जीवंत बनाये रखने वाले निश्छल मन-मस्तिष्क



मोहब्बत

अलहदा हैं मेरी और तुम्हारी मोहब्बतें....तुम्हारी कलफ़ चढ़ी , इस्त्री की हुई सी, सलीकेदार......मेरी बेतरतीब,बिखरी, बेकायदा,बेलौस- सच्ची मोहब्बत सी मोहब्बतAnulata raj nayar




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