पी रहे हैं...जी रहे हैं!

एक समय की बात है, करंटपुरा नामक कस्बे में दो दोस्त रहा करते थे। पहला जबर्दस्त पियक्कड़ और दूसरा भला इंसान। दूसरा हमेशा पहले को समझाता रहता था। कुछ समय बाद दूसरा दोस्त कामकाज के सिलसिले में कस्बे से शहर जा पहुंचा। कुछ समय कमाई-धमाई की, फिर वापस गांव लौटा। अपनी नई साइकिल के पैडल मारते ह


बीवी चालीसा!

बीवी सेवा सच्ची सेवा।। जो करे वो खाये मेवा।। जो बीवी के पाँव दबावै।। बस वैकुंठ परम पद पावै।। जो बीवी की करे गुलामी।। ना आये कोई परेशानी।। जो बीवी की धोवे साड़ी।। उसकी किस्मत जग से न्यारी।। भूत पिशाच निकट नहीं आवै।। जो बीवी के कीर्तन गावै।। हाथ जोड़ कर कीजिये।।


26 जनवरी 2015

हमारा मन

किसी राजा के पास एक बकरा था। एक बार उसने एलान किया की जो कोई इस बकरे को जंगल में चराकर तृप्त करेगा मैं उसे आधा राज्य दे दूंगा। किंतु बकरे का पेटपूरा भरा है या नहीं इसकी परीक्षा मैं खुद करूँगा। इस एलान को सुनकर एक मनुष्य राजा के पास आकर कहने लगा कि बकरा चराना कोई बड़ी बात नहीं है। वह बकरेको लेकर जंगल



प्यारी माँ

ईश्वर का दूसरा रूप माँ है



26 जनवरी 2015

मेरी बेटी

मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है कुछ जिद्दी, कुछ नक् चढ़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अब अपनी हर बात मनवाने लगी है हमको ही अब वो समझाने लगी है हर दिन नई नई फरमाइशें होती है लगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई है मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी हो गई है अगर डाटता हूँ तो आखें दिखाती है खुद ही गुस्सा करक


"बनफूल" की कहानियाँ

कुछ बातें "बनफूल" की... ----------------------- सन् 1914 ईस्वी। बिहार के एक छोटे-से कस्बे ‘मनिहारी’ से एक किशोर गंगा पार करके साहेबगंज आता है। उद्देश्य- यहाँ के रेलवे हाई स्कूल में आगे की पढ़ाई करना। मनिहारी में किशोर ने जिले में अव्वल रहते हुए माइनर स्कूल की पढ़ाई पूरी की है और उसे छात्रवृत्ति भ



This happens :3

I learned that If you say '‪#‎Calm_Down‬' :) repeatedly to people who are already calm, they ‪#‎Freak_Out‬ !! -_- ‪#‎AB‬


गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व

गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व जो प्रति वर्ष २६ जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन १९५० को भारत का संविधान लागू किया गया था। इतिहास सन १९२९ के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई क


एक कविता देश और देश के युवा को समर्पित- लेखक स्वर्गीय देशभक्त राम प्रसाद बिस्मिल

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है (ऐ वतन,) करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत, देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत, मैं तेरे ऊपर निसार, अब तेरी हिम्मत का चरचः ग़ैर की महफ़िल में है सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


घुन्चापाली का चंडी मंदिर

वृत्त चित्र घुन्चापाली का चंडी मंदिर आलेख- विभाष कुमार झा यदि ये कहा जाये कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने एक साथ दो वरदान दिए हैं- तो कुछ गलत नहीं होगा. ये दो वरदान हैं- यहाँ की दुर्लभ प्राकृतिक सुंदरता और धरती के गर्भ में छिपे अपार प्राकृतिक संसाधन. चाहे प्रकृति की अनुपम सुंदरता हो या


स्वर्ण सिक्का राज्य अपार्टमेंट लखनऊ ( कानपूर मार्ग )

Premium Quality Lifestyle परियोजना क्षेत्र 82 एकड़ प्रकार आवासीय उप-प्रकार 2,3 शयन हॉल किचन ऊँचाई भूतल +14 और G+16 Floors आकर 1090 Sq.ft. - 1662 Sq.ft. दर Rs. 3000 Per Sq.ft. मूल्य Rs. 32.70 Lacs o


पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को हाईकोर्ट बेंच दे

बेंच को लेकर वकीलों की तालाबंदी,कचहरी गेट पर दिया धरना ,इलाहाबाद बार का पुतला फूंका ,वकीलों से झड़पें ऐसी सुर्खियां समाचारपत्रों की १९७९ से बनती रही हैं और अभी आगे भी बनते रहने की सम्भावना स्वयं हमारी अच्छे दिन लाने वाली सरकार ने स्पष्ट कर दी है क्योंकि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के



औरत होने की कैसी सजा रे ?

धुँधला धुँधला है सारा जहां रे , औरत होने की कैसी सजा रे ? दिल के सब अरमां धूं -धूं कर जलते , घूँघट के भीतर कितना धुँआ रे ! .................................. कैसी ले किस्मत दुनिया में आती , खिलने से पहले ही ये है मुरझाती , ये तो हंसकर है सब कुछ सह जाती , अपने आंसू भी खुद ही पी जाती , इसको लगी किसकी



भारत और अमेरिका रिश्ता

भारत और अमेरिका के सुर अतीत में भले ही एक दूसरेसे मेल न खाते रहे हो परंतु आज स्थिति में वांछितबदलाव है। दोनों ही देश के प्रमुख विकास के मुद्दे परआम सहमति रखने वाले है। वैश्विक मंचो परदोनों ही देश गर्मजोशी से मिले है औरविचारधारा में भी आपसी समन्वय है। रिश्तों औरआकांक्षाओं की बात करने से पहले पूर्व मे



25 जनवरी 2015

मेरे दादा दादी

छोटी छोटी बाताें पर जब हम रूठ जाते थे, दादा दादी तब हमको खूब मानते थे, जब भी वो पल हमको याद आते थे, आँंख़ैं तो छोडो दिल भी भीग जाते थे|


ऋतुराज बसंत -गीत

भोर की किरण फूटी कोयल जब कूकी मन बरबस हरषा गया लगा बसंत आ गया यादों के पृष्ठ पलट डाले दिन याद आये लड़कपन वाले उपवन का हर फूल हर्षा गया लगा बसंत आ गया दिन में सूरज गरमाने लगा सर्द मौसम भी शर्माने लगा ह्रदय में फिर अनुराग छा गया लगा बसंत आ गया खेतों में रंग बिखरे पीली सरसों और निखरे पील


66वां गणतंत्र दिवस

सभी मित्रो को गणतंत्र दिवस की हार्दिक ​शुभकामनाये


वार्डनों की तैनाती में हुई मनमानी

सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डनों की तैनाती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर में तैनात रहे उपनियंत्रकों ने गुपचुप ढंग से वार्डनों की तैनाती कर ली। पिछले दिनों तबादले के बाद कानपुर आए उप नियंत्रक रवींद्र कुमार ने पत्रावलियों की जांच की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। माना जा रहा है कि यहां आठ सौ ऐसे वार्





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