शेर

लुटेरे बन गए हो तुम, महफिले लूट लेते हो सजा अब आपको है मुकर्रर महफिले सजाने की



इंडिपेंडेंट टिकटोक कॉल गर्ल्स इन दिल्ली

Do you want to have the most intimatemoments with the most beautiful girl? We usually have desire to spend qualitynight with the most interesting and affable girl who is extremely beautiful anddown to earth too. Girls who remain hygieni



सच - दो लफ़्जों की कहानी

सच को कड़वा ही रहने दो दोस्तो.गर वो मीठा होता तो तिजारत ही बन जाता.शिल्पा रोंघे



खुदा

खुदा बेरहम हो नहीं सकता!क़ायनात का दम घुट नहीं सकता!!फक़त औजार हैं हम तेरे,बेगुनाह पर वार हो नहीं सकता!!!डॉ. कवि कुमार निर्मल



स्वप्न मेरे: हमारी नाव को धक्का लगाने हाथ ना आए

लिखे थे दो तभीतो चार दाने हाथ ना आएबहुत डूबेसमुन्दर में खज़ाने हाथ ना आएगिरे थे हम भीजैसे लोग सब गिरते हैं राहों मेंयही है फ़र्क बसहमको उठाने हाथ ना आएरकीबों ने तोसारा मैल दिल से साफ़ कर डाला समझते थे जिन्हेंअपना मिलाने हाथ ना आएसभी बचपन कीगलियों में गुज़र कर देख आया हूँकई कि



tabib khan

my bhatiji pongro



tabib khan

my bhatiji pongro



tabib khan

my bhatiji pongro



tabin khan

thanks so much kiran



मैं और मेरी तन्हाई

खुद से ही बातें करती हूँ, खुद से चुप हो जाती हूँ, खुद से गाना गाती हूँ, खुद को ही सुनती हूँ, तनहा तनहा तन्हाई, जीवन में भर्ती जाती है, मेला जो चारो ओर है, बेमतलब होता जाता है तन्हाई होती जाती है गहन



इश्क

मरते वो भी है जो इश्क नहीं करते, फिर इश्क करने में क्या बुराई है. (आलिम) दिल से की शायरी दिमाग तक जाती नहीं, दिमाग़ से की आशिकी दिल तक जाती नहीं.(आलिम) कामयाब ना हुए कह अपने दिल की बाते तो क्या, गुनाहगार ना हुए कर दिमागी बाते ये कम ह



इबादत

इबादत ख़ुदा कि मैं भी कर तो लू, जो तेरी यादे छोड़ दे मुझको, बाँध कर यादो ने तेरी मुझे खुद से ही नहीं ख़ुदा से भी दूर कर दिया. (आलिम)



दाग़

गर उनको मुहब्बत होती तो कुछ ऐसा किया होता, मुझको ही नहीं खुद को भी, बदनाम किया होता. अपने दामन के दागों को यूँ ना छुपाया होता, बस दामन को हमारे ही दाग़दार ना किया होता. खुश है कि चलो इश्क ना सही इश्के दाग तो मिला, उनको तो ना इश्क मिला ना इश्क का दा



मुहब्बत

मौत को नकारकर ज़िंदगी से मुहब्बत कर लिया , क़ातिल को भी जीने को मज़बूर अलबत कर लिया , अब उन्हें महसूस है अपनी कारस्तानी का "रंजन", अब तड़पते हैं जान देने को, जब मुहब्बत कर लिया ।। https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com https://s



नीतेश शाक्य

ज़माने की हकीकत में झूठ मिले, मेरे दोस्त खजाना लूट चले | मैने जिनके लिए इतने बैश किये, मुझे धोखा दे गैरों पे मरे || मुहब्बत में धोखे हजारों मिले, जो जाने कभी न मुहब्बत करे | वो गैरों की बाहों में सोने लगे, मेरे प्यारे हम क्या खिलौने लगे || जब चाहा दिल तोड़ चले,



चेताबनी शायरी by नीतेश शाक्य

सोने के पीछे सोना भुला दिया, खजाना भूल के खजाना लुटा दिया | दौलत के खजाने के पीछे , दिल का खजाना भुला दिया | जान गए मन की तेरी, तू औरों के दिल मे बसी | तू है पराये दिल की चिड़िया, समझे नहीं मेरे दिल के कभी|| जिस-जिस को धोखा मिला, सोचले वह अब मुझे जीने का मौका



वक्त

ना वक्त को ज़रूरत तेरी है, ना ज़रूरत वक्त को मेरी है.वक्त तो चलता है चाल अपनी, ज़रूरत वक्त की हम तुम को है. वक्त के साथ जो भी चल पड़ा, वक्त उसका, ये ज़माना उसका है. वक्त की मुश्क से ना कोई बचा, ना जाने शाह कितने इसमें मिल गए. था जिन्ह



आज की कवायत

''कवायत आज की"जख़्म से दिल जार - जार हुआअपने भी पराये समझ रहे,मन में फ़कीरी का ख़्याल हुआदुनिया का अज़ुबा इंतिहा हुआ★★★★★★★★★★★★ख़्वाब का क्या (?) है भरोसा-कब (?) टूट कर बिखर जाएँयादों का गुबार तक गुम होअलविदा कह जाएतन नहीं दिल बनदिल में समा जाओतूंफा झेल कर किया कबूल,गहरी ख़ंदक नफ़रत की न बनाओ★★★★★★★★★★★★★



जीवन आपा-धापी “एजिटे-शन” है ...

ठँडी मीठी छाँवकभी तीखा “सन” है जीवन आपा-धापी“एजिटे-शन” है इश्क़ हुआ तो बसझींगालाल



मासूम

मासूम बन के बहुत दिल तोड़ लिए साहिब, अब गुनाह कबूलने का है वक्त आ गया. आग इश्क की लगाईं जो है दिल में मेरे, उस आग में जलने का तेरा वक्त आ गया. ना जियेंगे हम ना तुम ही यूँ जी पाओगे, खेल आग का है इससे यूँ बच ना पाओगे. आसान





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