हँसना अच्छा है .

22 जुलाई 2019   |  pradeep   (41 बार पढ़ा जा चुका है)

हँसना अच्छा है .

आलिम यूँ तो हँसना अच्छा है, हँसाना अच्छा है,

गैरों पे नहीं खुद पे हँसना- हँसाना अच्छा है.(आलिम )

दूसरों को ना सिखाओ उन्हें क्या करना है,

ख़ुद भी कुछ करके दिखाओ तो अच्छा है. (आलिम)

महज़ मुल्कपरस्ती की बातो से मुल्क चलते नहीं,

मुल्क की ख़ातिर कुछ करके बताओ तो अच्छा है. (आलिम)

गड़े मुर्दे खोदने से तरक्की होती नहीं आलिम,

सपुर्दे-खाक से पहले कर दिखाओ तो अच्छा है.(आलिम)

अगला लेख: बापू



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
30 जुलाई 2019
गो
गाँधी जी हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं थी बल्कि कोशिश थी अहिंसा की विचारधारा को ख़त्म करने की. गांधीजी की हत्या के पीछे कोई मामूली कारण नहीं है, यह एक बहुत ही गहरी साज़िश थी, यह किसी एक मज़हब या एक वर्ग के लोगों की नहीं जैसा की बताया या समझाया जाता है. इस हत्या के पीछ
30 जुलाई 2019
14 जुलाई 2019
इश्क पर ज़ोर नहीं, ये तो सुना था,इश्क पर सबका ज़ोर, नहीं सुना था. इश्क हमने किया परेशान दुनिया है, परेशान हम भी तो इस दुनिया से है.ज़िंदगी मेरी किसी की अमानत तो नहीं, मेरी ज़िंदगी अपनी जागीर समझ बैठे है. ख़ुद इश्क के क़ाबिल नहीं
14 जुलाई 2019
14 जुलाई 2019
अन्धकार से लड़ना और अंधकार में लड़ना दोनों में ज़मीन आसमान का फ़र्क है. आज लोग अँधेरे से नहीं बल्कि अँधेरे में लड़ रहे है. आफ़ताब की रोशनी और चाँद की चाँदनी भी इस अंधकार को खत्म
14 जुलाई 2019

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x