“गज़ल” जुर्म को नजरों से छुपाता रह गया शायद

17 सितम्बर 2018   |  महातम मिश्रा   (98 बार पढ़ा जा चुका है)

काफ़िया- आ स्वर, रदीफ़- रह गया शायद


“गज़ल”


जुर्म को नजरों से छुपाता रह गया शायद

व्यर्थ का आईना दिखाता रह गया शायद

सहलाते रह गया काले तिल को अपने

नगीना है सबको बताता रह गया शायद॥


धीरे-धीरे घिरती गई छाया पसरी उसकी

दर्द बदन सिर खुजाता रह गया शायद॥


छोटी सी दाग जब नासूर बन गई माना

मर्ज गैर मलहम लगाता रह गया शायद॥

लोग कहते हैं जमाने की नजर गुमराह है

था मर्म बेपरवाह जिलाता रह गया शायद॥


झूठ के शृंगार को सतरूप कहाँ देखता

रौनक हवा सी उड़ी देखता रह गया शायद॥


गौतम तेरे विश्वास को विश्वास ने चाहा बहुत

टूटने की चीज को तू जोड़ता रह गया शायद॥


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: "गज़ल" रुला कर हँसाते बड़ी सादगी से



महातम मिश्रा
19 सितम्बर 2018

दिल से आभारी हूँ सम्मानित शब्दनगरी मंच का इस गज़ल को विशिष्ट रचना का सम्मान प्रदान करने के लिए, ॐ जय माँ शारदा!

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
10 सितम्बर 2018
"
"पद"मोहन मुरली फिर नबजानाराह चलत जल गगरीछलके, पनघट चुनर भिगाना।लाज शरम की रहनहमारी, मैँ छोरी बरसाना।।गोकुल ग्वाला बालाछलिया, हरकत मन बचकाना।घूरि- घूरि नैनामलकावें, बात करत मुसुकाना।।अब नहिं फिर मधुबनको आऊँ, तुम सौ कौन बहाना।रास रचाना बिनुराधा के, और जिया पछिताना।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
10 सितम्बर 2018
06 सितम्बर 2018
“कुंडलिया”आती पेन्सल हाथ जब, बनते चित्र अनेक। रंग-विरंगी छवि लिए, बच्चे दिल के नेक॥ बच्चे दिल के नेक, प्रत्येक रेखा कुछ कहती। हर रंगों से प्यार, जताकर गंगा बहती॥ कह गौतम हरसाय, सत्य कवि रचना गाती। गुरु शिक्षक अनमोल, भाव शिक्षा ले आती॥ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
06 सितम्बर 2018
14 सितम्बर 2018
“छंद मुक्त काव्य“(मैं इक किसान हूँ) किस बिना पै कह दूँकि मैं इक किसान हूँजोतता हूँ खेत, पलीत करता हूँ मिट्टी छिड़कता हूँ जहरीलेरसायन घास पर जीव-जंतुओं का जीनाहराम करता हूँ गाय का दूध पीताहूँ गोबर से परहेज है गैस को जलाता हूँपर ईधन बचाता हूँ अन्न उपजाता हूँगीत नया गाता हूँ आत्महत्या के लिएहैवान बन जा
14 सितम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x