"गज़ल"उड़ा अपना तिरंगा है लगा आसमान का तारातिरंगा शान है जिसकी वो हिंदुस्तान का प्यारा

16 अगस्त 2018   |  महातम मिश्रा   (137 बार पढ़ा जा चुका है)

वज़्न- १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ काफ़िया-आन रदीफ़- का आरा


"गज़ल"


उड़ा अपना तिरंगा है लगा आसमान का तारा

तिरंगा शान है जिसकी वो हिंदुस्तान का प्यारा

कहीं भी हो किसी भी हाल में फहरा दिया झंडा

जुड़ी है डोर वीरों से चलन इंसान का न्यारा।।


किला है लाल वीरों का जहाँ रौनक सिपाही की

गरजता शेर के मानिंद हिंद उत्थान का नारा।।


दिखा उत्साह बच्चों में इरादों में दिखी चाहत

नज़ारा देखते बनता चढ़ा विज्ञान का पारा।।


सलामी तोप की तलवार की हुक्कार वीरों की

कदम की ताल पर चलता रहा ईमान का दारा।।


सुने जयहिंद का नारा तो दुश्मन हो गए घायल

निगाहों से बहा उनके सरक जल नयन का खारा।।


कहाँ नादान है गौतम मिला उनसे भी जाकर के

अदब से ही मिले वो भी लिए जो दान का चारा।।


महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: "गज़ल"आदमी भल फरज मापता रह गया



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 अगस्त 2018
काफिया- आ स्वर रदीफ़-नहीं यूँ ही वज्न- १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ “गज़ल” बहाने मत बनाओ जी धुआँ उठता नहीं यूँ ही लगाकर आग बैठे घर जला करता नहीं यूँ हीयहाँ तक आ रहीं लपटें धधकता है वहाँ कोना तनिक जाकर शहर देखों किला जलता नहीं यूँ ही॥सुना है जल गई कितनी इमारत बंद कमरों की खिड़कियाँ रो
13 अगस्त 2018
06 अगस्त 2018
“कुंडलिया”पकड़ो साथी हाथ यह हाथ-हाथ का साथ। उम्मीदों की है प्रभा निकले सूरज नाथ।।निकले सूरज नाथ कट गई घोर निराशा। हुई गुफा आबाद जिलाए थी मन आशा॥ कह गौतम कविराय कुदरती महिमा जकड़ो। प्रभु के हाथ हजार मुरारी के पग पकड़ो॥-१बारिश में छाता लिए डगर सुंदरी एक। रिमझिम पवन फुहार नभ पथ
06 अगस्त 2018
20 अगस्त 2018
"दोहा"इंसानों के महल में पलती ललक अनेक।खिले जहाँ इंसानियत उगता वहीँ विवेक।।जैसी मन की भावना वैसा उभरा चित्र।सुंदर छाया दे गया खिला साहसी मित्र।।अटल दिखी इंसानियत सुंदर मन व्यवहार।जीत लिया कवि ने जगत श्रद्धा सुमन अपार।।महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी
20 अगस्त 2018
27 अगस्त 2018
"
मापनी - 22 22 2222"गीत"कितना सुंदर मौसमआया साथी तेरा साथसुहायापकड़ चली हूँ तेरीबाहेंआँचल मेरा नभलहराया।।रहना हरदम साथ हमारेशीतल है कितनी यहछाया।।नाहक उड़ते विहगअकेलेमैंने भी मन कोसमझाया।।दूर रही अबतक छविमेरीआज उसे फिर वापसपाया।।चँहक रही हूँ खेलरही हूँसाजन तूने मनहरषाया।।गौतम तेरा बाग खिलाहैभौंरा सावन
27 अगस्त 2018
06 अगस्त 2018
५-८-१८ मित्र दिवस के अनुपम अवसर पर आप सभी मित्रों को इस मुक्तक के माध्यम से स्नेहल मिलन व दिली बधाई"मिलन मुक्तक"भोर आज की अधिक निराली ढूँढ़ मित्र को ले आई।सुबह आँख जब खुली पवाली रैन चित्र वापस पाई।देख रहे थे स्वप्न अनोखा मेरा साथी आया है-ले भागा जो अधर कव्वाली मैना कोयलिया
06 अगस्त 2018
21 अगस्त 2018
आपने अटल बिहारी वाजपेयी, श्रीदेवी, जयललिता, करुणानिधि और शहीद हुए हमारे वीर जवानों के शव तिरंगे में जरूर लिपटे देखे होंगे लेकिन क्या आपको मालूम है जिस तिरंगे में देश के सपूतों को लपेटा जाता है उस तिरंगे का क्या किया जाता है।फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के अनुसार पदम् भूषण, पद
21 अगस्त 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x